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नि-क्षय पोषण योजना: टीबी के हर नोटिफ़ाइड मरीज़ को खाने-पीने के लिए हर महीने पैसा

₹1,000 महीना · हर महीने, टीबी के हर मरीज़ को, जब तक इलाज चले।

नि-क्षय पोषण योजना: टीबी के हर नोटिफ़ाइड मरीज़ को खाने-पीने के लिए हर महीने पैसा
प्रतीकात्मक 3D तस्वीर: स्टील की थाली। तस्वीर योजना चेक ने बनाई है, यह सरकारी तस्वीर नहीं है।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं

स्टेटस: PIB के 24 मार्च 2026 के बैकग्राउंडर के मुताबिक़ योजना हर नोटिफ़ाइड टीबी मरीज़ को हर महीने ₹1,000 देती है। राज्यसभा में 9 दिसंबर 2025 के लिखित जवाब (PIB) के मुताबिक़ यह रकम 1 नवंबर 2024 से ₹500 से बढ़कर ₹1,000 हुई। सेंट्रल टीबी डिवीज़न की साइट (आख़िरी अपडेट 30 अक्टूबर 2026) पर योजना का पेज है, पर उस पर 2018 के डॉक्यूमेंट ही हैं। 3 नवंबर 2026 को देखा।

एक नज़र में

  • ₹1,000महीना
  • 2डॉक्यूमेंट
  • ऑफ़लाइनआवेदन
  • चल रही हैयोजना का हाल

क्या मिलता है

₹1,000 महीना · हर महीने, टीबी के हर मरीज़ को, जब तक इलाज चले (सोर्स)

पैसा कैसे आता है: DBT से बैंक खाते में, इलाज के अलग-अलग पड़ावों पर किस्तों में

यह मदद तभी मिलती है जब: परिवार में किसी को टीबी हो और उसका इलाज शुरू हो

प्रतीकात्मक 3D: स्टील की थाली · नि-क्षय पोषण योजना (टीबी मरीज़) घुमाने के लिए उँगली से खींचें

पूरी योजना एक नक़्शे में

नि-क्षय पोषण योजना…क्या मिलता है₹1,000 महीनाआवेदन कहाँ1 जगहडॉक्यूमेंट2 डॉक्यूमेंट
क्या मिलता है: ₹1,000 महीना
  • ₹1,000 महीना · हर महीने, टीबी के हर मरीज़ को, जब तक इलाज चले
आवेदन कहाँ: 1 जगह
  • ऑफ़लाइन: अलग फ़ॉर्म नहीं है। सरकारी या प्राइवेट डॉक्टर मरीज़ को नि-क्षय पोर्टल पर नोटिफ़ाई करते हैं, और टीबी यूनिट का स्टाफ़ बैंक खाता नि-क्षय में भरता है
डॉक्यूमेंट: 2 डॉक्यूमेंट
  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक, बैंक स्टेटमेंट या कैंसल चेक की कॉपी, आधार कार्ड की कॉपी के साथ (DBT मैनुअल का डिक्लेरेशन फ़ॉर्म)

यह आपको ख़ुद देखना होगा

यह बात हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक यह पक्की न हो, जवाब "शायद" रहेगा:

  • परिवार में किसी को टीबी हो, उसका इलाज चल रहा हो और वह नि-क्षय पोर्टल पर नोटिफ़ाइड (दर्ज) हो। सरकारी और प्राइवेट, दोनों जगह इलाज करा रहे मरीज़ हक़दार हैं। हमारे फ़ॉर्म में बीमारी का सवाल नहीं है (यहाँ देखें: tbcindia.mohfw.gov.in)

आवेदन और स्टेटस

  • ऑफ़लाइन: अलग फ़ॉर्म नहीं है। सरकारी या प्राइवेट डॉक्टर मरीज़ को नि-क्षय पोर्टल पर नोटिफ़ाई करते हैं, और टीबी यूनिट का स्टाफ़ बैंक खाता नि-क्षय में भरता है

आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।

कहाँ चलती है

UPउत्तर प्रदेश: यहाँ भी चलती हैBRबिहार: यहाँ भी चलती हैMPमध्य प्रदेश: यहाँ भी चलती हैRJराजस्थान: यहाँ भी चलती हैMHमहाराष्ट्र: यहाँ भी चलती हैGJगुजरात: यहाँ भी चलती हैJHझारखंड: यहाँ भी चलती हैCGछत्तीसगढ़: यहाँ भी चलती हैHRहरियाणा: यहाँ भी चलती हैDLदिल्ली: यहाँ भी चलती हैUKउत्तराखंड: यहाँ भी चलती हैHPहिमाचल प्रदेश: यहाँ भी चलती हैPBपंजाब: यहाँ भी चलती हैWBपश्चिम बंगाल: यहाँ भी चलती हैODओडिशा: यहाँ भी चलती हैASअसम: यहाँ भी चलती हैKAकर्नाटक: यहाँ भी चलती हैTNतमिलनाडु: यहाँ भी चलती हैKLकेरल: यहाँ भी चलती हैAPआंध्र प्रदेश: यहाँ भी चलती हैTSतेलंगाना: यहाँ भी चलती हैGAगोवा: यहाँ भी चलती हैJKजम्मू और कश्मीर: यहाँ भी चलती हैLAलद्दाख: यहाँ भी चलती हैARअरुणाचल प्रदेश: यहाँ भी चलती हैMNमणिपुर: यहाँ भी चलती हैMLमेघालय: यहाँ भी चलती हैMZमिज़ोरम: यहाँ भी चलती हैNLनागालैंड: यहाँ भी चलती हैSKसिक्किम: यहाँ भी चलती हैTRत्रिपुरा: यहाँ भी चलती हैCHचंडीगढ़: यहाँ भी चलती हैPYपुडुचेरी: यहाँ भी चलती हैANअंडमान और निकोबार: यहाँ भी चलती हैDHदादरा नगर हवेली और दमन दीव: यहाँ भी चलती हैLDलक्षद्वीप: यहाँ भी चलती है

रंगीन खाने: केंद्र की यह योजना हर राज्य और UT में चलती है, अगर परिवार शर्तें पूरी करे। हर खाना एक राज्य या UT है, उसकी जगह के आसपास (यह नक़्शा नहीं है, सीमाएँ नहीं दिखाईं)। खाना छूकर राज्य का पेज खोलें।

ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें

  • आधार कार्ड। DBT मैनुअल के मुताबिक़ आधार होने का सबूत चाहिए, और आधार न हो तो उसके लिए आवेदन करना होता है
  • बैंक पासबुक, बैंक स्टेटमेंट या कैंसल चेक की कॉपी, आधार कार्ड की कॉपी के साथ (DBT मैनुअल का डिक्लेरेशन फ़ॉर्म)

आवेदन के बाद

शिकायत

  • सेंट्रल टीबी डिवीज़न की साइट पर टीबी हेल्पलाइन (नि-क्षय संपर्क) 1800-11-6666 छपी है (tbcindia.mohfw.gov.in)

पैसा मिलता रहे, इसके लिए

  • 2018 के पेपर के मुताबिक़ पैसा किस्तों में आता है: पहली किस्त नोटिफ़िकेशन पर, फिर इलाज की फ़ॉलो-अप जाँच के नतीजों पर। ₹1,000 होने के बाद यह क्रम बदला या नहीं, हमें नहीं मिला

स्टेटस का मतलब

  • DBT मैनुअल के मुताबिक़ पैसा तभी भेजा जाता है जब बैंक खाता PFMS में रजिस्टर होकर जाँच में सही पाया जाए

पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें

  • आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in; सोर्स: uidai.gov.in, जाँचा: )
  • अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए। (सोर्स: dbtbharat.gov.in, जाँचा: )
  • आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in; सोर्स: uidai.gov.in, जाँचा: )
  • बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )

शिकायत कहाँ करें

  • सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
  • केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
  • राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
  • शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )

धोखे से बचें

  • ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
  • पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
  • पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
  • कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )

क्या करना होगा

  • इलाज करने वाले डॉक्टर या टीबी यूनिट को बैंक खाते की जानकारी दें। DBT मैनुअल के मुताबिक़ हेल्थ स्टाफ़ इसे नि-क्षय में भरता है

और ज़रूरी बातें

  • पैसा इलाज के पूरे समय मिलता है, जितने महीने इलाज चले
  • 2018 की योजना के मुताबिक़ सभी नोटिफ़ाइड टीबी मरीज़ हक़दार हैं। कमाई, उम्र या जाति की कोई शर्त उसमें नहीं लिखी
  • मरीज़ चाहे तो पैसा परिवार के किसी सदस्य के बैंक खाते में भी मँगवा सकता है। इसके लिए DBT मैनुअल का एक डिक्लेरेशन फ़ॉर्म भरना होता है
  • PIB (7 अक्टूबर 2024) के मुताबिक़ जिन मरीज़ों का BMI 18.5 से कम है, उन्हें इलाज के पहले दो महीने ज़्यादा ताक़त वाला पोषण आहार (EDNS) भी दिया जाना है। यह कहाँ और कैसे मिलता है, हमें किसी रिकॉर्ड में नहीं मिला
  • 2018 की योजना में राज्य पैसे की जगह कम से कम उतनी क़ीमत का राशन भी दे सकता था (मंत्रालय की मंज़ूरी से)। आज कौन-सा राज्य ऐसा करता है, हमें नहीं मिला

क्या बदला

  • 1 नवंबर 2024: रकम ₹500 से बढ़कर ₹1,000 हर महीने हुई, इलाज के पूरे समय के लिए (सोर्स)
  • 1 अप्रैल 2018: योजना शुरू हुई: हर नोटिफ़ाइड टीबी मरीज़ को इलाज के दौरान ₹500 हर महीने (सोर्स)

अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।

सोर्स

  1. Nutritional Support to TB patients (Nikshay Poshan Yojana): scheme details (Central TB Division)
    Central TB Division, Ministry of Health and Family Welfare
  2. Direct Benefit Transfer Manual for National Tuberculosis Elimination Programme (July 2020)
    Central TB Division, Ministry of Health and Family Welfare, जुलाई 2020
  3. Steps taken to strengthen TB- Mukt Bharat Abhiyan (PIB, Rajya Sabha written reply of the Minister of State for Health, 9 Dec 2025)
    Press Information Bureau (Ministry of Health and Family Welfare), 9 दिसंबर 2025
  4. Union Health Minister Unveils Key Initiatives to boost Nutrition Support for TB Patients and their Families (PIB, 7 Oct 2024)
    Press Information Bureau (Ministry of Health and Family Welfare), 7 अक्टूबर 2024
  5. Ni-kshay Poshan Yojana page and home page of the Central TB Division (National TB Elimination Programme)
    Central TB Division, Ministry of Health and Family Welfare, 30 अक्टूबर 2026

ये नियम सरकारी रिकॉर्ड से को जाँचे गए। सभी योजनाओं में क्या बदला: बदलाव का पेज।