सुभद्रा योजना, ओडिशा: महिलाओं को साल में ₹10,000
₹10,000 साल में। किसे: महिला, जो ओडिशा में रहती हो, उम्र 21 साल या ज़्यादा (तय तारीख़ पर), उम्र 60 साल से कम (तय तारीख़ पर, आधार की जन्मतारीख़ से) और 7 और शर्तें।
स्टेटस: डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ योजना चल रही है (एक करोड़ से ज़्यादा महिलाओं को पैसा मिल चुका है)। शर्तें अगस्त 2024 की गाइडलाइन की हैं, जो 2024-25 से 2028-29 तक के लिए है। उसके बाद गाइडलाइन में कोई बदलाव हमें नहीं मिला। नए आवेदन कब खुलते हैं, यह हमें किसी सरकारी पन्ने पर नहीं मिला। गाइडलाइन स्कैन है, आँख से पढ़ी गई। 2 नवंबर 2026 को देखा।
नए आवेदन खुले हैं या नहीं: गाइडलाइन और SOP के मुताबिक़ हक़दार महिला को आवेदन करना होता है: छपा हुआ फ़ॉर्म भरकर मो सेवा केंद्र या CSC पर देना होता है, या सुभद्रा पोर्टल पर। गाइडलाइन या SOP में आवेदन की कोई तारीख़ नहीं लिखी, और यह भी नहीं लिखा कि नए रजिस्ट्रेशन बंद हैं। नए आवेदन अभी खुले हैं या नहीं, यह हमें किसी सरकारी पन्ने पर नहीं मिला। पोर्टल हमसे खुलकर पढ़ा नहीं गया। (subhadra.odisha.gov.in)
क्या मिलता है
₹10,000 साल में (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: साल में दो किस्तें, ₹5,000-₹5,000, आधार पेमेंट ब्रिज से सीधे खाते में। गाइडलाइन के मुताबिक़ पहली किस्त रक्षाबंधन (राखी पूर्णिमा) पर और दूसरी 8 मार्च (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) पर
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- महिला, जो ओडिशा में रहती हो
- उम्र 21 साल या ज़्यादा (तय तारीख़ पर)। बाद में 21 की होने वाली महिला को बचे हुए सालों का ही पैसा मिलता है
- उम्र 60 साल से कम (तय तारीख़ पर, आधार की जन्मतारीख़ से)। 2024-25 में यह तारीख़ 1 जुलाई 2024 थी। आगे के सालों की तारीख़ गाइडलाइन में नहीं लिखी
- परिवार के पास NFSA या राज्य खाद्य सुरक्षा (SFSS) का राशन कार्ड हो। कार्ड न हो, तो परिवार की कमाई ₹2.5 लाख साल तक हो
- महिला या परिवार का कोई सदस्य इनकम टैक्स भरने वाला नहीं (गाइडलाइन में साल या रकम नहीं लिखी)
- महिला या परिवार का कोई सदस्य राज्य सरकार, भारत सरकार, PSU, बोर्ड, लोकल बॉडी या सरकारी संस्था का रेगुलर या कॉन्ट्रैक्ट वाला कर्मचारी न हो, और रिटायरमेंट के बाद पेंशन न ले रहा हो। आशा, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन, मास्टर बुक कीपर जैसे सिर्फ़ मानदेय पाने वालों और आउटसोर्सिंग एजेंसी से रखे लोगों को गिना नहीं जाता: उनके लिए "कोई सरकारी नौकरी नहीं" चुनें
- महिला या परिवार में कोई मौजूदा या पूर्व सांसद या विधायक न हो, और कोई शहरी लोकल बॉडी या पंचायत का चुना हुआ प्रतिनिधि (वार्ड मेंबर और पार्षद को छोड़कर) न हो। हमारे फ़ॉर्म में मंत्री, मेयर और ज़िला पंचायत अध्यक्ष गिने जाते हैं, और "पूर्व" भी, इसलिए ऐसा हो तो "शायद" दिखेगा
- महिला या परिवार के किसी सदस्य के नाम चार पहिया गाड़ी न हो। ट्रैक्टर, मिनी-ट्रक, छोटी कमर्शियल गाड़ियाँ और ऐसी हल्की माल गाड़ियाँ गिनी नहीं जातीं
- परिवार के पास 5 एकड़ से ज़्यादा सिंचाई वाली ज़मीन, या 10 एकड़ से ज़्यादा बिना सिंचाई वाली ज़मीन न हो। हमारा फ़ॉर्म ज़मीन को सिंचाई वाली और बिना सिंचाई वाली में नहीं बाँटता: कुल 5 एकड़ (करीब 2.02 हेक्टेयर) से ऊपर हो, तो "शायद" दिखेगा
- इस महिला को किसी राज्य या केंद्र की योजना से पेंशन, स्कॉलरशिप वग़ैरह के ₹1,500 महीना (₹18,000 साल) या ज़्यादा न मिलते हों। हमारा फ़ॉर्म रकम नहीं पूछता, इसलिए पेंशन मिलती हो, तो "शायद" दिखेगा
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- उम्र 60 साल पूरी हो जाए
- परिवार के पास राशन कार्ड न रहे और कमाई साल में ₹2.5 लाख से ऊपर जाए
- परिवार में कोई इनकम टैक्स भरने लगे
- परिवार में किसी को सरकारी नौकरी मिले या कोई सरकारी पेंशन लेने लगे
- परिवार में कोई सांसद, विधायक, मेयर या ज़िला पंचायत अध्यक्ष बन जाए
- परिवार में कोई चार पहिया गाड़ी ख़रीद ले
- परिवार की ज़मीन 5 एकड़ सिंचाई वाली या 10 एकड़ बिना सिंचाई वाली से ऊपर हो जाए
- इस महिला को किसी योजना से ₹1,500 महीना या ज़्यादा मिलने लगे
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- महिला या परिवार का कोई सदस्य सरकारी डिपार्टमेंट, उपक्रम, बोर्ड या संगठन में चुना हुआ, नामित या नियुक्त प्रतिनिधि न हो। पंचायत या शहरी लोकल बॉडी का चुना हुआ प्रतिनिधि (वार्ड मेंबर और पार्षद को छोड़कर) भी न हो। हमारे फ़ॉर्म में ये सवाल नहीं हैं (यहाँ देखें: wcd.odisha.gov.in)
- नए आवेदन अभी खुले हैं या नहीं, यह हमें किसी सरकारी पन्ने पर नहीं मिला। योजना का पोर्टल हमसे खुलकर पढ़ा नहीं गया। पोर्टल पर या अपने मो सेवा केंद्र पर पूछें (यहाँ देखें: subhadra.odisha.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: subhadra.odisha.gov.in
- ऑफ़लाइन: छपे हुए फ़ॉर्म मुफ़्त मिलते हैं: आँगनवाड़ी केंद्र, ब्लॉक ऑफ़िस, शहरी लोकल बॉडी के ऑफ़िस, मो सेवा केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर में। फ़ॉर्म भरकर नज़दीकी मो सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर में जमा करें
- स्टेटस: subhadra.odisha.gov.in
- फ़ीस: SOP के मुताबिक़ फ़ॉर्म मुफ़्त मिलता है, और CSC या मो सेवा केंद्र पर उसे जमा करना भी मुफ़्त है
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- आवेदन का फ़ॉर्म। छपे हुए फ़ॉर्म आँगनवाड़ी, ब्लॉक या शहरी निकाय के दफ़्तर, मो सेवा केंद्र और CSC पर मुफ़्त मिलते हैं (SOP के मुताबिक़)
- आधार कार्ड या नंबर महिला के अपने नाम पर, और आधार से जुड़ा उसका मोबाइल नंबर (जमा करते वक़्त साथ ले जाएँ)
- आधार न हो, तो ज़िला प्रशासन के आधार कैंप में बनवाएँ। वहीं आधार की जानकारी ठीक भी करवाई जा सकती है
- अकेले महिला के नाम का बैंक खाता, आधार से जुड़ा और DBT के लिए चालू। न हो, तो आवेदन के दौरान खाता खुलवाने और ठीक कराने का मौक़ा मिलता है
आवेदन के बाद
शिकायत
- SOP के मुताबिक़ शिकायत सुभद्रा पोर्टल पर आधार नंबर से लॉगिन करके की जा सकती है। ज़िला, ब्लॉक और शहरी निकाय के लेवल पर लगने वाले सुभद्रा शिविर (शिकायत कैंप) में भी शिकायत ली जाती है और पोर्टल पर चढ़ाई जाती है (subhadra.odisha.gov.in)
पैसा मिलता रहे, इसके लिए
- गाइडलाइन के मुताबिक़ साल के ₹10,000 तभी मिलेंगे जब महिला हर साल हक़दारी की शर्तें पूरी करती रहे
- SOP के मुताबिक़ eKYC ज़रूरी है, और सिर्फ़ बायोमेट्रिक (उँगली या आँख) या चेहरे से। जिसने OTP से eKYC कराया था, उसे बायोमेट्रिक से दोबारा करना होगा। हाल में PM-KISAN, NFSA या SFSS के लिए eKYC हो चुका हो, तो दोबारा नहीं
- SOP के मुताबिक़ जिनका बैंक खाता चालू नहीं है या आधार नंबर ग़लत है, उनकी लिस्ट ज़िला कलेक्टर को जाती है और लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर खाता आधार से जुड़वाने में लगते हैं। खाता चालू और आधार से जुड़ा रखें
- गाइडलाइन के मुताबिक़ ग़लत जानकारी देने पर फ़ायदा तुरंत बंद होगा और दिया हुआ पैसा वापस लिया जाएगा। ग़लती से ज़्यादा पैसा आ जाए, तो बताए जाने पर लौटाना होगा। कोई हक़दारी खो दे (जैसे सरकारी नौकरी मिल जाए), तो पोर्टल पर स्कीम छोड़ सकती है
छूटा हुआ पैसा
- SOP के मुताबिक़ NPCI से लौटे पेमेंट की फ़ाइल दोबारा बनाकर भेजी जाती है। बैंक से लौटे पेमेंट उसी बैंक की ब्रांच को सुलझाने के लिए जाते हैं, फिर नई पेमेंट फ़ाइल बनती है। महिला की मौत हो जाए, तो न बँटा हुआ पैसा उसकी तरफ़ से कोई नहीं ले सकता
स्टेटस का मतलब
- जमा करने पर यूनीक नंबर वाली रंगीन छपी रसीद मिलती है। उस नंबर से आवेदन का स्टेटस देखा जा सकता है, और हर स्टेप पर SMS आता है (SOP के मुताबिक़) (subhadra.odisha.gov.in)
- SOP के मुताबिक़ मंज़ूर और रद्द आवेदनों की लिस्ट, रद्द करने की वजह के साथ, पोर्टल और नोटिस बोर्ड पर लगती है और आवेदन करने वाली को SMS जाता है। ड्राफ़्ट लिस्ट पर 7 दिन तक आपत्ति ली जाती है
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
ओडिशा में शिकायत
- ओडिशा सरकार का शिकायत पोर्टल 'जन सुनानी' (janasunani.odisha.gov.in) है। (janasunani.odisha.gov.in)
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- गाइडलाइन में लिखा है कि कोई एजेंसी या आदमी आवेदन करने वालों को बहकाए या धोखा दे, तो उसे बहुत गंभीरता से लिया जाएगा और सख़्त कार्रवाई होगी
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- आधार कार्ड या नंबर महिला के अपने नाम पर हो, मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हो, और बैंक खाता अकेले उसके नाम का, आधार से जुड़ा और DBT के लिए चालू हो। न हो, तो आवेदन के दौरान आधार बनवाने या खाता खुलवाने और ठीक कराने का मौक़ा मिलता है
- आवेदन में अपनी हक़दारी का सेल्फ़-डिक्लेरेशन (ख़ुद लिखकर देना), ज़रूरी अंडरटेकिंग (लिखित वादे) और eKYC करना होता है। eKYC का पसंदीदा तरीक़ा सुभद्रा मोबाइल ऐप पर चेहरा दिखाकर है। गाइडलाइन में इनकम सर्टिफ़िकेट जैसे डॉक्यूमेंट की लिस्ट नहीं है
और ज़रूरी बातें
- कुल ₹50,000, यानी 2024-25 से 2028-29 तक 5 साल ₹10,000 साल के। पैसा तभी मिलता है जब महिला हर साल शर्तें पूरी करे
- यहाँ "परिवार" का मतलब वही है जो NFSA या राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (SFSS) में है। आवेदनों की जाँच सरकारी डेटाबेस से और ज़रूरत हो तो मौक़े की जाँच से होती है
- जो महिला हर साल डिजिटल लेन-देन में अपनी ग्राम पंचायत या शहरी लोकल बॉडी में आगे की 100 में आए, उसे ₹500 अलग से मिलेंगे। इसकी SOP अभी जारी नहीं हुई, इसलिए हमने इसे नहीं गिना
- महिला चाहे तो योजना छोड़ सकती है और अपना हिस्सा दूसरी बहनों के लिए छोड़ सकती है (सुभद्रा पोर्टल पर)
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।
सोर्स
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SUBHADRA (department page)
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SUBHADRA Guidelines, August 2024 (English)
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Subhadra Yojana portal (script-only page)
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SUBHADRA Standard Operating Procedure (SOP), English, October 2024, forwarded by memo 26139 of 11 Nov 2024 (17 pages)
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Resolution launching SUBHADRA, Odisha Gazette Extraordinary No. 1637, 5 Sep 2024 (English, 5 pages)