मधु बाबू पेंशन योजना (MBPY): बुज़ुर्गों की पेंशन, ओडिशा
₹3,500 महीना। किसे: उम्र 60 साल या ज़्यादा, परिवार की साल भर की कमाई सभी सोर्स मिलाकर ₹60,000 तक, या परिवार का नाम गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की लिस्ट में, इस व्यक्ति को केंद्र या राज्य सरकार की, या उनकी मदद से चलने वाली किसी संस्था की कोई और पेंशन न मिलती हो।
स्टेटस: डिपार्टमेंट का पेज "MBPY की गाइडलाइन" की फ़ाइल (अगस्त 2026) बताता है। उसमें रकम का सबसे नया ऑर्डर 9 जनवरी 2025 का नोटिफ़िकेशन है। शर्तें 2008 के नियमों और 2021 से 2023 के ऑर्डर से ली हैं। फ़ाइल स्कैन है, ज़्यादातर पन्ने आँख से पढ़े गए। 2026 का कोई ऑर्डर हमें नहीं मिला। 2 नवंबर 2026 को देखा।
क्या मिलता है
₹3,500 महीना, 80 साल या ज़्यादा की उम्र पर। 60 से 79 साल की उम्र की रकम हमें किसी सरकारी रिकॉर्ड में नहीं मिली (सोर्स)
- उम्र 80 साल या ज़्यादा: ₹3,500 महीना · 80 साल या ज़्यादा की उम्र पर (जनवरी 2025 से)
पैसा कैसे आता है: पेंशन हर महीने मिलती है। 2008 के नियमों में BDO या एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर इसे हर महीने की 15 तारीख़ ("जन सेवा दिवस") को बाँटते थे। अभी का तरीक़ा हमारे पढ़े पन्नों में नहीं है
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- उम्र 60 साल या ज़्यादा
- परिवार की साल भर की कमाई सभी सोर्स मिलाकर ₹60,000 तक, या परिवार का नाम गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की लिस्ट में। BPL लिस्ट हमारे फ़ॉर्म में नहीं है, इसलिए कमाई इससे ऊपर हो तो भी "शायद" दिखेगा
- इस व्यक्ति को केंद्र या राज्य सरकार की, या उनकी मदद से चलने वाली किसी संस्था की कोई और पेंशन न मिलती हो
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- परिवार की कमाई ₹60,000 साल से ऊपर जाए और नाम BPL लिस्ट में न हो
- कोई और सरकारी पेंशन मिलने लगे
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- रकम: ₹3,500 महीना सिर्फ़ 80 साल या ज़्यादा उम्र वालों और 80% या ज़्यादा दिव्यांग लोगों के लिए पढ़ा (9 जनवरी 2025 के नोटिफ़िकेशन, जनवरी 2025 से)। बाक़ी उम्र और कैटेगरी की रकम हमें किसी सरकारी रिकॉर्ड में नहीं मिली। रकम या शर्तों में बाद का कोई बदलाव हो, तो वह भी हमारे पास नहीं है। ताज़ा रकम SSEPD से पूछें (यहाँ देखें: ssepd.odisha.gov.in)
- ओडिशा का स्थायी निवासी (डोमिसाइल) हो। हमारा फ़ॉर्म सिर्फ़ यह पूछता है कि आप किस राज्य में रहते हैं (यहाँ देखें: ssepd.odisha.gov.in)
किसके साथ नहीं मिलती
एक इंसान को यह योजना या इनमें से कोई एक ही मिलती है:
आवेदन और स्टेटस
- ऑफ़लाइन: आवेदन फ़ॉर्म MBPY-I मुफ़्त मिलता है: BDO के ऑफ़िस, नगरपालिका या NAC के एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर के ऑफ़िस, या ग्राम पंचायत के हेडक्वार्टर में। भरकर गाँव में BDO को और शहर में एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर को दें, और रसीद (acknowledgement) लें। ऑनलाइन आवेदन डिपार्टमेंट के सोशल वेलफ़ेयर पोर्टल पर भी होता है। उसका पता हमें नहीं मिला
- फ़ीस: रूल्स के मुताबिक़ फ़ॉर्म MBPY-I मुफ़्त मिलता है। उसे जमा करने की कोई फ़ीस रूल्स में नहीं लिखी
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- तीन एक जैसी, अटेस्टेड पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- तहसीलदार से परिवार की सालाना कमाई का इनकम सर्टिफ़िकेट (आय प्रमाण पत्र)
- उम्र का प्रूफ़: पंचायत या नगर की वोटर लिस्ट, स्कूल लीविंग सर्टिफ़िकेट या बर्थ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट। कुछ न हो, तो कम से कम असिस्टेंट सर्जन रैंक के मेडिकल ऑफ़िसर का उम्र का सर्टिफ़िकेट
आवेदन के बाद
शिकायत
- रूल्स के मुताबिक़ सब-कलेक्टर आवेदन रद्द कर दे, तो उसकी दोबारा जाँच कलेक्टर अपनी तरफ़ से या आवेदन पर करता है। कलेक्टर का ऑर्डर आख़िरी है, उसके ख़िलाफ़ अपील नहीं
पैसा मिलता रहे, इसके लिए
- रूल्स के मुताबिक़ आम तौर पर हर साल अप्रैल के पहले हफ़्ते में सालाना वेरिफ़िकेशन होता है कि पेंशन पाने वाला ज़िंदा है और सारी शर्तें अब भी पूरी करता है। जो ओडिशा से बाहर चला जाए, उसकी पेंशन रोक दी जाती है
छूटा हुआ पैसा
- रूल्स के मुताबिक़ पेंशन पाने वाले की मौत के बाद की पेमेंट से पेंशन बंद हो जाती है, और बाक़ी बचा पैसा उसका वारिस नहीं माँग सकता
स्टेटस का मतलब
- रूल्स के मुताबिक़ मंज़ूरी का ऑर्डर फ़ोटो पहचान पत्र के साथ, या रद्द करने का ऑर्डर, एक हफ़्ते में डाक से आवेदन करने वाले को भेजा जाता है। पेंशन मंज़ूरी वाले महीने के अगले महीने की पहली तारीख़ से, क्रम के मुताबिक़ शुरू होती है
ओडिशा में शिकायत
- ओडिशा सरकार का शिकायत पोर्टल 'जन सुनानी' (janasunani.odisha.gov.in) है। (janasunani.odisha.gov.in)
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- डॉक्यूमेंट: 3 अटेस्टेड पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो, तहसीलदार का इनकम सर्टिफ़िकेट (परिवार की साल भर की कमाई का), उम्र का सबूत (बुज़ुर्ग और दिव्यांग कैटेगरी में), दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट ताज़ा परसेंट के साथ (दिव्यांग कैटेगरी में)
और ज़रूरी बातें
- पति और पत्नी दोनों शर्तें पूरी करते हों, तो दोनों को पेंशन मिलती है
- रकम तय करना 2008 के नियमों (नियम 7) में सरकार पर छोड़ा गया है। हमने सिर्फ़ 9 जनवरी 2025 के नोटिफ़िकेशन की रकम ली है। उस नोटिफ़िकेशन ने पहले के सारे नोटिफ़िकेशनों की जगह ली है
- इस पेंशन की और कैटेगरी भी हैं: कुष्ठ रोगी (दिखने वाली विकृति के साथ), AIDS के मरीज़ और उनकी विधवा (इनके लिए कमाई की शर्त नहीं), MISA 1971 में बंद रहे लोग, और COVID से प्रभावित परिवार का अनाथ बच्चा। इनके लिए हमारे फ़ॉर्म में सवाल नहीं हैं। SSEPD या ब्लॉक ऑफ़िस से पूछें
- किसी ऐसे अपराध में सज़ा न हुई हो जिसमें "मोरल टर्पिट्यूड" माना जाता है। BDO या एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर इसकी जाँच करते हैं
- 15 दिसंबर 2022 के नोटिफ़िकेशन (No. 9447/SSEPD) के मुताबिक़ केंद्र की NSAP पेंशन (IGNOAP, IGNDP, IGNWP, NFBS) के लिए आधार का सबूत या ऑथेंटिकेशन ज़रूरी है। राज्य की MBPY पर यह लागू है या नहीं, हमारे पढ़े पन्नों में नहीं लिखा
क्या बदला
- जनवरी 2025: 9 जनवरी 2025 के नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ जनवरी 2025 से 80 साल या ज़्यादा उम्र वालों और 80% या ज़्यादा विकलांगता वालों की पेंशन ₹3,500 महीना हुई। बाक़ी कैटेगरी की रकम फ़ाइल में नहीं मिली (सोर्स)
- 8 मार्च 2021: 8 मार्च 2021 के रेज़ोल्यूशन 2290 से कमाई की शर्त बदली: परिवार की कमाई साल में ₹60,000 तक, या परिवार BPL लिस्ट में हो (सोर्स)
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।