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महात्मा गांधी पेंशन योजना (निर्माण मज़दूर बोर्ड), उत्तर प्रदेश

₹1,000 महीना। किसे: परिवार में कोई निर्माण मज़दूर बोर्ड में रजिस्टर्ड हो, उम्र 60 साल पूरी, कोई और सरकारी पेंशन न मिल रही हो (ESIC और EPFO को छोड़कर)।

स्टेटस: लेबर डिपार्टमेंट की साइट पर बोर्ड की 12 योजनाएँ चालू लिखी हैं। पेज पर तारीख़ नहीं छपी। 2 नवंबर 2026 को देखा।

क्या मिलता है

₹1,000 महीना (सोर्स)

पैसा कैसे आता है: हर 2 साल में ₹50 बढ़कर ₹1,250 तक

परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।

किसे मिलती है

ये सारी बातें सही होनी चाहिए:

  • परिवार में कोई निर्माण मज़दूर बोर्ड में रजिस्टर्ड हो
  • उम्र 60 साल पूरी
  • कोई और सरकारी पेंशन न मिल रही हो (ESIC और EPFO को छोड़कर)

क्या चीज़ इसे रोक सकती है

  • कोई और सरकारी पेंशन शुरू हो जाए

यह आपको ख़ुद देखना होगा

ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:

  • पेंशन लेने वाला ख़ुद बोर्ड में कम से कम 10 साल से रजिस्टर्ड हो और रजिस्ट्रेशन चालू (रिन्यू किया हुआ) हो (यहाँ देखें: uplabour.gov.in)

आवेदन और स्टेटस

  • ऑफ़लाइन: पेंशन ज़िलाधिकारी की अगुवाई वाली कमेटी मंज़ूर करती है और बोर्ड सीधे पेमेंट करता है। आवेदन किस दफ़्तर में देना है, यह श्रम डिपार्टमेंट के पेज पर नहीं लिखा। डिपार्टमेंट का पेज: https://uplabour.gov.in/Pages/SGSchemes9.aspx

आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।

ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें

  • 60 साल की उम्र पूरी होने तक का अंशदान (बोर्ड में जमा पैसा) जमा होने का सबूत
  • आधार कार्ड, बैंक पासबुक और रेज़िडेंस सर्टिफ़िकेट (निवास प्रमाण पत्र) की साफ़ पढ़ने लायक़ फ़ोटोकॉपी
  • हलफ़नामा कि केंद्र या राज्य के किसी भी डिपार्टमेंट से पेंशन नहीं मिल रही

आवेदन के बाद

पैसा मिलता रहे, इसके लिए

  • हर साल अप्रैल में लाइफ़ सर्टिफ़िकेट (जीवित प्रमाण पत्र) देना होता है। पेंशन पाने वाले की मौत हो तो परिवार को 1 महीने के अंदर ज़िला श्रम दफ़्तर को बताना होता है। पेंशन ₹1,000 महीना है, हर 2 साल बाद ₹50 बढ़ती है, ज़्यादा से ज़्यादा ₹1,250 तक। श्रमिक की मौत के बाद पति या पत्नी को मिलती है

उत्तर प्रदेश में शिकायत

  • UP सरकार का शिकायत पोर्टल 'जनसुनवाई-समाधान' (IGRS) है। UP सरकार की साइट के मुताबिक़ यह राज्य में शिकायत निपटाने का एक सिस्टम है। (jansunwai.up.nic.in)
  • तय समय तक कार्रवाई न हो, तो जनसुनवाई-समाधान पोर्टल पर रिमाइंडर (पोर्टल पर 'अनुस्मारक') भेजने का ऑप्शन है। (jansunwai.up.nic.in)
  • UP सरकार की हेल्पलाइन लिस्ट के मुताबिक़ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नंबर 1076 है। (up.gov.in)

शिकायत कहाँ करें

  • सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
  • केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
  • राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
  • शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)

धोखे से बचें

  • ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
  • पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
  • पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
  • कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।

क्या करना होगा

  • उत्तर प्रदेश में स्थायी रूप से रहते हों
  • हर अप्रैल में लाइफ़ सर्टिफ़िकेट (जीवित होने का प्रमाण) देना होता है

अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।

सोर्स

  1. Mahatma Gandhi Pension Scheme (Labour Department page)
    Labour Department, Government of Uttar Pradesh
  2. Mahatma Gandhi Pension Scheme (Labour Department page): eligibility, papers, amount (saved copy of the page of s3)
    Labour Department, Uttar Pradesh

ये नियम सरकारी रिकॉर्ड से को जाँचे गए। सभी योजनाओं में क्या बदला: बदलाव का पेज।