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मिशन वात्सल्य: स्पॉन्सरशिप (बच्चे के लिए ₹4,000 महीना)

₹4,000 महीना। किसे: बच्चा 18 साल से छोटा, बच्चे की माँ विधवा हो, तलाक़शुदा हो या परिवार ने छोड़ दिया हो।

स्टेटस: मिशन वात्सल्य की साइट चालू है। गाइडलाइन में लिखा है कि सपोर्ट 2025-26 तक बढ़ाया जा सकता है; उसके बाद का नया ऑर्डर हमें नहीं दिखा।

क्या मिलता है

₹4,000 महीना (सोर्स)

पैसा कैसे आता है: हर महीने बच्चे के खाते में, ज़िला मजिस्ट्रेट की मंज़ूरी के बाद। कितने साल मिलेगा यह केस देखकर तय होता है (18 साल की उम्र तक)

परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।

किसे मिलती है

ये सारी बातें सही होनी चाहिए:

  • बच्चा 18 साल से छोटा
  • बच्चे की माँ विधवा हो, तलाक़शुदा हो या परिवार ने छोड़ दिया हो। या बच्चा परिवार के साथ रहता हो और परिवार की कमाई साल में गाँव में ₹72,000 और शहर में ₹96,000 से ज़्यादा न हो

क्या चीज़ इसे रोक सकती है

  • बच्चा 18 साल का हो जाए
  • परिवार की कमाई साल में गाँव में ₹72,000 या शहर में ₹96,000 से ऊपर जाए

यह आपको ख़ुद देखना होगा

ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:

  • ज़िला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) हर केस देखकर तय करती है और ज़िला मजिस्ट्रेट मंज़ूरी देते हैं। अनाथ बच्चे, जानलेवा बीमारी वाले माता-पिता के बच्चे, और JJ Act के हिसाब से देखभाल की ज़रूरत वाले बच्चे भी इसमें आ सकते हैं (यहाँ देखें: missionvatsalya.wcd.gov.in)

आवेदन और स्टेटस

  • ऑनलाइन आवेदन: missionvatsalya.wcd.gov.in
  • ऑफ़लाइन: ज़िले की बाल संरक्षण इकाई (DCPU) या बाल कल्याण समिति (CWC)
  • हेल्पलाइन: 1098

आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।

ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें

  • गाइडलाइन में परिवार के लिए डॉक्यूमेंट की लिस्ट नहीं है। DCPU घर और स्कूल की जाँच रिपोर्ट और बच्चे का सालाना हेल्थ चेक-अप कमेटी के सामने रखती है

आवेदन के बाद

शिकायत

  • गाइडलाइन के मुताबिक़ स्कीम की शिकायतें सुनने वाले अफ़सर ज़िला मजिस्ट्रेट हैं। मिशन वात्सल्य पोर्टल पर शिकायत का पेज भी है (missionvatsalya.wcd.gov.in)

पैसा मिलता रहे, इसके लिए

  • स्कूल जाने वाला बच्चा 30 दिन से ज़्यादा स्कूल न जाए तो मदद का रिव्यू होता है और रोकी जा सकती है (ख़ास ज़रूरत वाले बच्चों को छोड़कर)
  • बच्चे को इंस्टीट्यूट (चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट) में रखना पड़े तो मदद बंद हो जाती है। DCPU हर तिमाही घर और स्कूल जाती है और कमेटी बच्चे के सालाना हेल्थ चेक-अप के साथ मामला देखकर आगे बढ़ाती है
  • मदद 18 साल की उम्र तक बढ़ाई जा सकती है, कारण लिखित में रिकॉर्ड करके (किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति या बच्चों की अदालत)

स्टेटस का मतलब

  • मंज़ूरी के बाद पैसा हर महीने बच्चे के नाम खुले खाते में आता है, जिसे गार्डियन चलाता है, बेहतर हो कि माँ

पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें

  • आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
  • अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
  • आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
  • बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।

शिकायत कहाँ करें

  • सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
  • केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
  • राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
  • शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)

धोखे से बचें

  • ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
  • पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
  • पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
  • कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।

क्या करना होगा

  • बच्चे के नाम का बैंक या पोस्ट ऑफ़िस खाता, जिसे गार्जियन (अच्छा हो माँ) चलाए

और ज़रूरी बातें

  • बच्चे को बाल देखभाल संस्थान में रखना पड़े तो स्पॉन्सरशिप बंद हो जाती है

अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।

सोर्स

  1. Mission Vatsalya - Implementation Guidelines (sponsorship paras 4.1 to 4.1.4 and the Non-Institutional Care section)
    Ministry of Women and Child Development
  2. Mission Vatsalya portal home page
    Ministry of Women and Child Development

ये नियम सरकारी रिकॉर्ड से को जाँचे गए। सभी योजनाओं में क्या बदला: बदलाव का पेज।