CM-KISAN: छोटे और मार्जिनल किसानों को खेती के लिए साल में ₹4,000, ओडिशा
₹4,000 साल में। किसे: परिवार में कोई किसान, जिसके नाम खेती की ज़मीन हो और जो 18 साल या ज़्यादा उम्र का हो, खेती की ज़मीन परिवार के अपने नाम पर (ज़मीन के रिकॉर्ड चाहिए), परिवार के पास फ़ूड सप्लाई डिपार्टमेंट का वैलिड राशन कार्ड हो (NFSA या राज्य खाद्य सुरक्षा कार्ड) और 3 और शर्तें।
स्टेटस: मुख्यमंत्री ऑफ़िस की 4 सितंबर 2026 की प्रेस नोट के मुताबिक़ पाँचवीं किस्त (₹833 करोड़ से ज़्यादा, 41 लाख से ज़्यादा परिवारों को) DBT से भेजी गई। शर्तें 17 अगस्त 2024 की SOP की हैं। शहरी छोटे और मार्जिनल किसानों को 6 फ़रवरी 2025 की चिट्ठी से जोड़ा गया। SOP स्कैन है, आँख से पढ़ी गई। 2026-27 की किसी नई गाइडलाइन का पता हमें नहीं मिला। 2 नवंबर 2026 को देखा।
क्या मिलता है
₹4,000 साल में (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: हर फ़सल के सीज़न में ₹2,000, यानी साल में दो बार, सीधे किसान के खाते में (DBT)
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- परिवार में कोई किसान, जिसके नाम खेती की ज़मीन हो और जो 18 साल या ज़्यादा उम्र का हो। 18 साल से कम उम्र का किसान नहीं गिना जाता
- खेती की ज़मीन परिवार के अपने नाम पर (ज़मीन के रिकॉर्ड चाहिए)
- परिवार के पास फ़ूड सप्लाई डिपार्टमेंट का वैलिड राशन कार्ड हो (NFSA या राज्य खाद्य सुरक्षा कार्ड)
- किसान, उसकी पत्नी या पति, या परिवार का कोई सदस्य इनकम टैक्स भरने वाला नहीं
- किसान, उसकी पत्नी या पति, या परिवार का कोई सदस्य सरकार, PSU या किसी और एजेंसी का कर्मचारी न हो। रिटायर कर्मचारी और पेंशनर भी बाहर हैं। फ़ोर्थ क्लास (चतुर्थ श्रेणी) (ग्रुप D) की छूट SOP में नहीं लिखी
- परिवार में कोई मौजूदा या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य, मेयर या ज़िला पंचायत अध्यक्ष (और संवैधानिक पद पर रहा व्यक्ति) न हो। SOP में यह नहीं लिखा कि यह किसान के लिए है या परिवार के किसी भी सदस्य के लिए, इसलिए ऐसा हो तो "शायद" दिखेगा
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- परिवार के पास वैलिड राशन कार्ड न रहे
- परिवार में कोई इनकम टैक्स भरने लगे
- परिवार में किसी को सरकारी नौकरी मिले या कोई सरकारी पेंशन लेने लगे
- परिवार में कोई मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर या ज़िला पंचायत अध्यक्ष बन जाए
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- आपकी ज़मीन छोटे या मार्जिनल किसान की हद के अंदर हो। मध्यम और बड़े किसानों को यह पैसा नहीं मिलता, उन्हें सिर्फ़ PM-KISAN मिलता है। हेक्टेयर की हद हमारे पढ़े डॉक्यूमेंट में नहीं लिखी। अपने VAW या ब्लॉक कृषि ऑफ़िस से पूछें (यहाँ देखें: agri.odisha.gov.in)
- ओडिशा का स्थायी निवासी (डोमिसाइल) हो। हमारा फ़ॉर्म सिर्फ़ यह पूछता है कि आप किस राज्य में रहते हैं (यहाँ देखें: agri.odisha.gov.in)
- परिवार में कोई डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या आर्किटेक्ट के रूप में प्रोफ़ेशनल संस्था में रजिस्टर्ड न हो। हमारे फ़ॉर्म में यह सवाल नहीं है (यहाँ देखें: agri.odisha.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑफ़लाइन: आवेदन CM KISAN पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से होता है। पोर्टल का पता हमें नहीं मिला। आवेदन का टोकन नंबर मिलता है, जिससे स्टेटस देखा जाता है। अपने VAW या ब्लॉक कृषि ऑफ़िस से पूछें
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- आधार कार्ड की कॉपी
- खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण डिपार्टमेंट के राशन कार्ड की कॉपी
- बैंक पासबुक (सेविंग्स खाता) के पहले पन्ने की कॉपी
- छोटे और सीमांत किसान के लिए ज़मीन के रिकॉर्ड की कॉपी
- रजिस्ट्रेशन से पहले: कृषक ओडिशा में रजिस्ट्रेशन और ज़मीन का रिकॉर्ड अपडेट (भूलेख से प्रमाणित ज़मीन की जानकारी)
- रजिस्ट्रेशन से पहले: आधार नंबर का बैंक खाते से लिंक, बैंक की ब्रांच में करवाएँ
- रजिस्ट्रेशन से पहले: CM-KISAN और PM-KISAN के रजिस्ट्रेशन के लिए अपना अलग मोबाइल नंबर
आवेदन के बाद
शिकायत
- SOP के मुताबिक़ ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पूरे साल खुला रहता है, ताकि छूटे हुए हक़दार किसान आवेदन कर सकें। छोटे-सीमांत किसान और बे-ज़मीन के बीच बदलाव शिकायत के ज़रिए, डॉक्यूमेंट देकर और मौक़े की जाँच के बाद होता है
पैसा मिलता रहे, इसके लिए
- SOP के मुताबिक़ PM-KISAN की तरह CM-KISAN में भी eKYC, लैंड सीडिंग और NPCI सीडिंग ज़रूरी हैं। 8 सितंबर 2024 के स्पेशल सैचुरेशन ड्राइव से एक साल का समय इन्हें पूरा करने के लिए दिया गया था (31 अगस्त 2024 के नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़)
छूटा हुआ पैसा
- SOP के मुताबिक़ आधार बैंक खाते से जुड़ा न हो, तो मदद प्रोसेस नहीं होती। ऐसे किसान होल्ड पर रखे जाते हैं और NPCI की पुष्टि आते ही पीछे की तारीख़ से प्रोसेस किए जाते हैं
स्टेटस का मतलब
- SOP के मुताबिक़ रजिस्ट्रेशन के बाद एक यूनीक टोकन नंबर बनता है, जिससे CM KISAN पोर्टल पर आवेदन का स्टेटस देखा जाता है। GP, ब्लॉक और ज़िले की जाँच के बाद कलेक्टर की मंज़ूरी मौक़े के लेवल पर आख़िरी मानी जाती है
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
ओडिशा में शिकायत
- ओडिशा सरकार का शिकायत पोर्टल 'जन सुनानी' (janasunani.odisha.gov.in) है। (janasunani.odisha.gov.in)
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- रजिस्ट्रेशन से पहले कृषक ओडिशा पोर्टल पर किसान का रजिस्ट्रेशन और ज़मीन के रिकॉर्ड (भूलेख से जाँचे हुए) अपडेट होने चाहिए
- आधार बैंक खाते से जुड़ा हो (NPCI सीडिंग), eKYC और ज़मीन सीडिंग हो, और एक ख़ास मोबाइल नंबर हो। CM-KISAN के किसानों को यह सब पूरा करने के लिए 8 सितंबर 2024 से एक साल का वक़्त दिया गया था
- डॉक्यूमेंट: आधार की कॉपी, फ़ूड सप्लाई डिपार्टमेंट के राशन कार्ड की कॉपी, बचत खाते की पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी, ज़मीन के रिकॉर्ड की कॉपी
और ज़रूरी बातें
- यह ₹4,000 PM-KISAN के ₹6,000 के ऊपर से मिलता है। SOP के मुताबिक़ गाँव के छोटे और मार्जिनल किसान को दोनों योजनाओं से मिलाकर साल में ₹10,000 मिलते हैं
- शहर के छोटे और मार्जिनल किसान भी इसमें हैं। अगस्त 2024 की SOP ने शहरी किसानों को बाहर रखा था। 6 फ़रवरी 2025 की चिट्ठी ने उन्हें जोड़ दिया। हमने नई चिट्ठी मानी है
- PVTG और दूसरे आदिवासी किसान, जिनके पास FRA का पट्टा है और जिनकी PM-KISAN में जाँच हो चुकी है, इस योजना में छोटे और मार्जिनल किसान की कैटेगरी में जोड़े जा सकते हैं
- परिवार में से सिर्फ़ एक सदस्य को पैसा मिलता है
- परिवार की पहचान NFSA (राशन कार्ड) डेटाबेस से होती है। ग्राम पंचायत, ब्लॉक और ज़िले, तीन लेवल पर जाँच होती है और कलेक्टर की मंज़ूरी आख़िरी होती है
क्या बदला
- 6 फ़रवरी 2025: 6 फ़रवरी 2025 के पत्र 3209 के मुताबिक़ शहरी इलाक़ों के छोटे और सीमांत किसान भी अब CM-KISAN में शामिल हैं, गाँव वालों की तरह (सोर्स)
- 31 अगस्त 2024: नोटिफ़िकेशन 31130 से KALIA किसान कल्याण स्कीम का नाम CM-KISAN हुआ। गाइडलाइन वही रहीं (सोर्स)
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।