योजना चेक

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मुख्यमंत्री कृषक सम्मान निधि (MKSN), हिस्सा 1: जो किसान परिवार PM-KISAN में नहीं हैं, उन्हें राज्य का पैसा, पश्चिम बंगाल

₹4,000 से ₹6,000 साल में, शर्तों के हिसाब से। किसे: परिवार में कोई किसान, जिसके नाम खेती की ज़मीन हो, खेती की ज़मीन परिवार के अपने नाम पर हो, या परिवार बरगादार, पट्टा धारक या बटाईदार के रूप में रिकॉर्ड में दर्ज हो, परिवार में कोई इनकम टैक्स भरने वाला नहीं और 2 और शर्तें।

स्टेटस: ऑर्डर 1128-AG/O/9M(Nab)-56/2026 (कृषि डिपार्टमेंट, 29 अक्टूबर 2026) से, जो सिर्फ़ चार दिन पुराना है। ऑर्डर में शुरुआत की तारीख़ और पहली किस्त की तारीख़ नहीं लिखी। ऑर्डर में जिस गाइडलाइन और आवेदन के फ़ॉर्मैट का नाम है, वे हमें नहीं मिले। पोर्टल पर पुरानी कृषक बंधु का पेज अब भी है (₹10,000 और ₹4,000), पर यह ऑर्डर नया है, इसलिए इसकी रकम ली है। ऑर्डर स्कैन है, दोनों पन्ने पढ़े गए। 2 नवंबर 2026 को देखा।

क्या मिलता है

40 डेसिमल (0.4 एकड़) या ज़्यादा खेती की ज़मीन हो तो ₹6,000 साल का, उससे कम हो तो ₹4,000 साल का (सोर्स)

  • ₹6,000 साल में · 40 डेसिमल (0.4 एकड़, करीब 0.162 हेक्टेयर) या ज़्यादा खेती की ज़मीन पर
  • ₹4,000 साल में · 40 डेसिमल से कम खेती की ज़मीन पर

पैसा कैसे आता है: दो बराबर किस्तों में सीधे खाते में (DBT): एक ख़रीफ़ के सीज़न में (जून से सितंबर), दूसरी रबी के सीज़न में (दिसंबर से मार्च)। पैसा जाँच और मंज़ूरी के बाद आता है

किसे मिलती है

ये सारी बातें सही होनी चाहिए:

  • परिवार में कोई किसान, जिसके नाम खेती की ज़मीन हो। रजिस्टर्ड बरगादार, पट्टा धारक और रजिस्टर्ड बटाईदार भी आते हैं, जिनके पास ज़मीन का रिकॉर्ड (RoR) हो
  • खेती की ज़मीन परिवार के अपने नाम पर हो, या परिवार बरगादार, पट्टा धारक या बटाईदार के रूप में रिकॉर्ड में दर्ज हो
  • परिवार में कोई इनकम टैक्स भरने वाला नहीं। ऑर्डर में "परिवार" का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं। हमारा फ़ॉर्म पूरे घर का पूछता है
  • परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी नहीं। ग्रुप D, MTS और फ़ोर्थ क्लास (चतुर्थ श्रेणी) वालों की छूट है। ऑर्डर में यह नहीं लिखा कि केंद्र, राज्य, PSU या लोकल बॉडी में से किसके कर्मचारी गिने जाएँगे
  • परिवार में कोई पेंशनर नहीं। हमारा फ़ॉर्म सिर्फ़ ₹10,000 महीना या ज़्यादा की पेंशन पूछता है। ऑर्डर में पेंशन की कोई रकम नहीं लिखी, इसलिए कम पेंशन वाले का पता हमें नहीं चलता

क्या चीज़ इसे रोक सकती है

  • परिवार में कोई इनकम टैक्स भरने लगे
  • परिवार में किसी को सरकारी नौकरी मिले (ग्रुप D, MTS और फ़ोर्थ क्लास (चतुर्थ श्रेणी) को छोड़कर)
  • परिवार में कोई सरकारी पेंशन लेने लगे

यह आपको ख़ुद देखना होगा

ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:

  • परिवार PM-KISAN का पैसा पाने वालों में न हो। PM-KISAN वाले किसानों को यह हिस्सा नहीं, हिस्सा 2 (₹3,000 ऊपर से) मिलता है। आपका नाम PM-KISAN की लिस्ट में है या नहीं, यह PM-KISAN की वेबसाइट पर "Know your status" से देखें (यहाँ देखें: pmkisan.gov.in)
  • ज़मीन परिवार के नाम पर ठीक से म्यूटेट हुए RoR में दर्ज हो, या बरगादार, पट्टा धारक या बटाईदार के रूप में रिकॉर्ड में दर्ज हो। यह ब्लॉक के कृषि ऑफ़िस (ADA) में जाँचा जाता है (यहाँ देखें: krishakbandhu.wb.gov.in)
  • परिवार में कोई संवैधानिक पद पर न हो, कोई NRI न हो, ज़मीन किसी संस्था (ट्रस्ट, कंपनी) की न हो, और कोई डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या आर्किटेक्ट के रूप में रजिस्टर्ड होकर प्रैक्टिस न करता हो। पेंशनर भी बाहर हैं। ग्रुप D से रिटायर हुए सदस्य की छूट है या नहीं, ऑर्डर में अलग से नहीं लिखा। हमारे फ़ॉर्म में ये सवाल नहीं हैं (यहाँ देखें: krishakbandhu.wb.gov.in)
  • वोटर लिस्ट (SIR 2026) में किसान का नाम मृत, शिफ़्ट, डिलीट या ग़ैरहाज़िर वोटर के रूप में न आया हो, और ASDD न मिला हो। जिन्होंने CAA में आवेदन किया है, उनका नाम तब तक चलता है जब तक जाँच करने वाला अधिकारी उसे हटा न दे (यहाँ देखें: krishakbandhu.wb.gov.in)

किसके साथ नहीं मिलती

एक इंसान को यह योजना या इनमें से कोई एक ही मिलती है:

आवेदन और स्टेटस

  • ऑनलाइन आवेदन: krishakbandhu.wb.gov.in
  • ऑफ़लाइन: अपने ब्लॉक के असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ़ एग्रीकल्चर (ADA) के ऑफ़िस में तय फ़ॉर्मैट में। पोर्टल पर "Login to Apply" भी है
  • हेल्पलाइन: 033-23570021 (सुबह 10 से शाम 5 बजे), पोर्टल पर यही छपा है

आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।

ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें

  • ज़मीन का रिकॉर्ड (RoR) आवेदन करने वाले के नाम पर, या बटाईदार, बर्गादार, पट्टा होल्डर होने का रिकॉर्ड। रिकॉर्ड में नाम ठीक से म्यूटेट होकर मालिकाना दिखना चाहिए
  • वोटर आईडी कार्ड (EPIC)
  • आधार की जानकारी
  • बैंक पासबुक का पहला पन्ना (खाताधारक का नाम, खाता नंबर, IFSC)
  • पश्चिम बंगाल की किसी ब्रांच का आधार से जुड़ा बैंक खाता, DBT के लिए चालू। एक ही खाते में दो लोगों का पैसा नहीं जाएगा
  • बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर
  • स्कीम की गाइडलाइन में तय बाक़ी डिक्लेरेशन और डॉक्यूमेंट। वे हमने अभी नहीं देखे
  • कृषक बंधु (नतुन) में पहले से हैं, तो वेरिफ़िकेशन फ़ॉर्म (Annexure-I) के साथ किसान और पति या पत्नी के आधार और वोटर आईडी की फ़ोटोकॉपी, ज़मीन का RoR और दोनों के बैंक खाते की फ़ोटोकॉपी (3 जुलाई 2026 का सर्कुलर)

आवेदन के बाद

शिकायत

  • पोर्टल पर हेल्पलाइन 033-23570021 (सुबह 10 से शाम 5 बजे) छपी है (krishakbandhu.wb.gov.in)

पैसा मिलता रहे, इसके लिए

  • ऑर्डर के मुताबिक़ कृषक बंधु (नतुन) के मौजूदा किसान तभी अपने-आप जुड़ेंगे जब उनकी हक़दारी और बैंक खाते की जानकारी वेरिफ़िकेशन में सही निकले
  • 3 जुलाई 2026 के सर्कुलर के मुताबिक़ मौजूदा किसान Annexure-I फ़ॉर्म भरते हैं और आधार, वोटर आईडी, RoR और बैंक खाते की फ़ोटोकॉपी देते हैं। जमा करने पर यूनीक सीरियल नंबर वाली रसीद मिलती है

स्टेटस का मतलब

  • ऑर्डर के मुताबिक़ एनरोलमेंट तब पूरा माना जाएगा जब किसान का आधार से जुड़ा बैंक खाता वेरिफ़ाई हो जाए और यूनीक बेनिफ़िशियरी आईडी (UBIN) बन जाए

पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें

  • आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
  • अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
  • आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
  • बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।

शिकायत कहाँ करें

  • सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
  • केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
  • राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
  • शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)

धोखे से बचें

  • ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
  • पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
  • पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
  • कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।

क्या करना होगा

  • बैंक खाता आधार से जुड़ा हो, DBT के लिए चालू हो और पश्चिम बंगाल की ब्रांच का हो। दो किसानों का एक ही बैंक खाता नहीं चलेगा। खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर भी चाहिए
  • डॉक्यूमेंट: अपने नाम का RoR (या बरगादार, पट्टा, बटाईदारी का ज़मीन-रिकॉर्ड का सबूत), वोटर आईडी (EPIC), आधार, बैंक पासबुक का पहला पन्ना (खाताधारक का नाम, खाता नंबर, IFSC)। गाइडलाइन में और भी डॉक्यूमेंट और डिक्लेरेशन तय हैं, जो हमने नहीं देखे
  • जो किसान पहले से कृषक बंधु (नतून) में नहीं हैं और PM-KISAN में भी नहीं हैं, वे तय फ़ॉर्मैट में अपने ब्लॉक के असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ़ एग्रीकल्चर (ADA) के ऑफ़िस में आवेदन दें। ब्लॉक, ज़िले और राज्य के लेवल पर जाँच होती है

और ज़रूरी बातें

  • परिवार में से सिर्फ़ एक सदस्य को यह पैसा मिलता है। ऑर्डर के मुताबिक़ किसान परिवार यानी पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे, जिनके नाम पश्चिम बंगाल के ज़मीन-रिकॉर्ड में खेती की ज़मीन हो
  • ज़मीन 1 जुलाई 2026 की गिनी जाएगी। उसके बाद अगले 5 साल ज़मीन में हुए बदलाव नहीं गिने जाएँगे। छूट: ज़मीन के मालिक की मौत पर वारिस को मिली ज़मीन (वारिस का परिवार बाक़ी शर्तें पूरी करे तो हक़दार)। बिक्री, बँटवारे या गिफ़्ट से ज़मीन पाने वाला हक़दार नहीं होगा
  • ऑर्डर में ज़मीन की ऊपरी हद नहीं लिखी। 40 डेसिमल (0.4 एकड़) से जितनी भी ज़्यादा ज़मीन हो, रकम ₹6,000 ही है
  • जो किसान पहले से कृषक बंधु (नतून) में हैं, उन्हें जाँच और वेरिफ़िकेशन के बाद अपने-आप जोड़ा जाएगा (कृषि डिपार्टमेंट का ऑर्डर 617-AG/O/9M(NAB)-35/2026, 3 जुलाई 2026)। उन्हें नया आवेदन नहीं देना होगा
  • PM-KISAN वाले किसानों के लिए यही ऑर्डर हिस्सा 2 में ₹3,000 अलग से देता है। एक परिवार को दोनों हिस्से नहीं मिलते

क्या बदला

  • 29 अक्टूबर 2026: ऑर्डर 1128 से मुख्यमंत्री कृषक सम्मान निधि (MKSN) शुरू हुई: 40 डेसिमल या ज़्यादा ज़मीन पर ₹6,000 साल, उससे कम पर ₹4,000 साल। पुरानी कृषक बंधु का ₹2 लाख का डेथ बेनिफ़िट ऑर्डर में नहीं लिखा, उसका क्या होगा, यह हमें नहीं मिला (सोर्स)
  • 17 जून 2021: कृषक बंधु (नतुन) शुरू हुई। पोर्टल का पुराना ‘About’ पेज अब भी इसकी पुरानी रकम (साल में ₹10,000 तक) दिखाता है; ऑर्डर 1128 उसे नहीं दोहराता (सोर्स)

अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।

सोर्स

  1. Notification: Mukhyamantri Krishak Samman Nidhi (MKSN), two components
    Agriculture Department, Government of West Bengal (Nabanna, Howrah), 29 अक्टूबर 2026
  2. Mukhyamantri Krishak Samman Nidhi portal: home (list of orders, helpline)
    Agriculture Department, Government of West Bengal
  3. Circular 617-AG/O/9M(NAB)-35/2026: Verification, Rationalization and Revalidation of Beneficiaries under the Krishak Bandhu (Natun) Scheme (2 pages)
    Department of Agriculture, Government of West Bengal, 3 जुलाई 2026
  4. About Krishak Bandhu (the earlier scheme, still on the portal)
    Agriculture Department, Government of West Bengal

ये नियम सरकारी रिकॉर्ड से को जाँचे गए। सभी योजनाओं में क्या बदला: बदलाव का पेज।