दिव्यांग स्टूडेंट के लिए प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप (कक्षा 9 और 10)
₹3,000 साल में · कम से कम ₹3,000 साल: किताबों के ₹1,000 और दिव्यांगता भत्ता ₹2,000 (आँख या दिमाग़ी कमज़ोरी में ₹4,000)। इसके ऊपर हर महीने मेंटेनेंस: हॉस्टल में ₹800, डे स्कॉलर को ₹500; कितने महीने, यह गाइडलाइन में नहीं मिला। किसे: दिव्यांगता 40% या ज़्यादा, सही डिसेबिलिटी सर्टिफ़िकेट के साथ, क्लास 9 या 10 में रेगुलर फ़ुल-टाइम पढ़ाई, सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल में, माता-पिता की कमाई साल में ₹2.5 लाख से ज़्यादा न हो।
स्टेटस: NSP पर 2026-27 में यह 25-07-2026 से 31-10-2026 तक खुली है। गाइडलाइन 25 सितंबर 2024 के ऑफ़िस मेमोरेंडम से बदली हैं।
आवेदन कब होता है: NSP की "Schemes on NSP" लिस्ट (AY 2026-27) में स्कीम 25-07-2026 से खुली थी और स्टूडेंट्स के आवेदन 31-10-2026 को बंद हो गए (NSP पर "Student Application Closed on : 31-10-2026" लिखा है); कमी वाले आवेदन और इंस्टीट्यूट का वेरिफ़िकेशन 15-11-2026 तक है। यानी 2026-27 के नए आवेदन की खिड़की ख़त्म हो चुकी है, अगले साल की तारीख़ NSP पर आएगी। आवेदन से पहले दिव्यांग स्टूडेंट को UDID पोर्टल पर लॉगिन करके सहमति देनी होती है। सीटें तय हैं और पहले रिन्यूअल निपटते हैं
क्या मिलता है
₹3,000 साल में · कम से कम ₹3,000 साल: किताबों के ₹1,000 और दिव्यांगता भत्ता ₹2,000 (आँख या दिमाग़ी कमज़ोरी में ₹4,000)। इसके ऊपर हर महीने मेंटेनेंस: हॉस्टल में ₹800, डे स्कॉलर को ₹500; कितने महीने, यह गाइडलाइन में नहीं मिला (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: NSP के ज़रिए सीधे खाते में (DBT)
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- दिव्यांगता 40% या ज़्यादा, सही डिसेबिलिटी सर्टिफ़िकेट के साथ
- क्लास 9 या 10 में रेगुलर फ़ुल-टाइम पढ़ाई, सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल में
- माता-पिता की कमाई साल में ₹2.5 लाख से ज़्यादा न हो
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- कमाई साल में ₹2.5 लाख से ऊपर जाए
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: scholarships.gov.in
- ऑफ़लाइन: स्कूल के ज़रिए
- स्टेटस: scholarships.gov.in
- फ़ीस: NSP के नोटिस के मुताबिक़ NSP की सर्विस कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर भी मिलती हैं। वहाँ NSP का फ़ॉर्म भरवाने के पूरे काम (रेफ़रेंस नंबर, बायोमेट्रिक, OTR और पूरा आवेदन फ़ॉर्म) का कुल चार्ज ₹30 तय है, सब टैक्स मिलाकर। यह CSC के काम का चार्ज है; इस स्कीम की अपनी फ़ीस के बारे में इस नोटिस में कुछ नहीं लिखा
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- UDID कार्ड या UDID एनरोलमेंट नंबर, साथ में 40% या ज़्यादा दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट। आधार से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन भी चाहिए (गाइडलाइन पैरा 2)
- NSP के ऐलान के मुताबिक़ आवेदन से पहले दिव्यांग स्टूडेंट को UDID पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी UDID की जानकारी NSP को देने की सहमति देनी होती है, वरना आवेदन जमा नहीं हो पाएगा
- NSP फ़ॉर्म पर अपलोड: फ़ोटो, उम्र का सबूत, दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट, माँ-बाप का इनकम सर्टिफ़िकेट (आय प्रमाण पत्र), ट्यूशन फ़ीस की रसीद और पिछली पढ़ाई का सर्टिफ़िकेट (गाइडलाइन पैरा 7)
- NSP का OTR नंबर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन)। यह आधार या आधार एनरोलमेंट ID से बनता है। NSP के मुताबिक़ AY 2024-25 से स्कॉलरशिप के आवेदन के लिए OTR ज़रूरी है
आवेदन के बाद
शिकायत
- DEPwD के पेज के मुताबिक़ डिपार्टमेंट के ख़िलाफ़ किसी भी शिकायत को CPGRAMS पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। उसी पेज पर शिकायत अधिकारी का पोस्टल पता भी है (pgportal.gov.in)
- NSP हेल्पडेस्क: 0120-6619540 (रोज़ सुबह 8 से रात 8 बजे तक, सरकारी छुट्टी को छोड़कर), ईमेल helpdesk@nsp.gov.in
- NSP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के लिए "Grievance Registration" पेज है (nsp.gov.in)
पैसा मिलता रहे, इसके लिए
- अच्छे चाल-चलन और नियमित हाज़िरी के साथ अगली क्लास में प्रमोशन होने पर (एग्ज़ाम यूनिवर्सिटी ले या इंस्टीट्यूट) स्कॉलरशिप हर साल रिन्यू होती है (गाइडलाइन के मुताबिक़)
- बीमारी या किसी और अनहोनी की वजह से सालाना एग्ज़ाम न दे पाएँ तो मेडिकल सर्टिफ़िकेट या काफ़ी सबूत देने पर अगले साल के लिए रिन्यूअल हो सकता है (गाइडलाइन के मुताबिक़)
छूटा हुआ पैसा
- रिन्यूअल में पैसा पिछले साल जिस महीने तक मिला उसके अगले महीने से मिलता है, अगर कोर्स लगातार चल रहा हो (गाइडलाइन के मुताबिक़)
स्टेटस का मतलब
- सीटें तय हैं: नए आवेदन तभी देखे जाते हैं जब सब रिन्यूअल निपट जाएँ और सीटें बचें। यानी सारी शर्तें पूरी होने पर भी स्कॉलरशिप पक्की नहीं (गाइडलाइन के मुताबिक़)
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- UDID कार्ड या UDID का एनरोलमेंट नंबर; NSP के हिसाब से पहले UDID पोर्टल पर लॉग-इन करके UDID की जानकारी देने की सहमति देनी होती है। साथ में आधार और बायोमेट्रिक पहचान
और ज़रूरी बातें
- सीटें हर साल तय हैं (पहले पुराने स्टूडेंट का रिन्यूअल, फिर नए), इसलिए शर्तें पूरी होने पर भी मिलना पक्का नहीं। कम से कम 50% सीटें लड़कियों की हैं
- एक ही माता-पिता के ज़्यादा से ज़्यादा 2 दिव्यांग बच्चों को मिलती है (दूसरे बच्चे का जुड़वाँ भी आ सकता है)। कोई दूसरी स्कॉलरशिप या वज़ीफ़ा साथ में नहीं
क्या बदला
- 25 सितंबर 2024: 25 सितंबर 2024 के ऑफ़िस मेमोरेंडम से "स्कॉलरशिप फ़ॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज़" की गाइडलाइन में बदलाव तुरंत लागू हुए (सोर्स)
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।
सोर्स
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Revision of guidelines of the Central Sector Umbrella Scheme 'Scholarships for Students with Disabilities' (Office Memorandum with revised scheme)
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National Scholarship Portal - Student announcements (UDID rule)
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National Scholarship Portal - Schemes on NSP, Academic Year 2026-27 (Central Sector tab)
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National Scholarship Portal - home page and student announcements (Academic Year 2026-27; "Last update on June 2026")
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DEPwD - Public Grievance page (CPGRAMS and the Grievance Redressal Officer)
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National Scholarship Portal - Helpdesk page (NSP helpline, email, hours)