विधवा पेंशन (संकट में पड़ी महिलाओं की पेंशन), दिल्ली
₹2,500 महीना। किसे: महिला, विधवा, तलाक़शुदा, अलग रह रही या छोड़ी गई महिला, उम्र 18 साल या ज़्यादा (ऊपर कोई सीमा नहीं) और 2 और शर्तें।
स्टेटस: महिला और बाल विकास डिपार्टमेंट का पेज यही रक़म चालू बताता है और लिखता है कि लगभग 3.5 लाख महिलाओं को मिल रही है। पेज पर रक़म की तारीख़ और ऑर्डर का नंबर नहीं लिखा, इसलिए रक़म किसी ऑर्डर से नहीं, डिपार्टमेंट के पेज से ली गई है।
क्या मिलता है
₹2,500 महीना (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: हर महीने बैंक खाते में (RBI के ECS या PFMS से)
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- महिला
- विधवा, तलाक़शुदा, अलग रह रही या छोड़ी गई महिला
- उम्र 18 साल या ज़्यादा (ऊपर कोई सीमा नहीं)
- आवेदन करने वाली महिला की अपनी सालाना कमाई ₹1,00,000 से ज़्यादा न हो। फ़ॉर्म में पूरे घर की कमाई पूछी जाती है, इसलिए इससे ऊपर होने पर 'शायद' दिखता है, 'नहीं' नहीं
- इसी काम के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, MCD/NDMC या किसी और से पेंशन न मिल रही हो
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- दोबारा शादी हो जाए
- महिला की कमाई साल में ₹1,00,000 से ऊपर जाए
- कोई दूसरी पेंशन मिलने लगे
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- आवेदन की तारीख़ से पहले 5 साल से ज़्यादा समय से दिल्ली में रह रही हों (यहाँ देखें: wcd.delhi.gov.in)
- गुज़ारे का कोई पक्का सहारा न हो; पेज कहता है महिला 'ग़रीब, ज़रूरतमंद और कमज़ोर' हो (यहाँ देखें: wcd.delhi.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: edistrict.delhigovt.nic.in
- ऑफ़लाइन: महिला और बाल विकास डिपार्टमेंट के ज़िला दफ़्तर (तरीक़ा पेज पर नहीं लिखा)
- स्टेटस: nsap.nic.in
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- आधार कार्ड; आधार के बिना आवेदन वाला पोर्टल नहीं चलता
- उम्र का सबूत, कोई एक: MCD या रजिस्ट्रार का बर्थ सर्टिफ़िकेट, स्कूल छोड़ने का सर्टिफ़िकेट, मैट्रिक या दसवीं का सर्टिफ़िकेट, पैदाइश पर अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप, वोटर आईडी, PAN, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार, पासपोर्ट, उम्र का मेडिकल सर्टिफ़िकेट, या जन्मतारीख़ और जगह लिखा कोई सरकारी काग़ज़
- विधवा, तलाक़शुदा, अलग रह रही, छोड़ी हुई या बेसहारा होने का सबूत: पति का डेथ सर्टिफ़िकेट (मृत्यु प्रमाण पत्र), तलाक़ का फ़ैसला, अलग होने का काग़ज़, तलाक़ की कार्यवाही के काग़ज़, या छोड़े जाने या अलग होने को साबित करने वाला कोई और काग़ज़
- दिल्ली में पिछले 5 साल रहने का सबूत, कोई एक: वोटर आईडी, PAN, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार, पासपोर्ट, बीमा पॉलिसी, बिजली, पानी या फ़ोन का बिल या गैस की रसीद, उसी पते वाली बैंक पासबुक, प्रॉपर्टी के काग़ज़, या 5 साल का किराया क़रारनामा
- दिल्ली के किसी बैंक में अकेले के नाम का, आधार से जुड़ा खाता, और पिछले एक साल की बैंक पासबुक या स्टेटमेंट
- SC या ST हो तो उसी के नाम का सक्षम अधिकारी का सर्टिफ़िकेट; अल्पसंख्यक हो तो धर्म का सेल्फ़ डिक्लेरेशन, जिसे धार्मिक संगठन से वेरिफ़ाई कराया गया हो
- एक पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- कमाई का सेल्फ़ डिक्लेरेशन (पोर्टल पर दिया फ़ॉर्मैट चलेगा); किसी की सिफ़ारिश या अटेस्टेशन नहीं चाहिए
- पाँच साल के रहने का काग़ज़ न हो तो दो गवाह (RWA के प्रधान या महामंत्री, रजिस्टर्ड दुकानदार या डॉक्टर, दो पड़ोसी, महिला SHG की प्रधान, ICDS सुपरवाइज़र या आशा, गज़टेड अफ़सर, या काम देने वाले की चिट्ठी) ज़िले के WCD अफ़सर के सामने आएँ, अपने पहचान और रहने के काग़ज़ों के साथ
आवेदन के बाद
पैसा मिलता रहे, इसके लिए
- FAQ में लिखा है कि विधवा पेंशन किन वजहों से रुकी: आधार NPCI से बैंक खाते में लिंक नहीं; बैंक खाता बंद या इनएक्टिव; एक से ज़्यादा पेंशन; वेरिफ़िकेशन ड्राइव में घर पर न मिलना; घर बदलकर ज़िला ऑफ़िस को न बताना; महिला ख़ुद रोकने को कहे; दोबारा शादी; मौत।
- वेरिफ़िकेशन ड्राइव में फ़ायदा पाने वाली के घर जाकर देखा जाता है। दिल्ली में घर बदले या बैंक खाता बदलना हो तो सबूत के साथ ज़िले के WCD ऑफ़िस में अर्ज़ी दें (FAQ)।
- दोबारा शादी हो तो फ़ायदा पाने वाली ख़ुद सेल्फ़ डिक्लेरेशन के साथ ज़िला ऑफ़िस को बताए। मौत पर रिश्तेदार डेथ सर्टिफ़िकेट के साथ बताए (FAQ)। झूठे काग़ज़ों पर मंज़ूर हुई पेंशन रोकी जाती है, पैसा वसूला जाता है और सज़ा की कार्रवाई होती है।
- आधार और बैंक का लिंक UIDAI की साइट पर 'Aadhaar Linking Status' में देखें। 'Inactive' दिखे तो बैंक शाखा से मिलें; 'Active' हो तो ज़िला ऑफ़िस को बताएँ (FAQ)।
छूटा हुआ पैसा
- पैसा आवेदन के अगले महीने से मिलना शुरू होता है (WCD पेज)। उससे पहले का पैसा नहीं।
स्टेटस का मतलब
- ज़िले में मंज़ूरी का वक़्त 45 दिन है। मंज़ूरी से पहले ज़िले का WCD अफ़सर काग़ज़ों की जाँच करता है और ज़रूरत हो तो घर आकर देखता है (FAQ)।
- WCD के पेज पर 'Know Your Pension Status' का लिंक है, जो NSAP की साइट पर ले जाता है। (nsap.nic.in)
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
दिल्ली में शिकायत
- दिल्ली सरकार का शिकायत पोर्टल PGMS है। दिल्ली सरकार के मुताबिक़ यह एक ही पोर्टल दिल्ली सरकार के सभी डिपार्टमेंट से जुड़ा है। (pgms.delhi.gov.in)
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- बैंक में सिर्फ़ एक नाम का खाता, जिससे पैसा इलेक्ट्रॉनिक तरीक़े से आ सके
- आवेदन e-District पोर्टल पर होता है। ज़रूरी डॉक्यूमेंट की लिस्ट डिपार्टमेंट की अलग PDF में है; हमने वह PDF नहीं पढ़ी
और ज़रूरी बातें
- डिपार्टमेंट के पेज पर बेसहारा (destitute) महिलाएँ भी इस योजना में गिनी गई हैं। 'बेसहारा' का मतलब पेज पर नहीं लिखा, इसलिए फ़ॉर्म सिर्फ़ विधवा, तलाक़शुदा, अलग रह रही या छोड़ी गई महिला को गिनता है
- मंज़ूर होने पर पैसा आवेदन के अगले महीने से मिलता है
क्या बदला
- 30 अगस्त 2016: कैबिनेट के फ़ैसले (30 अगस्त 2016) में 60 साल की ऊपरी उम्र की हद हटाई गई, यानी पेंशन उम्र भर मिलती है; कमाई की हद ₹1 लाख साल, जिसमें सिर्फ़ उस महिला की अपनी कमाई गिनी जाती है। (स्कैन धुँधला है, पढ़कर लिखा।) (सोर्स)
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