मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, झारखंड: ग़रीब परिवार की बेटी की शादी पर ₹30,000
₹30,000 एक बार। किसे: बेटी (लड़की), शादी तय हो, पहली शादी हो और 4 और शर्तें।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं
स्टेटस: झारखंड सरकार के स्टेट पोर्टल के होम पेज (3 नवंबर 2026 को देखा) पर डिपार्टमेंट का 21 अगस्त 2019 का संकल्प (गाइडलाइन) रखा है। 2026-27 के आउटकम बजट में लिखा है कि ग़रीब परिवारों की बेटियों को शादी पर ₹30,000 दिए जाते हैं। इसके बाद का कोई नया ऑर्डर हमें नहीं मिला।
एक नज़र में
- ₹30,000एक बार
- 7शर्तें
- 8डॉक्यूमेंट
- ऑफ़लाइनआवेदन
- चल रही हैयोजना का हाल
क्या मिलता है
₹30,000 एक बार (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: बेटी के बचत खाते में सीधे (ABPS, NEFT, RTGS या PFMS से)
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
कब मिलता है
- शर्तें पूरी हों
- आवेदन
- जाँच और मंज़ूरी
- ₹30,000 एक बार, बेटी के बचत खाते में सीधे (ABPS, NEFT, RTGS या PFMS से)
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- बेटी (लड़की)
- शादी तय हो। आवेदन शादी के 1 साल के अंदर देना ज़रूरी है
- पहली शादी हो। विधवा की दोबारा शादी भी चलती है
- परिवार (वह ख़ुद, माँ या पिता) के पास अंत्योदय (पीला), गुलाबी या K-Oil (सफ़ेद) राशन कार्ड हो
- परिवार में कोई इनकम टैक्स न देता हो
- परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी न हो
- परिवार के पास चारपहिया गाड़ी न हो
ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं
- बेटी (लड़की)
- शादी तय हो
- पहली शादी हो
- परिवार (वह ख़ुद, माँ या पिता) के पास अंत्योदय (पीला), गुलाबी या K-Oil (सफ़ेद) राशन कार्ड हो
- परिवार में कोई इनकम टैक्स न देता हो
- परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी न हो
- परिवार के पास चारपहिया गाड़ी न हो
ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।
पूरी योजना एक नक़्शे में
किसे मिलती है: 7 शर्तें
- बेटी (लड़की)
- शादी तय हो
- पहली शादी हो
- परिवार (वह ख़ुद, माँ या पिता) के पास अंत्योदय (पीला), गुलाबी या K-Oil (सफ़ेद) राशन कार्ड हो
- परिवार में कोई इनकम टैक्स न देता हो
- परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी न हो
- परिवार के पास चारपहिया गाड़ी न हो
क्या मिलता है: ₹30,000 एक बार
- ₹30,000 एक बार
आवेदन कहाँ: 1 जगह
- ऑफ़लाइन: अपने इलाक़े के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) के दफ़्तर में, तय फ़ॉर्म में, सेल्फ़-अटेस्टेड कॉपी के साथ
डॉक्यूमेंट: 8 डॉक्यूमेंट
- राशन कार्ड (सेल्फ़-अटेस्टेड कॉपी)
- वोटर ID कार्ड
- शादी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट
- दहेज़ न देने का डिक्लेरेशन (घोषणा-पत्र, असली कॉपी)
- आधार कार्ड
- विधवा की शादी में पहले पति का डेथ सर्टिफ़िकेट
- बैंक पासबुक
- डिक्लेरेशन (घोषणा-पत्र, असली कॉपी) कि परिवार के पास ऑर्डर में गिनी 14 चीज़ों में से कोई नहीं है, जिनके होने पर यह पैसा नहीं मिलता
रुक सकती है अगर: 3 बातें
- पहले शादी हो चुकी हो (विधवा के अलावा)
- परिवार में कोई इनकम टैक्स देने लगे
- परिवार में किसी को सरकारी नौकरी मिले
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- पहले शादी हो चुकी हो (विधवा के अलावा)
- परिवार में कोई इनकम टैक्स देने लगे
- परिवार में किसी को सरकारी नौकरी मिले
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- बेटी का नाम झारखंड की वोटर लिस्ट में हो। यह फ़ॉर्म से पता नहीं चलता (यहाँ देखें: voters.eci.gov.in)
- परिवार के पास ये न हों: दोपहिया या तिपहिया गाड़ी या मछली पकड़ने की नाव; 3-4 पहिए का मशीन वाला खेती का औज़ार; ₹50,000 से ऊपर की लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड; सरकार के साथ रजिस्टर्ड ग़ैर-खेती का कारोबार; किसी की भी कमाई ₹10,000 महीना से ऊपर; प्रोफ़ेशनल टैक्स देना
- परिवार के पास ये भी न हों: पक्की दीवार और छत वाले 3 या ज़्यादा कमरे; फ़्रिज; लैंडलाइन फ़ोन; सिंचाई के साधन के साथ 2.5 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन, या दो या ज़्यादा फ़सल वाली 5 एकड़ सिंचित ज़मीन, या सिंचाई के साधन के साथ 7.5 एकड़ या ज़्यादा ज़मीन
आवेदन और स्टेटस
- ऑफ़लाइन: अपने इलाक़े के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) के दफ़्तर में, तय फ़ॉर्म में, सेल्फ़-अटेस्टेड कॉपी के साथ
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
कहाँ चलती है
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- राशन कार्ड (सेल्फ़-अटेस्टेड कॉपी)
- वोटर ID कार्ड
- शादी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट
- दहेज़ न देने का डिक्लेरेशन (घोषणा-पत्र, असली कॉपी)
- आधार कार्ड
- विधवा की शादी में पहले पति का डेथ सर्टिफ़िकेट
- बैंक पासबुक
- डिक्लेरेशन (घोषणा-पत्र, असली कॉपी) कि परिवार के पास ऑर्डर में गिनी 14 चीज़ों में से कोई नहीं है, जिनके होने पर यह पैसा नहीं मिलता
आवेदन के बाद
स्टेटस का मतलब
- CDPO दफ़्तर की महिला सुपरवाइज़र (पर्यवेक्षिका) मौक़े पर जाँच करती हैं, फिर CDPO अपनी सिफ़ारिश के साथ आवेदन ज़िला समाज कल्याण पदाधिकारी को भेजते हैं। वे मंज़ूर करें तो ख़ज़ाने से पैसा निकलकर बेटी के बैंक खाते में जाता है
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in; सोर्स: uidai.gov.in, जाँचा: )
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए। (सोर्स: dbtbharat.gov.in, जाँचा: )
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in; सोर्स: uidai.gov.in, जाँचा: )
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
क्या करना होगा
- आवेदन शादी के 1 साल के अंदर देना ज़रूरी है
- बेटी का आधार कार्ड, शादी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट, दहेज़ न देने का डिक्लेरेशन (घोषणा-पत्र, असली कॉपी) और बैंक पासबुक लगता है
- विधवा की दोबारा शादी हो तो पहले पति का डेथ सर्टिफ़िकेट लगता है
और ज़रूरी बातें
- अनाथ बेटी और संप्रेक्षण गृह में रह चुकी बेटी को राशन कार्ड की शर्त से छूट है, पर बाल कल्याण समिति का सर्टिफ़िकेट लगता है। फ़ॉर्म इसे नहीं देख पाता
- संकल्प में पीले, गुलाबी और सफ़ेद (K-Oil) राशन कार्ड का नाम है, हरे का नहीं। फ़ॉर्म में सफ़ेद और हरा दोनों "राज्य का अपना कार्ड" गिने जाते हैं, इसलिए हरे कार्ड वाले को भी यहाँ "हाँ" या "शायद" दिख सकता है
- शादी के बाद भी 1 साल के अंदर आवेदन दिया जा सकता है। फ़ॉर्म में शादी हो चुकी लड़की "शादीशुदा" दिखती है, इसलिए यहाँ वही बेटी गिनी जाती है जिसकी शादी होने वाली है
- संकल्प में यह नहीं लिखा कि श्रम डिपार्टमेंट की निर्माण श्रमिक या असंगठित श्रमिक विवाह सहायता के साथ यह पैसा भी मिल सकता है या नहीं। फ़ॉर्म दोनों को अलग-अलग गिनता है, इसलिए दोनों को जोड़कर पक्का न मानें
क्या बदला
- 21 अगस्त 2019: 21 अगस्त 2019 के संकल्प से योजना की नई गाइडलाइन मंज़ूर हुई। इससे 7 मार्च 2019 का संकल्प (ज्ञापांक 642) हट गया (सोर्स)
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किस मौक़े पर काम आती है: बेटी की शादी।
झारखंड की सभी योजनाएँ: झारखंड की योजनाएँ।
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।