मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मध्य प्रदेश (PM-KISAN के ऊपर राज्य के ₹6,000)
₹6,000 साल में। किसे: परिवार में कोई भूमिधारी किसान, यानी जिसके नाम खेती की ज़मीन हो, खेती की ज़मीन परिवार के अपने नाम पर, पिछले असेसमेंट ईयर में परिवार में किसी ने इनकम टैक्स नहीं भरा और 3 और शर्तें।
स्टेटस: मध्य प्रदेश सरकार की CM हेल्पलाइन के "अपना हक़ जानें" पेज पर राजस्व डिपार्टमेंट की चालू योजना के रूप में लिखी है। उस पेज की अपनी अपडेट तारीख़ 28 अगस्त 2024 है। राजस्व डिपार्टमेंट का ऑर्डर और 2025-26 या 2026-27 की किसी किस्त की सरकारी जानकारी हमें पढ़ने को नहीं मिली। 2 नवंबर 2026 को देखा।
क्या मिलता है
₹6,000 साल में (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: राज्य के स्तर से "सिंगल क्लिक" से सीधे खाते में
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- परिवार में कोई भूमिधारी किसान, यानी जिसके नाम खेती की ज़मीन हो
- खेती की ज़मीन परिवार के अपने नाम पर
- पिछले असेसमेंट ईयर में परिवार में किसी ने इनकम टैक्स नहीं भरा
- परिवार में कोई सरकारी नौकरी में नहीं (मल्टी टास्किंग स्टाफ़ / चतुर्थ श्रेणी / ग्रुप D की छूट है)
- किसी रिटायर सदस्य की महीने की पेंशन ₹10,000 से कम है (ग्रुप D / चतुर्थ श्रेणी / मल्टी टास्किंग स्टाफ़ से रिटायर हुए लोगों की छूट है)
- परिवार में कोई मौजूदा या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य, मेयर या ज़िला पंचायत अध्यक्ष नहीं
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- परिवार में किसी ने पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स भरा हो
- परिवार में किसी को सरकारी नौकरी मिले (ग्रुप D को छोड़कर)
- किसी रिटायर सदस्य की पेंशन ₹10,000 महीना या ज़्यादा हो जाए
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- आप PM-KISAN के रजिस्टर्ड किसान हों। इस योजना में PM-KISAN की सारी शर्तें लागू हैं और आवेदन पटवारी लेता है (यहाँ देखें: pmkisan.gov.in)
- परिवार में कोई मौजूदा या पूर्व संवैधानिक पद पर न रहा हो, और कोई डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या आर्किटेक्ट जैसे पेशे की बॉडी में रजिस्टर्ड या प्रैक्टिस करने वाला न हो। हमारे फ़ॉर्म में ये सवाल नहीं हैं (यहाँ देखें: cmhelpline.mp.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑफ़लाइन: अपने पटवारी या तहसील ऑफ़िस में आवेदन दें
- फ़ीस: CM हेल्पलाइन की एंट्री में आवेदन फ़ीस के आगे "लागू नहीं" लिखा है। यानी कोई आवेदन फ़ीस नहीं बताई
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
आवेदन के बाद
शिकायत
- यह योजना CM हेल्पलाइन की डायरेक्टरी में है। शिकायत 181 पर दर्ज हो सकती है (cmhelpline.mp.gov.in)
स्टेटस का मतलब
- एंट्री के मुताबिक़ किस्त के महीने: पहली अप्रैल से जुलाई, दूसरी अगस्त से नवंबर, तीसरी दिसंबर से मार्च
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
मध्य प्रदेश में शिकायत
- मध्य प्रदेश की CM हेल्पलाइन का नंबर 181 है। MP सरकार के मुताबिक़ 181 पर आई शिकायत उस काम वाले डिपार्टमेंट के अफ़सर को भेजी जाती है। (cmhelpline.mp.gov.in)
- MP सरकार के मुताबिक़ राज्य सरकार की दी जा रही सभी सुविधाओं से जुड़ी शिकायत CM हेल्पलाइन में दर्ज की जा सकती है। (cmhelpline.mp.gov.in)
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- आवेदन पटवारी या तहसील ऑफ़िस में देना होता है। तय अधिकारी तहसीलदार हैं
और ज़रूरी बातें
- यह राज्य की तरफ़ से ₹6,000 है। PM-KISAN का ₹6,000 अलग से मिलता रहता है, यानी साल में कुल ₹12,000 तक
- रिकॉर्ड में नहीं लिखा कि ₹6,000 हर किसान को मिलता है या पूरे परिवार को। PM-KISAN में यह परिवार को मिलता है। हमने परिवार के लिए एक बार गिना है
- पेज पर योजना की शुरुआत दो जगह अलग लिखी है: 22-09-2020 और सितंबर 2022। सरकार का ऑर्डर हमें नहीं मिला
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।