मुख्यमंत्री-गी हकशेलगी तेंगबांग (CMHT): ग़रीब परिवारों का कैशलेस इलाज, मणिपुर
ध्यान दें: हम पक्का नहीं कर पाए कि यह योजना इस समय चल रही है। पैनल वाले अस्पतालों में कैशलेस इलाज, परिवार के लिए हर साल। अभी कितने का कवर है, यह हमें पक्का नहीं मिला, इसलिए रकम नहीं बताते। किसे: परिवार SECC 2011 के आँकड़ों में दर्ज ग़रीब परिवारों में आए।
स्टेटस: ध्यान दें: हम पक्का नहीं कर पाए कि यह योजना इस समय चल रही है। हमें इस योजना की आज की रकम और नियम किसी सरकारी पन्ने पर पढ़ने को नहीं मिले। थौबल और चुराचांदपुर ज़िलों की साइटों पर इसका एक पुराना पन्ना है, जिसकी तारीख़ 21 जनवरी 2018 है। राज्य का अपना CMHT पोर्टल हमारी जाँच में सर्टिफ़िकेट की गड़बड़ी से खुला नहीं। इसलिए हम कोई रकम नहीं बताते और जवाब ज़्यादा से ज़्यादा "शायद" रहेगा। 2 नवंबर 2026 को देखा।
नए आवेदन खुले हैं या नहीं: ज़िलों के दो सरकारी पेजों (एक 21 जनवरी 2018 का) पर लिखा है कि हक़दार परिवारों को आशा वर्कर बताती है और वे एनरोलमेंट कैंप में एनरोल होकर हेल्थ कार्ड पाते हैं। राज्य का CMHT पोर्टल हमसे नहीं खुला (सर्टिफ़िकेट की गड़बड़ी, हमने उसे नहीं लाँघा)। किसी पढ़े गए पन्ने पर यह नहीं लिखा कि नए परिवार अभी एनरोल हो सकते हैं या नहीं, और कवर अब भी ₹2 लाख है या नहीं।
क्या मिलता है
पैनल वाले अस्पतालों में कैशलेस इलाज, परिवार के लिए हर साल। अभी कितने का कवर है, यह हमें पक्का नहीं मिला, इसलिए रकम नहीं बताते (सोर्स)
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- परिवार SECC 2011 के आँकड़ों में दर्ज ग़रीब परिवारों में आए। AAY राशन कार्ड वाले, विधवा और दिव्यांग लोग भी हक़दार हैं। हमारा फ़ॉर्म SECC की लिस्ट नहीं देख सकता
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- परिवार का नाम SECC 2011 के आँकड़ों की लिस्ट में हो। लिस्ट में नाम न हो, तो पुराने पन्ने के मुताबिक़ डिप्टी कमिश्नर का आर्थिक हालत का सर्टिफ़िकेट चलता है (यहाँ देखें: thoubal.nic.in)
- योजना अब भी इन्हीं नियमों से चल रही है या नहीं, और अभी कितने का कवर है, यह हमें पक्का नहीं पता। राज्य का CMHT पोर्टल हमारी जाँच में खुला नहीं (यहाँ देखें: thoubal.nic.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑफ़लाइन: हक़दार परिवारों को आशा कार्यकर्ता बताती हैं और एनरोलमेंट कैंप या किओस्क पर होता है। थौबल के पन्ने पर लिखा है कि थौबल का चीफ़ मेडिकल ऑफ़िसर (CMO) या ज़िला अस्पताल, थौबल से मिलें। अपने ज़िले के CMO से पूछें
- फ़ीस: ज़िले के पेज (21 जनवरी 2018) के मुताबिक़ कार्ड बनवाने के लिए हर परिवार से ₹50 लिए जाते हैं। AAY परिवार, विकलांग और विधवाओं से कोई फ़ीस नहीं ली जाती। यह पेज पुराना है
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- SECC में हक़दारी, AAY कार्ड, विकलांगता सर्टिफ़िकेट, या डिप्टी कमिश्नर का सर्टिफ़िकेट (इनमें से कोई एक, हक़दारी के प्रूफ़ के लिए)
- पहचान का प्रूफ़, इनमें से कोई एक: असली वोटर आईडी (EPIC), PAN, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी ID, मान्यता वाले इंस्टीट्यूट की ID, या आधार नंबर
- परिवार के मुखिया या कम से कम एक मेंबर का आधार नंबर, कंसेंट फ़ॉर्म के साथ। आधार न हो, तो आधार के आवेदन का नंबर और कंसेंट फ़ॉर्म
आवेदन के बाद
स्टेटस का मतलब
- ज़िले के पेज के मुताबिक़ हर हक़दार परिवार को यूनीक फ़ैमिली नंबर वाला CMHT हेल्थ कार्ड मिलता है, जिस पर परिवार के 5 मेंबर तक छपते हैं
मणिपुर में शिकायत
- मणिपुर सरकार की साइट के मुताबिक़ 'Gov Connect Manipur' नाम का पोर्टल शिकायत दर्ज करने का डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है।
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- एनरोलमेंट के लिए इनमें से कोई एक चाहिए: SECC के आधार पर हक़, AAY कार्ड, दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट, डिप्टी कमिश्नर का आर्थिक हालत का सर्टिफ़िकेट, या मणिपुर सरकार का माना हुआ कोई और डॉक्यूमेंट
- हक़दार परिवारों को आशा कार्यकर्ता बताती हैं। एनरोलमेंट कैंप या किओस्क पर होता है
और ज़रूरी बातें
- 2018 के पन्ने के मुताबिक़ कार्ड की फ़ीस ₹50 थी, और AAY कार्ड वालों, दिव्यांगों और विधवाओं से कोई फ़ीस नहीं ली जाती थी। आज की फ़ीस हमें नहीं मिली
- पुराने पन्ने के मुताबिक़ इलाज सिर्फ़ अस्पताल में भर्ती होने पर कैशलेस मिलता है। आने-जाने का भत्ता सीमित है और उसी कवर के अंदर आता है
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।