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आयुष्मान भारत PM-JAY, पश्चिम बंगाल: परिवार को हर साल ₹5 लाख तक मुफ़्त इलाज

₹5 लाख तक मुफ़्त इलाज हर साल, पूरे परिवार का। अस्पताल में भर्ती होने पर सेकेंडरी और टर्शियरी इलाज।

स्टेटस: PIB (8 जून 2026) के मुताबिक़ पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत PM-JAY लागू करने वाला 36वाँ राज्य बना। राज्य के पोर्टल पर इसका पेज है (26 जून 2026 को अपडेट)। कवर कब से चालू हुआ और कार्ड कैसे बनेंगे, यह हमें किसी ऑर्डर या सरकारी नोटिस में नहीं मिला। 2 नवंबर 2026 को देखा।

नाम सरकारी लिस्ट से चुना जाता है: राज्य के पोर्टल पेज (26 जून 2026) पर लिखा है कि अलग आवेदन फ़ॉर्म नहीं है: हक़दार परिवार SECC लिस्ट से अपने-आप पहचाने जाते हैं। अपना नाम PM-JAY की साइट के ‘Am I Eligible’ से, CSC पर, या एम्पैनल्ड अस्पताल के आरोग्य मित्र डेस्क पर देखें। 70 साल या ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्ग अलग फ़ॉर्म भरकर आवेदन करते हैं। (beneficiary.nha.gov.in)

क्या मिलता है

₹5 लाख तक मुफ़्त इलाज हर साल, पूरे परिवार का। अस्पताल में भर्ती होने पर सेकेंडरी और टर्शियरी इलाज (सोर्स)

यह आपको ख़ुद देखना होगा

ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:

  • परिवार का नाम PM-JAY की लिस्ट में हो। यह लिस्ट 2011 की SECC जनगणना के डेटा से बनी है। आपका नाम लिस्ट में है या नहीं, यह हमारा फ़ॉर्म नहीं देख सकता। राज्य के पेज के मुताबिक़ यह PM-JAY की वेबसाइट के "Am I Eligible" से, कॉमन सर्विस सेंटर में, या लिस्ट वाले अस्पताल के आरोग्य मित्र डेस्क पर देखा जाता है (यहाँ देखें: wb.gov.in)

आवेदन और स्टेटस

  • ऑफ़लाइन: नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), या लिस्ट वाले अस्पताल का आरोग्य मित्र डेस्क। राज्य के पेज पर लिखा है कि अलग आवेदन फ़ॉर्म नहीं भरना पड़ता: SECC लिस्ट के परिवार अपने-आप पहचाने जाते हैं। 70 साल या ज़्यादा के बुज़ुर्ग अलग फ़ॉर्म भरते हैं

आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।

ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें

  • आधार कार्ड, राशन कार्ड या कोई और सरकारी ID, वेरिफ़िकेशन के लिए (पोर्टल पेज के मुताबिक़)

आवेदन के बाद

शिकायत

  • पेज पर लिखा है कि हेल्पलाइन और शिकायत का सिस्टम है, पर पश्चिम बंगाल का कोई नंबर उस पर नहीं छपा

स्टेटस का मतलब

  • पोर्टल पेज के मुताबिक़ वेरिफ़िकेशन के बाद डिजिटल या छपा हुआ आयुष्मान कार्ड (e-card) बनता है। इलाज के वक़्त अस्पताल में पहचान बायोमेट्रिक से होती है

शिकायत कहाँ करें

  • सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
  • केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
  • राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
  • शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)

धोखे से बचें

  • ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
  • पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
  • पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
  • कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।

क्या करना होगा

  • जाँच के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड या कोई और सरकारी ID दिखानी होती है

और ज़रूरी बातें

  • पेज के मुताबिक़ कमाई की कोई हद नहीं है। लिस्ट में नाम ग़रीबी के निशानों और पेशे के हिसाब से आता है, कमाई से नहीं। गाँव में जैसे एक कमरे का कच्चा घर, 16 से 59 साल का कोई बड़ा सदस्य न होना, SC या ST परिवार, मज़दूरी से कमाने वाला बिना ज़मीन का परिवार। शहर में कूड़ा बीनने वाले, घरेलू काम करने वाले, सफ़ाई कर्मचारी जैसे पेशे
  • 70 साल या ज़्यादा उम्र के सभी बुज़ुर्ग अलग फ़ॉर्म भरकर "स्पेशल हेल्थ कवरेज" में आ सकते हैं। पेज पर इसकी रकम नहीं लिखी
  • PIB के मुताबिक़ आशा, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के परिवार भी इसमें शामिल हैं

क्या बदला

  • 8 जून 2026: नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने पश्चिम बंगाल के हेल्थ डिपार्टमेंट से MoU किया और पश्चिम बंगाल PM-JAY लागू करने वाला 36वाँ राज्य बना (PIB के मुताबिक़)। कवर कब से शुरू हुआ, यह हमें किसी सरकारी ऑर्डर में नहीं मिला (सोर्स)

अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।

सोर्स

  1. Information Centre > Schemes > Pradhan Mantri Ayushman Bharat Yojana (West Bengal State Portal)
    Department of Information & Cultural Affairs, Government of West Bengal (state portal), 26 जून 2026
  2. West Bengal Becomes 36th State/UT to Implement Ayushman Bharat PM-JAY
    Press Information Bureau, Ministry of Health and Family Welfare, 8 जून 2026

ये नियम सरकारी रिकॉर्ड से को जाँचे गए। सभी योजनाओं में क्या बदला: बदलाव का पेज।