ISSS दिव्यांगों की पेंशन (फ़िज़िकली चैलेंज्ड पर्सन), लद्दाख
₹1,000 महीना। किसे: दिव्यांगता 40% या ज़्यादा (UDID सर्टिफ़िकेट से)।
स्टेटस: लद्दाख के सोशल वेलफ़ेयर डिपार्टमेंट के पेंशन पेज पर दिव्यांगों की पेंशन ₹1,000 महीना लिखी है, और हेल्प हब पेज पर शर्तें हैं। उसी पेज के पुराने हिस्से में ₹400 की पुरानी रकम भी छपी है। हमने नई रकम ली है। दोनों पेजों पर तारीख़ नहीं है और कोई ऑर्डर या नोटिफ़िकेशन नहीं मिला। 2 नवंबर 2026 को देखा।
क्या मिलता है
₹1,000 महीना (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: मंज़ूरी के बाद बैंक एडवाइस या मनीऑर्डर से (यह बात पेज के पुराने हिस्से में लिखी है)
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- दिव्यांगता 40% या ज़्यादा (UDID सर्टिफ़िकेट से)
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- परिवार BPL (ग़रीबी रेखा से नीचे) का हो। BPL राशन कार्ड लगाना होता है। यह लिस्ट से पता चलता है, हमारे फ़ॉर्म से नहीं (यहाँ देखें: helphub.ladakh.gov.in)
- कमाई का कोई ज़रिया न हो। पेज इसकी रुपये की हद नहीं बताता, डॉक्यूमेंट में BPL राशन कार्ड माँगा जाता है (यहाँ देखें: socialwelfare.ladakh.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: eseva.ladakh.gov.in
- ऑफ़लाइन: पूरा फ़ॉर्म इलाक़े के तहसील सोशल वेलफ़ेयर ऑफ़िसर (TSWO) को दें। TSWO जाँच के बाद ज़िला सोशल वेलफ़ेयर ऑफ़िसर को भेजता है और ज़िला कमिटी मंज़ूर करती है
- फ़ीस: डिपार्टमेंट के पेज पर लिखा है कि आवेदन के फ़ॉर्म TSWO के पास मुफ़्त मिलते हैं
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- एक पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- आधार कार्ड
- BPL राशन कार्ड
- UDID सर्टिफ़िकेट, जिसमें डिसेबिलिटी 40% या ज़्यादा हो
- खाता नंबर और IFSC कोड
- उम्र, कमाई, हालत (स्टेटस) और पते का सबूत (डिपार्टमेंट के पेंशन पेज के मुताबिक़ फ़ॉर्म के साथ लगाना होता है)
आवेदन के बाद
शिकायत
- डिपार्टमेंट के होम पेज पर "Register your Grievances" का लिंक है, जो हेल्प हब (helphub.ladakh.gov.in) पर जाता है। पेंशन की शिकायत का अलग पेज या नंबर हमें नहीं मिला (helphub.ladakh.gov.in)
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- एक पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो, आधार कार्ड, BPL राशन कार्ड, 40% या ज़्यादा दिव्यांगता का UDID सर्टिफ़िकेट और IFSC कोड के साथ खाता नंबर
और ज़रूरी बातें
- पेंशन पेज के पुराने हिस्से में दिव्यांगों की पेंशन ₹400 महीना छपी है। नई टेबल और नया पैराग्राफ़ ₹1,000 बताते हैं, इसलिए हमने नई रकम मानी है। रकम का कोई ऑर्डर हमें नहीं मिला
- पेंशन पेज के नए पैराग्राफ़ में "40% से ऊपर" लिखा है, हेल्प हब पर "40% या ज़्यादा"। हमने 40% या ज़्यादा लिया है
- पेज पर रकम दिव्यांगता के परसेंट के हिसाब से अलग-अलग नहीं लिखी
- केंद्र की NSAP दिव्यांग पेंशन (IGNDPS: BPL, 18 साल या ज़्यादा, 80% दिव्यांगता) भी साथ चलती है और उसमें भी ₹1,000 लिखा है। हमने इसे इसी पेंशन के अंदर माना है, इसलिए NSAP का कार्ड अलग से नहीं दिखाते
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।