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रायथु भरोसा (Rythu Bharosa): फ़सल के लिए पैसे की मदद, ₹12,000 प्रति एकड़ साल में, तेलंगाना

₹12,000 प्रति एकड़, साल में। किसे: परिवार के किसी सदस्य के नाम खेती की ज़मीन हो: पट्टादार, या जंगल की ज़मीन का ROFR पट्टा वाला।

स्टेटस: G.O.Rt.No.18 (10 जनवरी 2025) के मुताबिक़ योजना 26 जनवरी 2025 से लागू है। कृषि डिपार्टमेंट के पोर्टल पर यही G.O. सबसे ऊपर है और पोर्टल 2 नवंबर 2026 को चालू था। इसे रद्द करने वाला कोई बाद का ऑर्डर हमें नहीं दिखा। पैसा किन तारीख़ों पर और कितनी किस्तों में आता है, यह किसी सरकारी रिकॉर्ड में नहीं मिला।

नाम सरकारी लिस्ट से चुना जाता है: ऑर्डर में आवेदन का कोई रास्ता नहीं लिखा। भू-भारती (धरणी) पोर्टल पर दर्ज खेती लायक़ ज़मीन के हिसाब से पट्टादारों को और ROFR (वन अधिकार) पट्टाधारकों को पैसा जाता है। यानी नाम ज़मीन के रिकॉर्ड में होना ज़रूरी है। किरायेदार किसान या बे-ज़मीन परिवार इसमें हैं या नहीं, ऑर्डर में नहीं लिखा

क्या मिलता है

₹12,000 प्रति एकड़, साल में (सोर्स)

पैसा कैसे आता है: सीधे किसान के बैंक खाते में (DBT)। साल में कितनी किस्तों में और किस तारीख़ को आता है, G.O. में नहीं लिखा

किसे मिलती है

ये सारी बातें सही होनी चाहिए:

  • परिवार के किसी सदस्य के नाम खेती की ज़मीन हो: पट्टादार, या जंगल की ज़मीन का ROFR पट्टा वाला

यह आपको ख़ुद देखना होगा

ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:

  • ज़मीन भूभारती (धरणी) पोर्टल पर खेती लायक ज़मीन के रूप में दर्ज हो और पट्टादार का नाम परिवार के किसी सदस्य का हो। पैसा इसी रिकॉर्ड की ज़मीन के हिसाब से आता है। जो ज़मीन खेती लायक नहीं है, उसे रायथु भरोसा से हटाया जाता है। अपने मंडल के राजस्व दफ़्तर में पूछें (यहाँ देखें: rythubharosa.telangana.gov.in)

आवेदन और स्टेटस

  • ऑफ़लाइन: G.O. में आवेदन का कोई तरीक़ा नहीं लिखा: भूभारती (धरणी) रिकॉर्ड के पट्टादारों को पैसा दिया जाता है। योजना लागू करने और शिकायत सुलझाने की ज़िम्मेदारी ज़िला कलेक्टर की है

आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।

आवेदन के बाद

शिकायत

  • ऑर्डर के पैरा 3.7 के मुताबिक़ ज़िला कलेक्टर अपने ज़िले में योजना लागू करने और शिकायतें सुलझाने के लिए ज़िम्मेदार हैं। योजना का कोई अलग शिकायत पेज या हेल्पलाइन हमें नहीं मिली

पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें

  • आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
  • अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
  • आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
  • बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।

शिकायत कहाँ करें

  • सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
  • केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
  • राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
  • शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)

धोखे से बचें

  • ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
  • पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
  • पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
  • कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।

और ज़रूरी बातें

  • G.O. में सिर्फ़ पट्टादार और ROFR पट्टा वाले लिखे हैं। बटाई या ठेके पर खेती करने वाले और खेत मज़दूर इसमें आएँगे या नहीं, G.O. में कुछ नहीं लिखा
  • रकम हर एकड़ पर है: टूल परिवार की अपनी ज़मीन के एकड़ से ₹12,000 को गुणा करता है
  • जो G.O. हमने पढ़ा, उसमें एकड़ की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, और इनकम टैक्स देने वाले या सरकारी कर्मचारी जैसे किसी को बाहर रखने की बात भी नहीं है

क्या बदला

  • 26 जनवरी 2025: 26 जनवरी 2025 से रैतु भरोसा ने रैतु बंधु की जगह ली: साल में एक एकड़ पर ₹12,000 (पहले हर सीज़न ₹5,000 प्रति एकड़)। G.O.Rt.No.18, 10 जनवरी 2025 (सोर्स)
  • 1 जून 2019: रैतु बंधु 2019-20 से बढ़कर ₹5,000 प्रति एकड़ हर सीज़न हुई (तारीख़ ऑर्डर की है) (सोर्स)
  • 23 अप्रैल 2018: रैतु बंधु ₹4,000 प्रति एकड़ हर सीज़न एजेंसी इलाक़े तक बढ़ाई गई (तारीख़ ऑर्डर की है) (सोर्स)

अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।

सोर्स

  1. G.O.Rt.No.18, Agriculture and Cooperation (Agriculture-II) Department: Rythu Bharosa scheme 2025 - issue of guidelines
    Agriculture and Cooperation (Agriculture-II) Department, Government of Telangana, 10 जनवरी 2025
  2. G.O.Rt.No.202, Agriculture and Cooperation (Agri.II): continuation of Rythu Bandhu for 2019-20
    Agriculture and Cooperation (Agri.II) Department, Government of Telangana, 1 जून 2019
  3. G.O.Rt.No.280, Agriculture and Cooperation (Agri.II): Rythu Bandhu extended to Agency areas and RoFR
    Agriculture and Cooperation (Agri.II) Department, Government of Telangana, 23 अप्रैल 2018

ये नियम सरकारी रिकॉर्ड से को जाँचे गए। सभी योजनाओं में क्या बदला: बदलाव का पेज।