दिव्यांग राहत भत्ता (सामाजिक सुरक्षा पेंशन), हिमाचल प्रदेश
₹1,150 महीना। किसे: दिव्यांगता 40% या ज़्यादा, मेडिकल अथॉरिटी के सर्टिफ़िकेट के मुताबिक़, ख़ुद सरकारी, अर्ध सरकारी, निगम या बोर्ड की नौकरी में न हों, कोई और पेंशन न पाते हों और 1 और शर्त।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं
स्टेटस: शर्तें 3 दिसंबर 2025 के नोटिफ़िकेशन से हैं (स्कैन, पढ़कर लिखी)। रक़म हिमाचल के आर्थिक सर्वे 2025-26 की टेबल 15.1 से है। यह इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स डिपार्टमेंट की सालाना रिपोर्ट है (दिसंबर 2025 तक), कोई ऑर्डर नहीं।
एक नज़र में
- ₹1,150 से ₹1,700 महीनारकम
- 4शर्तें
- 3डॉक्यूमेंट
- ऑफ़लाइनआवेदन
- चल रही हैयोजना का हाल
क्या मिलता है
₹1,150 महीना (सोर्स)
- दिव्यांगता 70% या ज़्यादा: ₹1,700 महीना · 70% या ज़्यादा दिव्यांगता: ₹1,700 हर महीने, कमाई की कोई हद नहीं
- महिला: ₹1,500 महीना · 40 से 69% दिव्यांगता, महिला: ₹1,500 हर महीने
- पुरुष: ₹1,150 महीना · 40 से 69% दिव्यांगता, पुरुष: ₹1,150 हर महीने
पैसा कैसे आता है: हर महीने। पेमेंट का तरीक़ा सर्वे में नहीं लिखा
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
कितना पैसा बनता है
₹13,800 12 महीने में
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- दिव्यांगता 40% या ज़्यादा, मेडिकल अथॉरिटी के सर्टिफ़िकेट के मुताबिक़
- ख़ुद सरकारी, अर्ध सरकारी, निगम या बोर्ड की नौकरी में न हों
- कोई और पेंशन न पाते हों
- ख़ुद इनकम टैक्स देने वाले न हों। फ़ॉर्म पूरे परिवार का पूछता है, इसलिए परिवार में कोई इनकम टैक्स दे तो 'शायद' दिखता है, 'नहीं' नहीं
ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं
- दिव्यांगता 40% या ज़्यादा, मेडिकल अथॉरिटी के सर्टिफ़िकेट के मुताबिक़
- ख़ुद सरकारी, अर्ध सरकारी, निगम या बोर्ड की नौकरी में न हों
- कोई और पेंशन न पाते हों
- ख़ुद इनकम टैक्स देने वाले न हों
ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।
पूरी योजना एक नक़्शे में
किसे मिलती है: 4 शर्तें
- दिव्यांगता 40% या ज़्यादा, मेडिकल अथॉरिटी के सर्टिफ़िकेट के मुताबिक़
- ख़ुद सरकारी, अर्ध सरकारी, निगम या बोर्ड की नौकरी में न हों
- कोई और पेंशन न पाते हों
- ख़ुद इनकम टैक्स देने वाले न हों
क्या मिलता है: ₹1,150 से ₹1,700 महीना
- ₹1,150 महीना
आवेदन कहाँ: 1 जगह
- ऑफ़लाइन: ज़िला वेलफ़ेयर ऑफ़िस या तहसील वेलफ़ेयर ऑफ़िसर
डॉक्यूमेंट: 3 डॉक्यूमेंट
- मेडिकल अथॉरिटी का दिव्यांगता सर्टिफ़िकेट, जिसमें दिव्यांगता का परसेंट लिखा हो
- नीचे की लिस्ट 2019 की ज़िला वेलफ़ेयर ऑफ़िस (शिमला) की टेबल से है
- 2019 की टेबल में इनकम सर्टिफ़िकेट और ग्राम पंचायत की सिफ़ारिश भी लिखी है, पर 3 दिसंबर 2025 का नोटिफ़िकेशन कमाई की कोई हद नहीं रखता
रुक सकती है अगर: 3 बातें
- ख़ुद सरकारी नौकरी मिल जाए
- कोई और पेंशन शुरू हो जाए
- ख़ुद इनकम टैक्स देने लगें
इसके साथ नहीं मिलती: 3 योजनाएँ
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- ख़ुद सरकारी नौकरी मिल जाए
- कोई और पेंशन शुरू हो जाए
- ख़ुद इनकम टैक्स देने लगें
यह आपको ख़ुद देखना होगा
यह बात हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक यह पक्की न हो, जवाब "शायद" रहेगा:
- सर्टिफ़िकेट उस दिव्यांगता का हो जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की लिस्ट में है ('विनिर्दिष्ट दिव्यांगता') और मेडिकल अथॉरिटी का दिया हो। यह फ़ॉर्म से नहीं देख सकते। ज़िला वेलफ़ेयर ऑफ़िस से पूछें
किसके साथ नहीं मिलती
एक इंसान को यह योजना या इनमें से कोई एक ही मिलती है:
- इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना (हर महीने ₹1,500)
- वृद्धावस्था पेंशन (सामाजिक सुरक्षा पेंशन), हिमाचल प्रदेश
- विधवा / परित्यक्ता / एकल नारी पेंशन (सामाजिक सुरक्षा पेंशन), हिमाचल प्रदेश
आवेदन और स्टेटस
- ऑफ़लाइन: ज़िला वेलफ़ेयर ऑफ़िस या तहसील वेलफ़ेयर ऑफ़िसर
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
कहाँ चलती है
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- मेडिकल अथॉरिटी का दिव्यांगता सर्टिफ़िकेट, जिसमें दिव्यांगता का परसेंट लिखा हो
- नीचे की लिस्ट 2019 की ज़िला वेलफ़ेयर ऑफ़िस (शिमला) की टेबल से है। उसके बाद रूल्स बदले हैं, इसलिए ऑफ़िस से पूछकर पक्का करें: परिवार रजिस्टर की कॉपी, आधार कार्ड और बैंक अकाउंट
- 2019 की टेबल में इनकम सर्टिफ़िकेट और ग्राम पंचायत की सिफ़ारिश भी लिखी है, पर 3 दिसंबर 2025 का नोटिफ़िकेशन कमाई की कोई हद नहीं रखता
आवेदन के बाद
शिकायत
- पेंशन फ़ॉर्म के सवालों के लिए डिपार्टमेंट के पेज पर नंबर छपे हैं: 0177-2622041 और 0177-2620033
हिमाचल प्रदेश में शिकायत
- हिमाचल प्रदेश सरकार की साइट पर 'मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100' दी है। (cmsankalp.hp.gov.in; सोर्स: himachal.nic.in, जाँचा: )
- मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पोर्टल के मुताबिक़ उस पर किसी भी समय शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। (सोर्स: cmsankalp.hp.gov.in, जाँचा: )
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
और ज़रूरी बातें
- उम्र की कोई हद नहीं है, कमाई की भी नहीं (नोटिफ़िकेशन, 3 दिसंबर 2025)। मुख्यमंत्री की 23 अप्रैल 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ 40 से 69% दिव्यांगता वालों के लिए ग्राम सभा की मंज़ूरी भी हटाई गई है
- यह भत्ता सामाजिक सुरक्षा (पेंशन/भत्ता) नियमों में आता है, और नोटिफ़िकेशन (3 दिसंबर 2025) के मुताबिक़ उन्हीं को मिलता है जो कोई और पेंशन न पाते हों। इसलिए एक ही व्यक्ति के लिए वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या प्यारी बहना भी बने, तो हम इनमें से एक ही गिनते हैं
- इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि के नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ भी जिस महिला के परिवार में कोई सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाता है, उसे वह नहीं मिलती
- सर्वे में 40 से 69% पर पुरुष को ₹1,150 और महिला को ₹1,500, और 70% से ऊपर ₹1,700 लिखा है। ठीक 70% पर रक़म सर्वे में साफ़ नहीं, हमने ₹1,700 मानी है
- 100% दिव्यांगता वालों की पेंशन ₹1,700 से ₹3,000 करने का फ़ैसला हुआ है (मुख्यमंत्री की 23 अप्रैल 2026 की प्रेस रिलीज़) और बजट भाषण 2026-27 में ऐलान हुआ है। ऑर्डर हमें नहीं मिला, इसलिए ₹3,000 गिना नहीं है
क्या बदला
- 3 दिसंबर 2025: 3 दिसंबर 2025 के नोटिफ़िकेशन से दिव्यांग राहत भत्ते के नियम 4(2) में बदलाव हुआ: 40% या ज़्यादा दिव्यांगता, बिना उम्र और कमाई की हद के। शर्त यह है कि ख़ुद सरकारी नौकरी में न हों, कोई और पेंशन न लें और इनकम टैक्स न दें (स्कैन, पढ़कर लिखा) (सोर्स)
इससे जुड़ी योजनाएँ
किस मौक़े पर काम आती है: दिव्यांगता।
हिमाचल प्रदेश की सभी योजनाएँ: हिमाचल प्रदेश की योजनाएँ।
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।
सोर्स
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Notification of 3 Dec 2025: amendment of rule 4(2), Social Security (Pension/Allowance) Rules 2010 and 2023: Disability Relief Allowance
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Notification: Indira Gandhi Pyari Behna Sukh-Samman Nidhi Yojana (Annexure-A: the scheme)
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Economic Survey 2025-26, Himachal Pradesh: Table 15.1, Social Security Pension Schemes of the State (printed page 327)
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Press release: State amends rules to ensure timely disbursement of Social Security Pensions (No. 412/2026-PUB)
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Department page: Social Security Pension (rules 1979, 2010, 2023; apply online; contact)
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District Welfare Office Shimla: pension schemes and conditions table