बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना (BM-SSY): मज़दूर की मौत या अपंगता पर मदद, पश्चिम बंगाल
₹2 लाख तक, दुर्घटना में मौत पर। आम मौत पर ₹50,000। अपंगता पर ₹50,000 से ₹2,00,000 तक। किसे: उम्र 18 साल या ज़्यादा, उम्र 60 साल तक, असंगठित क्षेत्र में मज़दूरी या अपना काम करते हों (कंस्ट्रक्शन मज़दूर भी) और 1 और शर्त।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं
स्टेटस: राज्य के पोर्टल पर इसका पेज है (26 जून 2026 को अपडेट)। लेबर डिपार्टमेंट का BM-SSY पोर्टल चालू है और उस पर नया रजिस्ट्रेशन होता है। गज़ट नोटिफ़िकेशन 1447 (5 अक्टूबर 2020) के मुताबिक़ 1 अप्रैल 2020 से मज़दूर से PF का पैसा नहीं लिया जाता। उसके बाद का कोई ऑर्डर हमने नहीं पढ़ा। 3 नवंबर 2026 को देखा।
एक नज़र में
- ₹2 लाख तकरकम
- 4शर्तें
- ऑनलाइन और ऑफ़लाइनआवेदन
- चल रही हैयोजना का हाल
क्या मिलता है
₹2 लाख तक, दुर्घटना में मौत पर। आम मौत पर ₹50,000। अपंगता पर ₹50,000 से ₹2,00,000 तक (सोर्स)
यह मदद तभी मिलती है जब: रजिस्टर्ड मज़दूर की मौत (पैसा नॉमिनी को) या अपंगता होने पर
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- उम्र 18 साल या ज़्यादा
- उम्र 60 साल तक
- असंगठित क्षेत्र में मज़दूरी या अपना काम करते हों (कंस्ट्रक्शन मज़दूर भी)
- परिवार की कमाई ₹6,500 महीने (यानी साल में ₹78,000) तक हो। पोर्टल पेज के मुताबिक़ कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्ट मज़दूरों पर यह हद नहीं है
पूरी योजना एक नक़्शे में
किसे मिलती है: 4 शर्तें
- उम्र 18 साल या ज़्यादा
- उम्र 60 साल तक
- असंगठित क्षेत्र में मज़दूरी या अपना काम करते हों (कंस्ट्रक्शन मज़दूर भी)
- परिवार की कमाई ₹6,500 महीने (यानी साल में ₹78,000) तक हो
क्या मिलता है: ₹2 लाख तक
- ₹2 लाख तक, दुर्घटना में मौत पर। आम मौत पर ₹50,000। अपंगता पर ₹50,000 से ₹2,00,000 तक
आवेदन कहाँ: 2 जगहें
- ऑनलाइन: bmssy.wblabour.gov.in
- ऑफ़लाइन: रीजनल लेबर ऑफ़िस में, या ब्लॉक और म्युनिसिपैलिटी के लेबर वेलफ़ेयर फ़ैसिलिटेशन सेंटर (LWFC) में
रुक सकती है अगर: 2 बातें
- उम्र 60 साल से ऊपर हो जाए
- परिवार की कमाई ₹6,500 महीने से ऊपर जाए (कंस्ट्रक्शन मज़दूर पर यह हद नहीं)
ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं
- उम्र 18 साल या ज़्यादा
- उम्र 60 साल तक
- असंगठित क्षेत्र में मज़दूरी या अपना काम करते हों (कंस्ट्रक्शन मज़दूर भी)
- परिवार की कमाई ₹6,500 महीने (यानी साल में ₹78,000) तक हो
ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- उम्र 60 साल से ऊपर हो जाए
- परिवार की कमाई ₹6,500 महीने से ऊपर जाए (कंस्ट्रक्शन मज़दूर पर यह हद नहीं)
यह आपको ख़ुद देखना होगा
यह बात हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक यह पक्की न हो, जवाब "शायद" रहेगा:
- आपका काम लेबर डिपार्टमेंट की लिस्ट में हो: 2017 की स्कीम के मुताबिक़ 46 असंगठित उद्योग और अपने 15 तरह के काम। यह लिस्ट हमें नहीं मिली, इसलिए हम इसे जाँच नहीं सकते (यहाँ देखें: bmssy.wblabour.gov.in)
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: bmssy.wblabour.gov.in
- ऑफ़लाइन: रीजनल लेबर ऑफ़िस में, या ब्लॉक और म्युनिसिपैलिटी के लेबर वेलफ़ेयर फ़ैसिलिटेशन सेंटर (LWFC) में
- फ़ीस: पोर्टल पेज के मुताबिक़ पूरी योजना मज़दूर के लिए मुफ़्त है, पैसा राज्य देता है। आवेदन की किसी फ़ीस का ज़िक्र नहीं है
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
कहाँ चलती है
आवेदन के बाद
शिकायत
- लेबर कमिश्नरेट की टोल-फ़्री हेल्पलाइन श्रमिक साथी: 1800-103-0009 (BM-SSY पोर्टल पर छपी है) (bmssy.wblabour.gov.in)
स्टेटस का मतलब
- पोर्टल पेज के मुताबिक़ जाँच के बाद मज़दूर को रजिस्ट्रेशन ID या कार्ड और SSIN नंबर मिलता है। इसी से फ़ायदे क्लेम होते हैं
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
क्या करना होगा
- पहले BM-SSY में रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है: पोर्टल पर या लेबर ऑफ़िस में। जाँच के बाद रजिस्ट्रेशन कार्ड और SSIN नंबर मिलता है
और ज़रूरी बातें
- 2017 की स्कीम के मुताबिक़: कम से कम 40% अपंगता पर ₹50,000; दोनों आँखें, या दोनों हाथ या पैर बेकार होने पर ₹2,00,000; एक आँख, या एक हाथ या पैर पर ₹1,00,000। अपंगता का सर्टिफ़िकेट सरकारी अस्पताल का हो
क्या बदला
- 1 अप्रैल 2020: मज़दूर का ₹25 महीने का हिस्सा माफ़ हुआ। अब राज्य पूरे ₹55 महीने PF में डालता है, और योजना का नाम बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना (BM-SSY) हुआ (नोटिफ़िकेशन 1447) (सोर्स)
- 1 अप्रैल 2017: सामाजिक सुरक्षा योजना 2017 शुरू हुई: असंगठित मज़दूरों के साथ कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्ट मज़दूर भी इसमें आए (सोर्स)
इससे जुड़ी योजनाएँ
किस मौक़े पर काम आती है: पति या पत्नी की मौत।
पश्चिम बंगाल की सभी योजनाएँ: पश्चिम बंगाल की योजनाएँ।
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।
सोर्स
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Information Centre > Schemes > Bina Mulya Samajik Suraksha Yojana (West Bengal State Portal)
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Samajik Suraksha Yojana, 2017 (Kolkata Gazette, Extraordinary, 6 Apr 2017)
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BM-SSY portal: home page (registration, helpline)
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Notification: Samajik Suraksha Yojana renamed Bina Mulya Samajik Suraksha Yojana; the state pays the worker's PF share (Kolkata Gazette, Extraordinary, 7 Oct 2020)