मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना, राजस्थान: हर परिवार को साल में ₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज
₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज हर साल, पूरे परिवार का (अस्पताल में भर्ती होने पर), योजना से जुड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में। किसे: परिवार मुफ़्त वाली कैटेगरी में हो: NFSA (खाद्य सुरक्षा) वाला राशन कार्ड, SECC-2011 की लिस्ट (PM-JAY), या EWS परिवार जिसकी कमाई साल में ₹8 लाख से कम हो, जो परिवार मुफ़्त कैटेगरी में नहीं हैं, वे ₹850 हर साल प्रीमियम भरकर जुड़ सकते हैं, अगर परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशनर न हो (जो मेडिकल अटेंडेंस रूल्स का फ़ायदा लेते हैं)।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं
स्टेटस: राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के MAA पोर्टल (आख़िरी अपडेट 1 अक्टूबर 2026) पर 21 अगस्त 2026 और 29 सितंबर 2026 के ऑर्डर लगे हैं। दिसंबर 2025 के FAQ के मुताबिक़ 1.36 करोड़ परिवार रजिस्टर्ड हैं और हर परिवार को साल में ₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है। मुफ़्त वाली कैटेगरी की लिस्ट पोर्टल के 2021 के पन्नों और दिसंबर 2025 के FAQ में है; 2026 का कोई ऑर्डर इसे दोबारा नहीं बताता। 3 नवंबर 2026 को देखा।
एक नज़र में
- ₹25 लाख तक इलाजरकम
- 2शर्तें
- 2डॉक्यूमेंट
- ऑनलाइन और ऑफ़लाइनआवेदन
- चल रही हैयोजना का हाल
क्या मिलता है
₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज हर साल, पूरे परिवार का (अस्पताल में भर्ती होने पर), योजना से जुड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में (सोर्स)
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- परिवार मुफ़्त वाली कैटेगरी में हो: NFSA (खाद्य सुरक्षा) वाला राशन कार्ड, SECC-2011 की लिस्ट (PM-JAY), या EWS परिवार जिसकी कमाई साल में ₹8 लाख से कम हो। FAQ के मुताबिक़ छोटे और सीमांत किसान, सरकारी डिपार्टमेंट के कॉन्ट्रैक्ट (संविदा) कर्मचारी, कोविड की मदद (अनुग्रह राशि) पाए बेसहारा परिवार भी मुफ़्त कैटेगरी में हैं, पर यह हमारा फ़ॉर्म नहीं जाँचता। परिवार में 70 साल या ज़्यादा उम्र का कोई हो, तो भी मुफ़्त
- जो परिवार मुफ़्त कैटेगरी में नहीं हैं, वे ₹850 हर साल प्रीमियम भरकर जुड़ सकते हैं, अगर परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशनर न हो (जो मेडिकल अटेंडेंस रूल्स का फ़ायदा लेते हैं)
पूरी योजना एक नक़्शे में
किसे मिलती है: 2 शर्तें
- परिवार मुफ़्त वाली कैटेगरी में हो: NFSA (खाद्य सुरक्षा) वाला राशन कार्ड, SECC-2011 की लिस्ट (PM-JAY), या EWS परिवार जिसकी कमाई साल में ₹8 लाख से कम हो
- जो परिवार मुफ़्त कैटेगरी में नहीं हैं, वे ₹850 हर साल प्रीमियम भरकर जुड़ सकते हैं, अगर परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशनर न हो (जो मेडिकल अटेंडेंस रूल्स का फ़ायदा लेते हैं)
क्या मिलता है: ₹25 लाख तक इलाज
- ₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज हर साल, पूरे परिवार का (अस्पताल में भर्ती होने पर), योजना से जुड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में
आवेदन कहाँ: 2 जगहें
- ऑनलाइन: maayojana.rajasthan.gov.in
- ऑफ़लाइन: SSO आईडी से ख़ुद ऑनलाइन, या ई-मित्र केंद्र पर रजिस्ट्रेशन। NFSA और SECC-2011 वाले परिवार पहले से जुड़े हैं
डॉक्यूमेंट: 2 डॉक्यूमेंट
- जन-आधार कार्ड, या उसका नंबर, या जन-आधार रजिस्ट्रेशन की रसीद का नंबर
- आधार कार्ड का नंबर
रुक सकती है अगर: 2 बातें
- EWS परिवार की कमाई साल में ₹8 लाख तक पहुँच जाए
- परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशनर हो और परिवार मुफ़्त कैटेगरी में न हो
इसके साथ नहीं मिलती: 1 योजना
ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं
- परिवार मुफ़्त वाली कैटेगरी में हो: NFSA (खाद्य सुरक्षा) वाला राशन कार्ड, SECC-2011 की लिस्ट (PM-JAY), या EWS परिवार जिसकी कमाई साल में ₹8 लाख से कम हो
- जो परिवार मुफ़्त कैटेगरी में नहीं हैं, वे ₹850 हर साल प्रीमियम भरकर जुड़ सकते हैं, अगर परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशनर न हो (जो मेडिकल अटेंडेंस रूल्स का फ़ायदा लेते हैं)
ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- EWS परिवार की कमाई साल में ₹8 लाख तक पहुँच जाए
- परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशनर हो और परिवार मुफ़्त कैटेगरी में न हो
किसके साथ नहीं मिलती
एक इंसान को यह योजना या यह दूसरी योजना, दोनों में से एक ही मिलती है:
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: maayojana.rajasthan.gov.in
- ऑफ़लाइन: SSO आईडी से ख़ुद ऑनलाइन, या ई-मित्र केंद्र पर रजिस्ट्रेशन। NFSA और SECC-2011 वाले परिवार पहले से जुड़े हैं
- फ़ीस: पोर्टल के मुताबिक़ ई-मित्र पर रजिस्ट्रेशन का कोई पैसा नहीं लगता, दोनों कैटेगरी के लिए। मुफ़्त कैटेगरी में न आने वाले परिवार ₹850 हर साल प्रीमियम भरते हैं
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
कहाँ चलती है
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- जन-आधार कार्ड, या उसका नंबर, या जन-आधार रजिस्ट्रेशन की रसीद का नंबर
- आधार कार्ड का नंबर
आवेदन के बाद
शिकायत
- FAQ में जानकारी और शिकायत के लिए टोल-फ़्री नंबर 14555 और 1800-180-6128 लिखे हैं
पैसा मिलता रहे, इसके लिए
- मुफ़्त कैटेगरी में न आने वाले परिवारों को ₹850 का प्रीमियम हर साल भरना होता है, ई-मित्र पर या डिजिटल पेमेंट से
स्टेटस का मतलब
- पोर्टल के मुताबिक़ अस्पताल में इलाज तभी मिलता है जब योजना के सॉफ़्टवेयर में परिवार की कैटेगरी और मरीज़ का नाम दिखे। मरीज़ का बायोमेट्रिक मिलान होता है, और भर्ती और छुट्टी के समय लाइव फ़ोटो ली जाती है
परिवार का रिकॉर्ड (जन आधार)
- राजस्थान में जन आधार की ग़लत जानकारी अपनी SSO ID से या पास के ई-मित्र से ठीक कराएँ (जन आधार FAQ)। (janaadhaar.rajasthan.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
राजस्थान में शिकायत
- राजस्थान सरकार की साइट पर शिकायत के लिए 'राजस्थान सम्पर्क' (sampark.rajasthan.gov.in) का लिंक दिया है। (sampark.rajasthan.gov.in; सोर्स: rajasthan.gov.in, जाँचा: )
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
क्या करना होगा
- परिवार का जन-आधार कार्ड हो और उसमें सबके नाम हों। एक साल से बड़े बच्चे का नाम जन-आधार में न हो, तो नाम जुड़ने के बाद ही उसका मुफ़्त इलाज होता है
- NFSA और SECC-2011 वाले परिवारों को रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं। बाक़ी परिवार SSO आईडी से ऑनलाइन या ई-मित्र पर रजिस्ट्रेशन करवाएँ
- इलाज के लिए भर्ती होते समय अस्पताल के योजना काउंटर पर जन-आधार नंबर, पॉलिसी डॉक्यूमेंट या आधार दें
और ज़रूरी बातें
- कैशलेस इलाज सिर्फ़ अस्पताल में भर्ती होने (IPD) और तय पैकेज के लिए है। भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक की उसी बीमारी की जाँच, दवा और डॉक्टर की फ़ीस भी पैकेज में है
- परिवार के साइज़ और उम्र की कोई हद नहीं है। योजना में आने से पहले की बीमारियाँ भी कवर हैं
- 15 दिसंबर 2025 से MAA वाले परिवार दूसरे राज्यों के PM-JAY अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज ले सकते हैं (जन-आधार, आधार या PM-JAY कार्ड दिखाकर)
- FAQ के मुताबिक़ MAA योजना राजस्थान और केंद्र सरकार मिलकर चलाती हैं, और SECC-2011 वाले परिवार (PM-JAY की लिस्ट) इसी में हैं। इसलिए राजस्थान में केंद्र की PM-JAY की लाइन अलग से नहीं दिखाते
- FAQ यह नहीं बताता कि 70 साल या ज़्यादा के बुज़ुर्ग वाले परिवार में पूरा परिवार मुफ़्त कवर होता है या सिर्फ़ बुज़ुर्ग
- 21 अगस्त 2026 के ऑर्डर के मुताबिक़ जिन बेसहारा, मानसिक रूप से बीमार या लावारिस मरीज़ों के पास पहचान के डॉक्यूमेंट नहीं हैं, उनका भी इस योजना में, योजना से जुड़े सरकारी अस्पताल में मुफ़्त इलाज होता है
क्या बदला
- 21 अगस्त 2026: ऑर्डर 5717: पहचान के डॉक्यूमेंट न होने वाले बेसहारा, मानसिक रूप से बीमार और लावारिस मरीज़ों का भी MAA में मुफ़्त इलाज (बजट 2026-27 का ऐलान, पॉइंट 86) (सोर्स)
- 15 दिसंबर 2025: MAA वाले परिवार दूसरे राज्यों के PM-JAY अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज ले सकते हैं (सोर्स)
- 1 मई 2021: पूरे राज्य के लिए योजना शुरू हुई (30 जनवरी 2021 से चल रही आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर) (सोर्स)
इससे जुड़ी योजनाएँ
किस मौक़े पर काम आती है: 60 साल या ज़्यादा उम्र।
राजस्थान की सभी योजनाएँ: राजस्थान की योजनाएँ।
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।
सोर्स
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Mukhyamantri Ayushman Arogya Yojana: out-bound portability, frequently asked questions (FAQ), on the portal's 'राजकीय आदेश' list (18 Dec 2025)
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MAA Yojana portal: 'प्रस्तावना' (the two categories of families)
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MAA Yojana portal: 'योजनार्न्तगत लाभ लेने की प्रक्रिया' (how treatment is taken)
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MAA Yojana portal: 'योजनार्न्तगत पंजीकरण प्रक्रिया' (how to register, and the fee)
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MAA Yojana portal: 'योजनान्तर्गत पात्रता' (salient features)
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Order 5717 of 21.08.2026: free treatment under MAA for helpless, mentally ill and unclaimed patients (budget announcement 2026-27, point 86)
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MAA Yojana portal: 'आवश्यक दस्तावेज' (papers)