दिल्ली फ़ैमिली बेनिफ़िट स्कीम (घर के मुख्य कमाने वाले की मौत पर एक बार ₹20,000)
₹20,000 एक बार। किसे: परिवार की सालाना कमाई ₹1,00,000 तक, आवेदन की तारीख़ से पहले 5 साल से ज़्यादा समय से दिल्ली में रह रहे हों, ठीक 5 साल हुए हों, तो देख लें कि 5 साल से ज़्यादा हो गए हैं या नहीं: नियम "5 साल से ज़्यादा" कहता है।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं
स्टेटस: रक़म और शर्तें सोशल वेलफ़ेयर डिपार्टमेंट के पेज (29 अक्टूबर 2026 को आख़िरी बार बदला) से हैं। उस पर किसी ऑर्डर का नंबर या तारीख़ नहीं लिखी। 2009 के रूल्स (स्कैन) हमने नहीं पढ़े।
एक नज़र में
- ₹20,000एक बार
- 3शर्तें
- 4डॉक्यूमेंट
- ऑनलाइन और ऑफ़लाइनआवेदन
- चल रही हैयोजना का हाल
क्या मिलता है
₹20,000 एक बार (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: एक बार, बैंक खाते में (आधार से जुड़े खाते में PFMS के ज़रिए)
यह मदद तभी मिलती है जब: घर के मुख्य कमाने वाले की 18 से 60 साल की उम्र में मौत हो जाए, तो परिवार को एक बार ₹20,000 मिलते हैं
कब मिलता है
- घर के मुख्य कमाने वाले की 18 से 60 साल की उम्र में मौत हो जाए, तो परिवार को एक बार ₹20,000 मिलते हैं
- आवेदन
- जाँच और मंज़ूरी
- ₹20,000 एक बार
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- परिवार की सालाना कमाई ₹1,00,000 तक
- आवेदन की तारीख़ से पहले 5 साल से ज़्यादा समय से दिल्ली में रह रहे हों
- ठीक 5 साल हुए हों, तो देख लें कि 5 साल से ज़्यादा हो गए हैं या नहीं: नियम "5 साल से ज़्यादा" कहता है
पूरी योजना एक नक़्शे में
किसे मिलती है: 3 शर्तें
- परिवार की सालाना कमाई ₹1,00,000 तक
- आवेदन की तारीख़ से पहले 5 साल से ज़्यादा समय से दिल्ली में रह रहे हों
- ठीक 5 साल हुए हों, तो देख लें कि 5 साल से ज़्यादा हो गए हैं या नहीं: नियम "5 साल से ज़्यादा" कहता है
क्या मिलता है: ₹20,000 एक बार
- ₹20,000 एक बार
आवेदन कहाँ: 2 जगहें
- ऑनलाइन: edistrict.delhigovt.nic.in
- ऑफ़लाइन: ज़िला सोशल वेलफ़ेयर ऑफ़िस
डॉक्यूमेंट: 4 डॉक्यूमेंट
- आधार नंबर
- कमाने वाले की मौत का सबूत, कोई एक: रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु) का डेथ सर्टिफ़िकेट, श्मशान या क़ब्रिस्तान की रसीद, या अस्पताल का सर्टिफ़िकेट
- दिल्ली के बैंक में अकेले के नाम का खाता, एक पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो और कमाई का सेल्फ़ डिक्लेरेशन (पोर्टल पर दिया फ़ॉर्मैट)
- उम्र का सबूत और दिल्ली में पिछले 5 साल रहने का सबूत: पेज पर इनके लिए मान्य काग़ज़ों की लिस्ट है (जैसे बर्थ सर्टिफ़िकेट, स्कूल का सर्टिफ़िकेट, बैंक या पोस्ट ऑफ़िस पासबुक, बीमा पॉलिसी)
रुक सकती है अगर: 2 बातें
- परिवार की कमाई साल में ₹1,00,000 से ऊपर जाए
- राज्य में 5 साल से कम रहे हों
इसके साथ नहीं मिलती: 1 योजना
ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं
- परिवार की सालाना कमाई ₹1,00,000 तक
- आवेदन की तारीख़ से पहले 5 साल से ज़्यादा समय से दिल्ली में रह रहे हों
- ठीक 5 साल हुए हों, तो देख लें कि 5 साल से ज़्यादा हो गए हैं या नहीं: नियम "5 साल से ज़्यादा" कहता है
ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- परिवार की कमाई साल में ₹1,00,000 से ऊपर जाए
- राज्य में 5 साल से कम रहे हों
यह आपको ख़ुद देखना होगा
यह बात हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक यह पक्की न हो, जवाब "शायद" रहेगा:
- घर के मुख्य कमाने वाले (जिसकी कमाई घर की कुल कमाई में सबसे ज़्यादा थी) की मौत 18 से 60 साल की उम्र में हुई हो, और परिवार के पास गुज़ारे का ठीक साधन न हो। यह तभी काम आता है जब ऐसा हो
किसके साथ नहीं मिलती
एक इंसान को यह योजना या यह दूसरी योजना, दोनों में से एक ही मिलती है:
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: edistrict.delhigovt.nic.in
- ऑफ़लाइन: ज़िला सोशल वेलफ़ेयर ऑफ़िस
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
कहाँ चलती है
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- आधार नंबर। आधार के बिना आवेदन वाला पोर्टल नहीं चलता
- कमाने वाले की मौत का सबूत, कोई एक: रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु) का डेथ सर्टिफ़िकेट, श्मशान या क़ब्रिस्तान की रसीद, या अस्पताल का सर्टिफ़िकेट। दिल्ली के बाहर या गाँव में मौत हुई हो तो गाँव के BDO का सर्टिफ़िकेट भी चलता है
- दिल्ली के बैंक में अकेले के नाम का खाता, एक पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो और कमाई का सेल्फ़ डिक्लेरेशन (पोर्टल पर दिया फ़ॉर्मैट)
- उम्र का सबूत और दिल्ली में पिछले 5 साल रहने का सबूत: पेज पर इनके लिए मान्य काग़ज़ों की लिस्ट है (जैसे बर्थ सर्टिफ़िकेट, स्कूल का सर्टिफ़िकेट, बैंक या पोस्ट ऑफ़िस पासबुक, बीमा पॉलिसी)
आवेदन के बाद
स्टेटस का मतलब
- ज़िला सोशल वेलफ़ेयर ऑफ़िस आवेदन की जाँच करता है और ज़रूरत हो तो काग़ज़ों के साथ बुलाता है। आमतौर पर आवेदन का फ़ैसला 45 दिन में हो जाता है
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in; सोर्स: uidai.gov.in, जाँचा: )
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए। (सोर्स: dbtbharat.gov.in, जाँचा: )
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in; सोर्स: uidai.gov.in, जाँचा: )
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
दिल्ली में शिकायत
- दिल्ली सरकार का शिकायत पोर्टल PGMS है। दिल्ली सरकार के मुताबिक़ यह एक ही पोर्टल दिल्ली सरकार के सभी डिपार्टमेंट से जुड़ा है। (सोर्स: pgms.delhi.gov.in, जाँचा: )
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
क्या करना होगा
- आधार नंबर ज़रूरी है और दिल्ली के किसी बैंक में अकेले के नाम का, आधार से जुड़ा खाता चाहिए, जिससे PFMS के ज़रिए पैसा आ सके
और ज़रूरी बातें
- दिल्ली के 2009 के रूल्स के मुताबिक़ ये रूल्स केंद्र की नेशनल फ़ैमिली बेनिफ़िट स्कीम (NFBS, NSAP की) के हिसाब से बनाए गए हैं, यानी दिल्ली में NFBS का पैसा इसी योजना से मिलता है। इसलिए हम दोनों में से एक ही दिखाते हैं
इससे जुड़ी योजनाएँ
किस मौक़े पर काम आती है: पति या पत्नी की मौत।
दिल्ली की सभी योजनाएँ: दिल्ली की योजनाएँ।
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।