शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार (दिव्यांगजन की शादी पर), उत्तर प्रदेश
₹20,000 एक बार · दुल्हन के दिव्यांग होने पर, एक बार। किसे: कम से कम 40 परसेंट दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट, शादी तय हो गई हो (शादी का रजिस्ट्रेशन कराना ज़रूरी है), शादी के समय लड़की की उम्र 18 से 45 साल और लड़के की उम्र 21 से 45 साल के बीच हो और 2 और शर्तें।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं
स्टेटस: दिव्यांगजन सशक्तीकरण डिपार्टमेंट अपनी राज्य की योजनाओं की लिस्ट (6 जनवरी 2026) में इसे ऑनलाइन आवेदन के लिंक के साथ रखता है और कहता है कि यह 1997 से चल रही है। योजना का अपना पेज 13 जुलाई 2021 को आख़िरी बार अपडेट हुआ था; उसके बाद का कोई ऑर्डर हमें नहीं मिला, इसलिए रकम बदली हो सकती है। 3 नवंबर 2026 को देखा।
एक नज़र में
- ₹15,000 से ₹20,000 तकरकम
- 5शर्तें
- 2डॉक्यूमेंट
- ऑनलाइन और ऑफ़लाइनआवेदन
- चल रही हैयोजना का हाल
क्या मिलता है
₹20,000 एक बार · दुल्हन के दिव्यांग होने पर, एक बार (सोर्स)
- पुरुष: ₹15,000 एक बार · दूल्हे के दिव्यांग होने पर, एक बार
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
कब मिलता है
- शर्तें पूरी हों
- आवेदन
- जाँच और मंज़ूरी
- ₹15,000 से ₹20,000 तक
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- कम से कम 40 परसेंट दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट
- शादी तय हो गई हो (शादी का रजिस्ट्रेशन कराना ज़रूरी है)
- शादी के समय लड़की की उम्र 18 से 45 साल और लड़के की उम्र 21 से 45 साल के बीच हो
- अभी शादीशुदा न हों (पहले से कोई जीवित पति या पत्नी न हो)
- पति-पत्नी में कोई इनकम टैक्स देने वाला न हो। हमारा फ़ॉर्म पूरे परिवार के बारे में पूछता है
पूरी योजना एक नक़्शे में
किसे मिलती है: 5 शर्तें
- कम से कम 40 परसेंट दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट
- शादी तय हो गई हो (शादी का रजिस्ट्रेशन कराना ज़रूरी है)
- शादी के समय लड़की की उम्र 18 से 45 साल और लड़के की उम्र 21 से 45 साल के बीच हो
- अभी शादीशुदा न हों (पहले से कोई जीवित पति या पत्नी न हो)
- पति-पत्नी में कोई इनकम टैक्स देने वाला न हो
क्या मिलता है: ₹15,000 से ₹20,000 तक
- ₹20,000 एक बार · दुल्हन के दिव्यांग होने पर, एक बार
आवेदन कहाँ: 2 जगहें
- ऑनलाइन: divyangjan.upsdc.gov.in
- ऑफ़लाइन: ज़िला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ऑनलाइन आवेदन की जाँच करते हैं, फिर ज़िलाधिकारी मंज़ूरी देते हैं
डॉक्यूमेंट: 2 डॉक्यूमेंट
- दिव्यांगता सर्टिफ़िकेट: कम से कम 40 परसेंट
- शादी के रजिस्ट्रेशन का सबूत
रुक सकती है अगर: 1 बात
- किसी की उम्र 45 साल से ऊपर हो जाए
ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं
- कम से कम 40 परसेंट दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट
- शादी तय हो गई हो (शादी का रजिस्ट्रेशन कराना ज़रूरी है)
- शादी के समय लड़की की उम्र 18 से 45 साल और लड़के की उम्र 21 से 45 साल के बीच हो
- अभी शादीशुदा न हों (पहले से कोई जीवित पति या पत्नी न हो)
- पति-पत्नी में कोई इनकम टैक्स देने वाला न हो
ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- किसी की उम्र 45 साल से ऊपर हो जाए
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- दोनों भारत के नागरिक हों और उत्तर प्रदेश में स्थायी रूप से रहते हों, या यहाँ कम से कम 5 साल से रह रहे हों (यहाँ देखें: uphwd.gov.in)
- दोनों में से किसी को किसी आपराधिक मामले में सज़ा न हुई हो (यहाँ देखें: uphwd.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: divyangjan.upsdc.gov.in
- ऑफ़लाइन: ज़िला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ऑनलाइन आवेदन की जाँच करते हैं, फिर ज़िलाधिकारी मंज़ूरी देते हैं
- स्टेटस: divyangjan.upsdc.gov.in
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
कहाँ चलती है
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- दिव्यांगता सर्टिफ़िकेट: कम से कम 40 परसेंट
- शादी के रजिस्ट्रेशन का सबूत
आवेदन के बाद
स्टेटस का मतलब
- ऑनलाइन आवेदन के बाद ज़िला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी जाँच करते हैं और ज़िलाधिकारी मंज़ूर करते हैं, तब पुरस्कार का पैसा मिलता है (divyangjan.upsdc.gov.in)
परिवार का रिकॉर्ड (फ़ैमिली आईडी - एक परिवार एक पहचान)
- UP में राशन कार्ड के बिना बनी फ़ैमिली आईडी में ग़लती हो, तो familyid.up.gov.in पर साइन इन करके सुधार की अर्ज़ी दें (UP सरकार का ऑर्डर, 4 जून 2025)। (familyid.up.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
उत्तर प्रदेश में शिकायत
- UP सरकार का शिकायत पोर्टल 'जनसुनवाई-समाधान' (IGRS) है। UP सरकार की साइट के मुताबिक़ यह राज्य में शिकायत निपटाने का एक सिस्टम है। (jansunwai.up.nic.in; सोर्स: up.gov.in, जाँचा: )
- तय समय तक कार्रवाई न हो, तो जनसुनवाई-समाधान पोर्टल पर रिमाइंडर (पोर्टल पर 'अनुस्मारक') भेजने का ऑप्शन है। (सोर्स: jansunwai.up.nic.in, जाँचा: )
- UP सरकार की हेल्पलाइन लिस्ट के मुताबिक़ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नंबर 1076 है। (सोर्स: up.gov.in, जाँचा: )
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
क्या करना होगा
- शादी का रजिस्ट्रेशन कराएँ। आवेदन पहले ऑनलाइन करना होता है, फिर ज़िला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी जाँच करते हैं और ज़िलाधिकारी मंज़ूर करते हैं
और ज़रूरी बातें
- दूल्हा और दुल्हन दोनों दिव्यांग हों तो ₹35,000 मिलते हैं। हमारा फ़ॉर्म यह नहीं पूछता कि दूसरा साथी भी दिव्यांग है या नहीं, इसलिए यहाँ सिर्फ़ एक का हिस्सा गिना है।
- डिपार्टमेंट के पेज में यह नहीं लिखा कि उसी शादी पर शादी अनुदान, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना या निर्माण मज़दूर बोर्ड की शादी मदद भी मिल सकती है या नहीं।
- श्रम डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ निर्माण मज़दूर बोर्ड की शादी मदद के लिए रजिस्टर्ड मज़दूर को लिखकर देना होता है कि उसे ऐसी ही किसी योजना से फ़ायदा नहीं मिला। यह पुरस्कार उसमें गिना जाता है या नहीं, यह पेज में नहीं लिखा, इसलिए हमने दोनों अलग दिखाए हैं।
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