योजना चेक

इंडिपेंडेंट वेबसाइट · सरकारी वेबसाइट नहीं

पीएम-कुसुम कंपोनेंट B (खेत के लिए अलग सोलर पंप)

ध्यान दें: हम पक्का नहीं कर पाए कि यह योजना इस समय चल रही है। पंप की बेंचमार्क या टेंडर क़ीमत (जो कम हो) का 30% केंद्र देता है; राज्य भी 30% देता है और किसान का हिस्सा 40% रहता है। किसे: परिवार में कोई किसान जो खेत की सिंचाई के लिए अलग सोलर पंप लगाना चाहे (डीज़ल पंप की जगह, या नया)।

स्टेटस: ध्यान दें: हम पक्का नहीं कर पाए कि यह योजना इस समय चल रही है। चालू है या नहीं, साफ़ नहीं। PIB (6 दिसंबर 2025) ने योजना 31 मार्च 2026 तक बढ़ी हुई बताई थी। उसके बाद MNRE के तीन ऑर्डर हैं। 28 मार्च 2026 के ऑर्डर के मुताबिक़ मौजूदा योजना को नई योजना PM KUSUM 2.0 में मिलाने का प्रस्ताव है (वह अभी प्रस्ताव के स्तर पर है), और 31 मार्च 2027 तक का समय सिर्फ़ उन प्रोजेक्ट को मिला है जिनके PPA या NTP 31 दिसंबर 2025 तक हो चुके थे। 25 मई 2026 के ऑर्डर के मुताबिक़ यह बढ़ा हुआ समय योजना के सभी कंपोनेंट पर लागू है। 28 सितंबर 2026 के ऑर्डर के मुताबिक़ कंपोनेंट A और C में फ़ाइनेंशियल क्लोज़र की आख़िरी तारीख़ 30 नवंबर 2026 है, और प्रोजेक्ट पूरे करने का समय 31 मार्च 2027 से आगे नहीं बढ़ेगा। इनमें से कोई ऑर्डर नहीं बताता कि कंपोनेंट B (अलग सोलर पंप) में नए किसान लिए जा रहे हैं या नहीं।

नए आवेदन खुले हैं या नहीं: कंपोनेंट B (अलग सोलर पंप) के लिए नया किसान अब आवेदन कर सकता है या नहीं, यह कोई ऑर्डर नहीं बताता। MNRE के 28 मार्च 2026 के ऑर्डर के मुताबिक़ यह योजना नई योजना PM KUSUM 2.0 में मिलाने का प्रस्ताव है, और 31 मार्च 2027 तक समय सिर्फ़ उन प्रोजेक्ट को मिला है जिनके PPA या NTP 31 दिसंबर 2025 तक हो चुके थे। योजना की वेबसाइट हम पढ़ नहीं पाए और गाइडलाइन में किसानों के लिए एक सीधा रास्ता नहीं लिखा है। राज्य की रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी से पूछें

क्या मिलता है

पंप की बेंचमार्क या टेंडर क़ीमत (जो कम हो) का 30% केंद्र देता है; राज्य भी 30% देता है और किसान का हिस्सा 40% रहता है (सोर्स)

  • अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार में: पंप की बेंचमार्क या टेंडर क़ीमत (जो कम हो) का 50% केंद्र देता है; राज्य 30% देता है और किसान का हिस्सा 20% रहता है

किसे मिलती है

ये सारी बातें सही होनी चाहिए:

  • परिवार में कोई किसान जो खेत की सिंचाई के लिए अलग सोलर पंप लगाना चाहे (डीज़ल पंप की जगह, या नया)

यह आपको ख़ुद देखना होगा

ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:

  • खेत ऑफ़-ग्रिड इलाक़े में हो, यानी वहाँ बिजली की ग्रिड सप्लाई न हो (यहाँ देखें: pmkusum.mnre.gov.in)
  • खेत डार्क ज़ोन (ज़मीन का पानी बहुत नीचे गया इलाक़ा) में न हो; वहाँ नया सोलर पंप नहीं लगता (यहाँ देखें: pmkusum.mnre.gov.in)
  • जिस ज़मीन पर पंप लगाना है, उस पर ग्रिड से जुड़ा खेती का पंप पहले से न हो (यहाँ देखें: pmkusum.mnre.gov.in)
  • आपके राज्य ने आवेदन खोले हों और उसके पास कोटा हो। PIB (6 दिसंबर 2025) ने योजना 31 मार्च 2026 तक बढ़ी बताई थी। MNRE के 28 मार्च और 25 मई 2026 के ऑर्डर में नई योजना PM KUSUM 2.0 की बात है, और 31 मार्च 2027 तक का समय सिर्फ़ उन प्रोजेक्ट को मिला है जिनके PPA या NTP 31 दिसंबर 2025 तक हो चुके थे। कोई ऑर्डर यह नहीं बताता कि कंपोनेंट B में नए किसान लिए जा रहे हैं या नहीं (यहाँ देखें: pmkusum.mnre.gov.in)

आवेदन और स्टेटस

  • ऑनलाइन आवेदन: pmkusum.mnre.gov.in
  • ऑफ़लाइन: राज्य की रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी या खेती डिपार्टमेंट के ज़रिए; किसानों के लिए एक ही सीधा रास्ता गाइडलाइन में नहीं है

आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।

आवेदन के बाद

शिकायत

  • गाइडलाइन के मुताबिक़ पंप लगाने वाले वेंडर को 5 साल की मरम्मत (AMC) और आफ़त व चोरी का बीमा देना होता है। हर चालू ज़िले में उसका एक सर्विस सेंटर और हर चालू राज्य में स्थानीय भाषा की हेल्पलाइन होनी चाहिए, और हेल्पलाइन का नंबर पंप या कंट्रोलर पर लिखा होना चाहिए

शिकायत कहाँ करें

  • सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
  • केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
  • राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
  • शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)

धोखे से बचें

  • MNRE ने (PIB, 3 जून 2020) बताया कि PM-KUSUM के नाम पर रजिस्ट्रेशन की नक़ली वेबसाइटें बन गई हैं, जो भरा हुआ डेटा ग़लत इस्तेमाल करती हैं। मंत्रालय की सलाह है कि इन पर न पैसा जमा करें, न अपनी जानकारी डालें। शक वाली वेबसाइट की जानकारी मंत्रालय को दे सकते हैं
  • ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
  • पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
  • पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
  • कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।

क्या करना होगा

  • पंप MNRE से मंज़ूर कंपनी का हो; किसान राज्य के टेंडर से चुने गए वेंडरों में से अपना वेंडर चुनता है

और ज़रूरी बातें

  • राज्य का 30% हिस्सा न मिले तब भी केंद्र की मदद 30% ही रहती है और बाक़ी 70% किसान देता है
  • MNRE के 28 सितंबर 2026 के ऑर्डर के मुताबिक़ कंपोनेंट A और C में फ़ाइनेंशियल क्लोज़र की आख़िरी तारीख़ 30 नवंबर 2026 है। जिन PM-KUSUM प्रोजेक्ट के PPA या NTP 31 दिसंबर 2025 तक हो चुके थे, उनके पूरे होने का समय 31 मार्च 2027 है, और इसके आगे समय नहीं बढ़ाया जाएगा। इस ऑर्डर में कंपोनेंट B का नाम नहीं है

क्या बदला

  • 28 सितंबर 2026: MNRE के ऑर्डर के मुताबिक़ कंपोनेंट A और C में फ़ाइनेंशियल क्लोज़र की आख़िरी तारीख़ 30 नवंबर 2026 है। जिन प्रोजेक्ट के PPA या NTP 31 दिसंबर 2025 तक हो चुके थे, उनके पूरे होने का समय 31 मार्च 2027 है, और इसके आगे समय नहीं बढ़ेगा। कंपोनेंट B का नाम इसमें नहीं है (सोर्स)
  • 25 मई 2026: MNRE ने साफ़ किया कि 31 मार्च 2027 तक की बढ़ोतरी PM-KUSUM के सब कंपोनेंट पर लागू है। जिन प्रोजेक्ट के PPA या NTP 31 दिसंबर 2025 तक हो चुके थे, उनकी चालू करने की तारीख़ बढ़ाने की माँग PPA/NTP, MNRE की मंज़ूरी की मियाद और गाइडलाइन के हिसाब से तय होगी (सोर्स)

अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।

सोर्स

  1. Guidelines for Implementation of PM KUSUM Scheme, MNRE (PDF on the national PM-KUSUM portal)
    Ministry of New and Renewable Energy
  2. Annexure I: Criteria and details of incentives available to individuals under solar schemes of MNRE (PM Surya Ghar, PM-KUSUM Components A, B, C)
    Ministry of New and Renewable Energy (annexure to a Parliament reply, PIB-hosted, August 2024)
  3. Office Memorandum: Extension of timeline for financial closure and completion of projects under PM KUSUM scheme (MNRE, F.No. 32/645/2017-SPV Division, 28 March 2026)
    Ministry of New and Renewable Energy, SPV Division, 28 मार्च 2026
  4. Office Memorandum: Clarification regarding extension of timeline for financial closure and completion of projects under PM KUSUM scheme
    Ministry of New and Renewable Energy, SPV Division (No. 32/645/2017-SPV Division), 28 सितंबर 2026
  5. PIB (MNRE): MNRE issues advisory against fraudulent websites for registration under PM-KUSUM Scheme
    Ministry of New and Renewable Energy (PIB Delhi), 3 जून 2020
  6. Office Memorandum: Extension of timeline for completion of projects under PM KUSUM scheme - Clarification (MNRE, No. 32/645/2017-SPV Division, 25 May 2026)
    Ministry of New and Renewable Energy, PM-KUSUM Division, 25 मई 2026

ये नियम सरकारी रिकॉर्ड से को जाँचे गए। सभी योजनाओं में क्या बदला: बदलाव का पेज।