पालनहार योजना, राजस्थान: बच्चे को पालने वाले को हर महीने पैसा
₹1,500 महीना · 6 से 18 साल के हर बच्चे पर, बाक़ी कैटेगरी के लिए (अनाथ बच्चे को ₹2,500)। किसे: बच्चे की उम्र 18 साल से कम, पालनहार (बच्चे को पालने वाले) परिवार की सालाना कमाई ₹1.20 लाख तक।
स्टेटस: चल रही है। पालनहार पोर्टल 2 नवंबर 2026 को चालू है और ई-मित्र पर आवेदन की बात लिखता है। रकम 21 मार्च 2023 के ऑर्डर (1 जुलाई 2023 से) और 3 मार्च 2022 के ऑर्डर (अनाथ बच्चों के लिए, 1 अप्रैल 2022 से) से ली है। 2023 के बाद का कोई ऑर्डर हमने नहीं जाँचा।
क्या मिलता है
₹1,500 महीना · 6 से 18 साल के हर बच्चे पर, बाक़ी कैटेगरी के लिए (अनाथ बच्चे को ₹2,500) (सोर्स)
- उम्र 6 साल से कम: ₹750 महीना · 6 साल तक के हर बच्चे पर, बाक़ी कैटेगरी के लिए (अनाथ बच्चे को ₹1,500)
पैसा कैसे आता है: पालनहार के खाते में हर महीने, हर बच्चे पर अलग
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- बच्चे की उम्र 18 साल से कम
- पालनहार (बच्चे को पालने वाले) परिवार की सालाना कमाई ₹1.20 लाख तक
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- बच्चा 18 साल का हो जाए
- परिवार की कमाई साल में ₹1.20 लाख से ऊपर जाए
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- बच्चा इन 10 कैटेगरी में से किसी एक में हो: अनाथ (माता-पिता दोनों नहीं); माता-पिता को फाँसी या उम्रक़ैद की सज़ा; पेंशन पा रही विधवा माँ के बच्चे (एक समय में ज़्यादा से ज़्यादा 3 बच्चे); दोबारा शादी करने वाली विधवा माँ के बच्चे; HIV/AIDS मरीज़ माता-पिता के बच्चे; कुष्ठ रोगी माता-पिता के बच्चे; 'नाता' गई माँ के बच्चे (एक समय में ज़्यादा से ज़्यादा 3 बच्चे); 40% या ज़्यादा दिव्यांग माता-पिता के बच्चे; पेंशन पा रही तलाकशुदा या परित्यक्ता माँ के बच्चे; सिलिकोसिस मरीज़ माता-पिता के बच्चे (यहाँ देखें: sjmsnew.rajasthan.gov.in)
- पालनहार राजस्थान का मूल निवासी हो, या तीन साल से ज़्यादा से राज्य में रह रहा हो (यहाँ देखें: sjmsnew.rajasthan.gov.in)
- बच्चा आवेदन की तारीख़ को पालनहार के साथ रहता हो, और ज़्यादातर कैटेगरी में पालनहार बच्चे को अपने घर में रखे। डिपार्टमेंट इसकी जाँच करता है (यहाँ देखें: sjmsnew.rajasthan.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: sjmsnew.rajasthan.gov.in
- ऑफ़लाइन: ई-मित्र केंद्र पर। डॉक्यूमेंट के लिए ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी से मिलें
- स्टेटस: sjmsnew.rajasthan.gov.in
- हेल्पलाइन: पालनहार पोर्टल का हेल्पडेस्क: 1800-180-6127
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- जन आधार कार्ड, और राजस्थान के रहने वाले होने या कम से कम तीन साल से रहने का सबूत (मूल निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या वोटर आईडी)। डिपार्टमेंट की लिस्ट के मुताबिक़
- पालनहार परिवार की सालाना कमाई ₹1.20 लाख से ज़्यादा न होने का सबूत। BPL, आस्था या अंत्योदय कार्ड वाले, पेंशन लेने वाले और PDS से राशन पाने वाले को यह सर्टिफ़िकेट नहीं चाहिए
- बच्चे का आधार कार्ड, बच्चा पालनहार के जन आधार में जुड़ा हो, और बच्चे के आँगनबाड़ी में रजिस्टर्ड होने या स्कूल में पढ़ने का सर्टिफ़िकेट। शाला दर्पण पोर्टल से बच्चे की जाँच हो चुकी हो तो पढ़ाई का सर्टिफ़िकेट नहीं चाहिए
- श्रेणी के हिसाब से काग़ज़: अनाथ बच्चे के लिए माता-पिता की मौत का सर्टिफ़िकेट, कैद या सज़ा वाले माता-पिता के लिए कोर्ट का फ़ैसला, विधवा माँ के लिए पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) वग़ैरह। डिपार्टमेंट की लिस्ट के मुताबिक़
आवेदन के बाद
शिकायत
- पोर्टल पर हेल्पडेस्क नंबर 1800-180-6127 और ईमेल raj.palanhar@rajasthan.gov.in छपे हैं (sjmsnew.rajasthan.gov.in)
पैसा मिलता रहे, इसके लिए
- डिपार्टमेंट की ऑर्डर लिस्ट में "Palanhar Renewal Additional Timeline orders" (जनवरी 2024) हैं। यानी मदद का रिन्यूअल होता है। रिन्यूअल का तरीक़ा और तारीख़ें हमने नहीं पढ़ीं
स्टेटस का मतलब
- पोर्टल पर "Application/ Payment Status" का लिंक है (sjmsnew.rajasthan.gov.in)
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
राजस्थान में शिकायत
- राजस्थान सरकार की साइट पर शिकायत के लिए 'राजस्थान सम्पर्क' (sampark.rajasthan.gov.in) का लिंक दिया है। (sampark.rajasthan.gov.in)
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- कैटेगरी के हिसाब से डॉक्यूमेंट लगते हैं: माता-पिता की मौत का सर्टिफ़िकेट, अदालत की सज़ा की कॉपी, विधवा की पेंशन का PPO, दोबारा शादी का सबूत, HIV या कुष्ठ का मेडिकल डॉक्यूमेंट, 'नाता' के मामले में SDO का सर्टिफ़िकेट, और कमाई का डिक्लेरेशन फ़ॉर्म
और ज़रूरी बातें
- रकम हर बच्चे पर अलग मिलती है
- अनाथ बच्चों के लिए रकम ज़्यादा है: 6 साल तक ₹1,500 और 6 से 18 साल तक ₹2,500 महीना (3 मार्च 2022 का ऑर्डर, 1 अप्रैल 2022 से)। हमारा फ़ॉर्म नहीं पूछ सकता कि बच्चा अनाथ है, इसलिए नीचे बाक़ी कैटेगरी की रकम गिनी है
- 18 साल पूरे होने के बाद भी अगर बच्चा 12वीं में हो, तो मदद 19 साल की उम्र तक या 12वीं पास करने तक (जो पहले हो) चल सकती है। 19 साल के बाद या 12वीं पास करने के बाद नहीं मिलती
क्या बदला
- 1 जुलाई 2023: 21 मार्च 2023 के ऑर्डर से अनाथ बच्चों को छोड़कर बाक़ी श्रेणियों के लिए मदद बढ़ी: 0 से 6 साल के बच्चे को ₹500 से ₹750 महीना और 6 से 18 साल के बच्चे को ₹1,000 से ₹1,500 महीना (सोर्स)
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।
सोर्स
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Palanhar Yojana Sanchalan Hetu Sanshodhit Niyam, 2022 (revised rules for running the Palanhar scheme)
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Administrative and financial sanction order of 21 Mar 2023: Palanhar assistance raised for children other than orphans: age 0-6 Rs 500 -> Rs 750; age 6-18 Rs 1,000 -> Rs 1,500 a month, from 1 Jul 2023
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Rajasthan Palanhaar Portal (home page and live statistics, read 2 Nov 2026)
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Departmental website: list of documents needed to apply for the Palanhar Yojana (PDF, Kruti Dev text converted)
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SJE department site: Notifications and Orders list (page)