विधवा और बेसहारा औरतों की पेंशन (मदद), पंजाब
₹1,500 महीना। किसे: औरत हो, विधवा या बेसहारा औरत, उम्र 58 साल से कम, विधवा या कुँवारी औरत हो और 4 और शर्तें।
स्टेटस: डिपार्टमेंट के पेज पर ₹1,500 महीना चालू लिखा है। पेज पर अपनी तारीख़ नहीं है, पूरी साइट 13 अक्टूबर 2026 को अपडेट हुई। रकम 3 जून 2021 के नोटिफ़िकेशन से 1 जुलाई 2021 को ₹750 से बढ़कर ₹1,500 हुई, और उसमें विधवा और बेसहारा औरतों का नाम है। "बेसहारा" (डेस्टीट्यूट) का मतलब पेज पर नहीं लिखा। 2 नवंबर 2026 को देखा।
क्या मिलता है
₹1,500 महीना (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: हर महीने बैंकों के ज़रिये
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- औरत हो
- विधवा या बेसहारा औरत, उम्र 58 साल से कम। या कुँवारी औरत, उम्र 30 साल से ऊपर
- विधवा या कुँवारी औरत हो। "बेसहारा" (डेस्टीट्यूट) का मतलब पेज पर नहीं लिखा, इसलिए तलाक़शुदा, अलग रह रही या छोड़ी हुई औरत को हम "शायद" दिखाते हैं
- ख़ुद सरकारी या प्राइवेट नौकरी में न हो और अपना काम (सेल्फ़ एम्प्लॉयड) न करता हो। सेल्फ़-डिक्लेरेशन में यही लिखवाया जाता है
- साल भर की कुल कमाई ₹60,000 तक, कारोबार, किराये और ब्याज की कमाई मिलाकर। पेज यह नहीं बताता कि यह कमाई किसकी गिनी जाती है (सेल्फ़-डिक्लेरेशन में "मेरी आमदनी" लिखा है)। हमारा फ़ॉर्म पूरे परिवार की कमाई पूछता है, इसलिए इससे ऊपर होने पर "शायद" दिखेगा
- इनकम टैक्स भरने वाला न हो (सेल्फ़-डिक्लेरेशन में "मैं इनकम टैक्स भरने वाला नहीं हूँ" लिखना होता है)। हमारा फ़ॉर्म पूरे परिवार के बारे में पूछता है, इसलिए परिवार में कोई टैक्स भरे तो "शायद" दिखेगा
- ज़मीन ज़्यादा से ज़्यादा 2.5 एकड़ नहरी या चाही (सिंचाई वाली), या 5 एकड़ बारानी (बिना सिंचाई वाली) या जलभराव वाली, पति और पत्नी की मिलाकर। हमारा फ़ॉर्म ज़मीन की क़िस्म नहीं पूछता और पूरे परिवार की ज़मीन पूछता है, इसलिए 2.5 एकड़ (करीब 1.01 हेक्टेयर) से ऊपर होने पर "शायद" दिखेगा
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- विधवा या बेसहारा औरत की उम्र 58 साल की हो जाए
- इस व्यक्ति को नौकरी मिले या वह अपना काम शुरू करे
- कमाई साल में ₹60,000 से ऊपर जाए
- इनकम टैक्स भरने लगे
- ज़मीन 2.5 एकड़ (नहरी) या 5 एकड़ (बारानी) से ऊपर हो जाए
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- सेल्फ़-डिक्लेरेशन की बाक़ी बातें: शहर में रहते हों तो घर 200 वर्ग मीटर से बड़ा न हो, कोई कमर्शियल प्रॉपर्टी न हो, और VAT में रजिस्ट्रेशन या प्रोफ़ेशनल टैक्स न हो। हमारे फ़ॉर्म में ये सवाल नहीं हैं (यहाँ देखें: sswcd.punjab.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: sswcd.punjab.gov.in
- ऑफ़लाइन: फ़ॉर्म ज़िला सोशल सिक्योरिटी ऑफ़िसर, CDPO, सेवा केंद्र, डिपार्टमेंट की वेबसाइट, SDM ऑफ़िस, आँगनवाड़ी सेंटर, पंचायत और BDPO ऑफ़िस में मिलता है। CDPO एक महीने में जाँच करता है, फिर ज़िला सोशल सिक्योरिटी ऑफ़िसर (DSSO) पेंशन मंज़ूर करता है
- स्टेटस: socialsecurity.punjab.gov.in
- हेल्पलाइन: 0172 2608746 (हेड ऑफ़िस)। बुज़ुर्गों की हेल्पलाइन: 14567
- फ़ीस: सेवा केंद्र के आवेदन फ़ॉर्म पर लिखा है: सरकारी फ़ीस ₹0 और फ़ैसिलिटेशन चार्ज ₹0
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- उम्र का सबूत: आधार कार्ड, वोटर कार्ड, वोटर लिस्ट, मैट्रिक का सर्टिफ़िकेट या रजिस्ट्रार का जन्म सर्टिफ़िकेट, इनमें से कोई एक (डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़)
- पति का डेथ सर्टिफ़िकेट और सेल्फ़-डिक्लेरेशन (विधवा के लिए, डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़)
- बैंक पासबुक का पहला पेज (सेवा केंद्र के फ़ॉर्म में ज़रूरी लिखा है)
- जन्म सर्टिफ़िकेट उम्र के सबूत में दें तो साथ में पहचान और रहने का सबूत भी चाहिए: ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, वोटर कार्ड या आधार कार्ड (फ़ॉर्म के मुताबिक़)
- बेसहारा औरत अगर तलाक़शुदा है: अदालत या पंचायत का फ़ैसला, या तलाक़ का काग़ज़ (फ़ॉर्म के मुताबिक़)
- बेसहारा औरत का पति लापता हो तो: FIR की कॉपी (फ़ॉर्म के मुताबिक़)
- बेसहारा औरत का पति दिव्यांग हो और कमा न सके तो: UDID कार्ड या डिसेबिलिटी सर्टिफ़िकेट की कॉपी और सेल्फ़-डिक्लेरेशन (फ़ॉर्म के मुताबिक़)
आवेदन के बाद
शिकायत
- शिकायत: ज़िला सोशल सिक्योरिटी ऑफ़िसर के पास, या हेड ऑफ़िस की हेल्पलाइन 0172 2608746 पर। डिपार्टमेंट के पेज पर ईमेल dsswcd@punjab.gov.in भी छपा है (sswcd.punjab.gov.in)
पैसा मिलता रहे, इसके लिए
- फ़ॉर्म में दिए डिक्लेरेशन के मुताबिक़ दी हुई जानकारी ग़लत साबित हुई तो सरकार से मिले सारे फ़ायदे तुरंत बंद हो सकते हैं
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
पंजाब में शिकायत
- पंजाब सरकार की साइट पर 'Lodge Grievance (PGRS)' का लिंक दिया है, जो Connect Punjab पोर्टल पर ले जाता है। (connect.punjab.gov.in)
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- उम्र का सबूत: आधार कार्ड, वोटर कार्ड, वोटर लिस्ट, मैट्रिक का सर्टिफ़िकेट या रजिस्ट्रार का जन्म सर्टिफ़िकेट, इनमें से कोई एक
- पति की मौत का सर्टिफ़िकेट और सेल्फ़-डिक्लेरेशन
- गाँव में पटवारी ज़मीन और रहने की जाँच करता है। शहर में म्युनिसिपल कमिटी का एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर ज़मीन, प्रॉपर्टी और रहने की जाँच करता है
और ज़रूरी बातें
- सब पेंशनों की रकम 1 जुलाई 2021 से ₹750 से बढ़ाकर ₹1,500 महीना की गई (3 जून 2021 का नोटिफ़िकेशन)
- डिपार्टमेंट का पेज केंद्र की विधवा पेंशन (NSAP) को अलग योजना की तरह छापता है, BPL या SECC परिवारों के लिए। पेज यह नहीं बताता कि ₹1,500 में उसका हिस्सा है या नहीं। हमने इसे इसी पेंशन के अंदर माना है, इसलिए उस व्यक्ति के लिए NSAP का कार्ड अलग से नहीं दिखाते
- पेज यह नहीं बताता कि विधवा दोबारा शादी कर ले, या 58 की हो जाए तो क्या होता है। 58 साल की औरत के लिए बुज़ुर्गों की पेंशन अलग योजना है
क्या बदला
- 1 जुलाई 2021: डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ पंजाब की चारों पेंशन/मदद की रकम 1 जुलाई 2021 से ₹750 से बढ़कर ₹1,500 महीना हुई (सोर्स)
- 13 जून 2017: 13 जून 2017 के नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ कमाई की शर्त: सारे साधनों से साल की कमाई ₹60,000 तक (सोर्स)
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।
सोर्स
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Financial Assistance to Widows and Destitute Women (department page)
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Pensions / Financial Assistance (department page: all four state pensions, documents, self-declaration, rate)
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Notification raising pension and financial assistance from Rs 750 to Rs 1,500 a month from 1 July 2021 (scanned Punjabi page, read by eye)
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Application for Financial Assistance to Widow/Destitute Women (Sewa Kendra form; fee line, documents list, destitute sub-categories, declaration)
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Notification of 13 June 2017 amending the pension rules: age, income Rs 60,000 a year, land limits, proofs, verifiers, self-declaration (scanned Punjabi pages 1-2, read by eye)