तपशिली बंधु (Taposili Bandhu): अनुसूचित जाति के बुज़ुर्गों की पेंशन, पश्चिम बंगाल
₹1,000 महीना। किसे: उम्र 60 साल या ज़्यादा, अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से, इस बुज़ुर्ग को कोई और सरकारी पेंशन न मिलती हो।
स्टेटस: राज्य के पोर्टल पर इसका पेज है (26 जून 2026 को अपडेट), जिसमें ₹1,000 महीना लिखा है। ख़बरों में पेंशन ₹1,500 होने की बात है, पर उसका कोई ऑर्डर हमें नहीं मिला। इसलिए पेज की रकम ही गिनी है। 2 नवंबर 2026 को देखा।
क्या मिलता है
₹1,000 महीना (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: हर महीने बैंक खाते में सीधे (DBT)
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- उम्र 60 साल या ज़्यादा
- अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से
- इस बुज़ुर्ग को कोई और सरकारी पेंशन न मिलती हो
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- कोई और सरकारी पेंशन मिलने लगे
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- "आर्थिक रूप से कमज़ोर" हो। पेज पर कमाई की कोई हद नहीं लिखी, इसलिए हम इसे जाँच नहीं सकते। अपने BDO या नगरपालिका के ऑफ़िस से पूछें (यहाँ देखें: wb.gov.in)
- पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी हो। हमारा फ़ॉर्म सिर्फ़ यह पूछता है कि आप किस राज्य में रहते हैं (यहाँ देखें: wb.gov.in)
किसके साथ नहीं मिलती
एक इंसान को यह योजना या इनमें से कोई एक ही मिलती है:
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन (IGNWPS): केंद्र का हिस्सा
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन (IGNDPS): केंद्र का हिस्सा
आवेदन और स्टेटस
- ऑफ़लाइन: BDO या नगरपालिका के ऑफ़िस से आवेदन फ़ॉर्म लें, भरें, डॉक्यूमेंट लगाकर उसी लोकल दफ़्तर में जमा करें। वहाँ जाँच होती है और मंज़ूर होने पर पेंशन सीधे खाते में आती है
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- उम्र का प्रूफ़
- जाति सर्टिफ़िकेट (SC)
- रहने का प्रूफ़ (रेज़िडेंस प्रूफ़)
- बैंक खाते की जानकारी
आवेदन के बाद
स्टेटस का मतलब
- पोर्टल पेज के मुताबिक़ लोकल अथॉरिटी आवेदन का वेरिफ़िकेशन करती है। मंज़ूरी के बाद नाम जुड़ता है और पेंशन सीधे बैंक खाते में आती है
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in)
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए।
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in)
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है।
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (pgportal.gov.in)
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है।
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in)
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in)
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता।
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है।
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)।
क्या करना होगा
- बैंक खाता चालू हो और DBT के लिए ठीक हो
- डॉक्यूमेंट: उम्र का सबूत, जाति सर्टिफ़िकेट (SC), रहने का सबूत और बैंक खाते की जानकारी
और ज़रूरी बातें
- पेज के मुताबिक़ पेंशन पाने वाले को किसी और सरकारी पेंशन योजना से पेंशन न मिलती हो। इसलिए इसके साथ हम केंद्र की NSAP पेंशन का हिस्सा अलग से नहीं गिनते
- अनुसूचित जनजाति (ST) के बुज़ुर्गों के लिए पोर्टल पर जय जोहार योजना का पेज है, जिसमें यही शर्तें हैं। उसमें रकम नहीं लिखी, इसलिए उसका रूल हमने नहीं बनाया
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।