मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (MMUA): स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ₹10,000 सीड मनी, असम
ध्यान दें: हम पक्का नहीं कर पाए कि यह योजना इस समय चल रही है। ₹10,000 एक बार · सीड मनी (उद्यमिता फ़ंड), काम शुरू करने के लिए। किसे: परिवार में कोई महिला हो, महिला का बचत बैंक खाता आधार से जुड़ा हो, महिला के अभी 3 से ज़्यादा बच्चे न हों।
स्टेटस: ध्यान दें: हम पक्का नहीं कर पाए कि यह योजना इस समय चल रही है। मुख्यमंत्री की प्रेस नोट के मुताबिक़ 12 मार्च 2026 तक 29,33,999 महिलाओं को ₹10,000 मिल चुके थे। मई 2026 के चुनाव के बाद क्या हुआ, यह हमें किसी रिकॉर्ड में नहीं मिला। 10 अगस्त 2026 की प्रेस नोट में मुख्यमंत्री ने दोबारा शुरू हुई योजनाएँ गिनाईं, और उनमें यह नहीं थी। इसलिए हम पक्का नहीं कह पाते कि नई महिलाओं को अब ₹10,000 मिल सकते हैं। हक़दार कौन है, यह मुख्यमंत्री ऑफ़िस के सितंबर 2024 के लेख से है, गाइडलाइन से नहीं। 2 नवंबर 2026 को देखा।
नए आवेदन खुले हैं या नहीं: मुख्यमंत्री ऑफ़िस के लेख (25 सितंबर 2024) के मुताबिक़ यह ₹10,000 असम स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन में रजिस्टर्ड औरतों के सेल्फ़-हेल्प ग्रुप (SHG) की हक़दार मेंबर को मिलता है। आवेदन का कोई तरीक़ा, तारीख़ या फ़ॉर्म हमें किसी पन्ने पर नहीं मिला। चुनाव के बाद दोबारा शुरू हुई स्कीमों की मुख्यमंत्री की 10 अगस्त 2026 की लिस्ट में यह स्कीम नहीं है। पैसा बाँटने की ख़बरें 12 मार्च 2026 तक की प्रेस नोट में हैं।
क्या मिलता है
₹10,000 एक बार · सीड मनी (उद्यमिता फ़ंड), काम शुरू करने के लिए (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: सीधे महिला के बैंक खाते में
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- परिवार में कोई महिला हो। योजना महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए है। हर महिला को अलग मिलता है, पर हम परिवार के लिए एक बार ही ₹10,000 दिखाते हैं
- महिला का बचत बैंक खाता आधार से जुड़ा हो। हमारा फ़ॉर्म परिवार के खाते के बारे में पूछता है
- महिला के अभी 3 से ज़्यादा बच्चे न हों। SC, ST (और मोरान, मटक, चाय जनजाति) की महिला के लिए हद 4 बच्चे है। हमारा फ़ॉर्म परिवार के बेटे-बेटियाँ गिनता है
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- बच्चों की गिनती 3 से ऊपर जाए (SC, ST के लिए 4 से ऊपर)
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- महिला किसी ऐसे स्वयं सहायता समूह (SHG) की एक्टिव सदस्य हो जो असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में रजिस्टर्ड हो। शहर के लिए अलग योजना (MMUA-नगरिया) है, उसकी शर्तें हमने नहीं पढ़ीं। हमारे फ़ॉर्म में SHG का सवाल नहीं है (यहाँ देखें: pnrd.assam.gov.in)
- महिला ने SHG, फ़ेडरेशन या बैंक से पहले लिया क़र्ज़ चुकाया हो। 2021 से पहले माइक्रोफ़ाइनेंस कंपनियों से लिए क़र्ज़ पर वह डिफ़ॉल्टर नहीं गिनी जाती (यहाँ देखें: pnrd.assam.gov.in)
- महिला का कम से कम एक कमाई वाला काम हो और अपने काम का बिज़नेस प्लान हो (यहाँ देखें: pnrd.assam.gov.in)
- लिस्ट में यह भी लिखा है: महिला स्कूल में पढ़ रही बेटी की माँ हो, और अमृत वृक्ष आंदोलन में लगाया उसका पौधा आज ज़िंदा और बढ़ रहा हो। इनमें से कौन-सी बात सबके लिए ज़रूरी है, यह गाइडलाइन के बिना साफ़ नहीं (यहाँ देखें: pnrd.assam.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑफ़लाइन: महिला के स्वयं सहायता समूह और असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के ज़रिए। शहर में असम राज्य शहरी आजीविका मिशन सोसाइटी के ज़रिए (MMUA-नगरिया)। आवेदन का पता या तारीख़ हमें किसी रिकॉर्ड में नहीं मिली
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
आवेदन के बाद
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
असम में शिकायत
- असम सरकार के मुख्यमंत्री पोर्टल पर 'Write to Chief Minister' में सरकारी सर्विस और योजनाओं से जुड़ी शिकायत मुख्यमंत्री को लिखी जा सकती है। (cm.assam.gov.in)
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
और ज़रूरी बातें
- मुख्यमंत्री की 2026 की प्रेस नोटों के मुताबिक़ पहली रकम ठीक से इस्तेमाल हुई तो दूसरी बार ₹25,000 और तीसरी बार ₹50,000 मिलेंगे। इसका कोई ऑर्डर हमें नहीं मिला, इसलिए हम इसे नहीं गिनते
- कैबिनेट के 23 फ़रवरी 2024 के फ़ैसले (शहर की MMUA-नगरिया) में दूसरा फ़ेज़ अलग लिखा है: बैंक से कम से कम ₹25,000 का क़र्ज़, जिस पर सरकार 50% या ₹12,500 (जो कम हो) की कैपिटल सब्सिडी देती है। मुख्यमंत्री की बातों और इस फ़ैसले में फ़र्क़ है
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।