शादी अनुदान योजना (OBC के ग़रीब परिवारों की बेटियों की शादी), पिछड़ा वर्ग कल्याण डिपार्टमेंट, उत्तर प्रदेश
₹20,000 एक बार · हर शादी पर एक बार। एक परिवार में ज़्यादा से ज़्यादा 2 शादियों पर। किसे: शादी करने वाली बेटी (लड़की), शादी के आवेदन में लड़की की उम्र 18 साल या ज़्यादा, शादी की तारीख़ तय हो गई हो (आवेदन शादी से 90 दिन पहले से शादी के 90 दिन बाद तक लिया जाता है) और 5 और शर्तें।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं
स्टेटस: पिछड़ा वर्ग कल्याण डिपार्टमेंट का पेज (8 मई 2026 को अपडेट हुआ) इसे चालू योजना बताता है: ₹20,000 प्रति शादी। 2026-27 के बजट नोट में इसके लिए ₹210 करोड़ रखे गए हैं। कमाई की सीमा पर दो सरकारी रिकॉर्ड अलग बात कहते हैं (नीचे देखें)। 3 नवंबर 2026 को देखा।
आवेदन कब होता है: पिछड़ा वर्ग कल्याण डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ आवेदन ऑनलाइन और खुद करना है, शादी की तारीख़ से 90 दिन पहले से शादी के 90 दिन बाद तक। पैसा “पहले आओ, पहले पाओ” के हिसाब से मिलता है, और पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर (1 अप्रैल से 31 मार्च) की माँग आगे नहीं जाती।
एक नज़र में
- ₹20,000एक बार
- 8शर्तें
- 6डॉक्यूमेंट
- ऑनलाइन और ऑफ़लाइनआवेदन
- चल रही हैयोजना का हाल
क्या मिलता है
₹20,000 एक बार · हर शादी पर एक बार। एक परिवार में ज़्यादा से ज़्यादा 2 शादियों पर (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: PFMS और ई-कुबेर से सीधे बैंक खाते में, “पहले आओ, पहले पाओ” के हिसाब से
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
कब मिलता है
- शर्तें पूरी हों
- आवेदन
- जाँच और मंज़ूरी
- ₹20,000 एक बार, PFMS और ई-कुबेर से सीधे बैंक खाते में, “पहले आओ, पहले पाओ” के हिसाब से
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- शादी करने वाली बेटी (लड़की)
- शादी के आवेदन में लड़की की उम्र 18 साल या ज़्यादा
- शादी की तारीख़ तय हो गई हो (आवेदन शादी से 90 दिन पहले से शादी के 90 दिन बाद तक लिया जाता है)
- शादी के आवेदन में लड़के की उम्र 21 साल या ज़्यादा
- परिवार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का हो
- पिछड़े वर्ग का अल्पसंख्यक परिवार न हो (पेज के मुताबिक़ अल्पसंख्यक इस योजना में नहीं आते)
- आवेदन करने वाले की कमाई साल में ₹1 लाख तक (डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़)। पेज में “आवेदक की कमाई” लिखा है, हमारा फ़ॉर्म पूरे परिवार की कमाई पूछता है
- 2016 के ऑर्डर में कमाई की सीमा गाँव में साल में ₹46,080 और शहर में साल में ₹56,460 लिखी है, जबकि डिपार्टमेंट का पेज ₹1 लाख लिखता है। इसलिए इन दोनों के बीच की कमाई पर जवाब “शायद” है
ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं
- शादी करने वाली बेटी (लड़की)
- शादी के आवेदन में लड़की की उम्र 18 साल या ज़्यादा
- शादी की तारीख़ तय हो गई हो (आवेदन शादी से 90 दिन पहले से शादी के 90 दिन बाद तक लिया जाता है)
- शादी के आवेदन में लड़के की उम्र 21 साल या ज़्यादा
- परिवार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का हो
- पिछड़े वर्ग का अल्पसंख्यक परिवार न हो (पेज के मुताबिक़ अल्पसंख्यक इस योजना में नहीं आते)
- आवेदन करने वाले की कमाई साल में ₹1 लाख तक (डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़)
- 2016 के ऑर्डर में कमाई की सीमा गाँव में साल में ₹46,080 और शहर में साल में ₹56,460 लिखी है, जबकि डिपार्टमेंट का पेज ₹1 लाख लिखता है
ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।
पूरी योजना एक नक़्शे में
किसे मिलती है: 8 शर्तें
- शादी करने वाली बेटी (लड़की)
- शादी के आवेदन में लड़की की उम्र 18 साल या ज़्यादा
- शादी की तारीख़ तय हो गई हो (आवेदन शादी से 90 दिन पहले से शादी के 90 दिन बाद तक लिया जाता है)
- शादी के आवेदन में लड़के की उम्र 21 साल या ज़्यादा
- परिवार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का हो
- पिछड़े वर्ग का अल्पसंख्यक परिवार न हो (पेज के मुताबिक़ अल्पसंख्यक इस योजना में नहीं आते)
- आवेदन करने वाले की कमाई साल में ₹1 लाख तक (डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़)
- 2016 के ऑर्डर में कमाई की सीमा गाँव में साल में ₹46,080 और शहर में साल में ₹56,460 लिखी है, जबकि डिपार्टमेंट का पेज ₹1 लाख लिखता है
क्या मिलता है: ₹20,000 एक बार
- ₹20,000 एक बार · हर शादी पर एक बार। एक परिवार में ज़्यादा से ज़्यादा 2 शादियों पर
आवेदन कहाँ: 2 जगहें
- ऑनलाइन: shadianudan.upsdc.gov.in
- ऑफ़लाइन: जन-सुविधा केंद्र, ज़िला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का दफ़्तर या साइबर कैफ़े। ऑनलाइन फ़ॉर्म का प्रिंट शहर में लेखपाल को और गाँव में ग्राम विकास अधिकारी या ग्राम पंचायत अधिकारी को दें
डॉक्यूमेंट: 6 डॉक्यूमेंट
- आधार कार्ड
- इनकम सर्टिफ़िकेट (आय प्रमाण पत्र)
- जाति सर्टिफ़िकेट (तहसील से ऑनलाइन बना, उसका नंबर)
- शादी की तारीख़ तय होने का काग़ज़ (शादी का कार्ड)
- विधवा हों तो उसका सबूत, या दिव्यांग हों तो दिव्यांगता सर्टिफ़िकेट
- बैंक खाते के काग़ज़ (प्रिंट)
रुक सकती है अगर: 1 बात
- कमाई साल में ₹1 लाख से ऊपर जाए
इसके साथ नहीं मिलती: 1 योजना
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- कमाई साल में ₹1 लाख से ऊपर जाए
किसके साथ नहीं मिलती
एक इंसान को यह योजना या यह दूसरी योजना, दोनों में से एक ही मिलती है:
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: shadianudan.upsdc.gov.in
- ऑफ़लाइन: जन-सुविधा केंद्र, ज़िला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का दफ़्तर या साइबर कैफ़े। ऑनलाइन फ़ॉर्म का प्रिंट शहर में लेखपाल को और गाँव में ग्राम विकास अधिकारी या ग्राम पंचायत अधिकारी को दें
- स्टेटस: shadianudan.upsdc.gov.in
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
कहाँ चलती है
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- आधार कार्ड
- इनकम सर्टिफ़िकेट (आय प्रमाण पत्र)
- जाति सर्टिफ़िकेट (तहसील से ऑनलाइन बना, उसका नंबर)। आवेदन करने वाली बेसहारा महिला या विधवा को नहीं लगता
- शादी की तारीख़ तय होने का काग़ज़ (शादी का कार्ड)
- विधवा हों तो उसका सबूत, या दिव्यांग हों तो दिव्यांगता सर्टिफ़िकेट
- बैंक खाते के काग़ज़ (प्रिंट)
आवेदन के बाद
छूटा हुआ पैसा
- डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ फ़ाइनेंशियल ईयर (1 अप्रैल से 31 मार्च) बीतने के बाद पिछले साल की कोई माँग आगे नहीं ले जाई जाती
स्टेटस का मतलब
- पेज के मुताबिक़ जाँच की तय राह है: आवेदन के 21 दिन में जाँच करने वाला कर्मचारी, फिर अगले 15 दिन में ज़िला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, फिर ज़िले की कमेटी। पैसा PFMS से बैंक खाते में जाता है (shadianudan.upsdc.gov.in)
पैसा बैंक खाते में आता है, तो पहले ये देख लें
- आधार, बैंक खाते और योजना के फ़ॉर्म में नाम एक जैसा रखें। आधार में नाम योजना के रिकॉर्ड से अलग हो, तो UIDAI के मुताबिक़ नज़दीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर आधार में नाम ठीक कराएँ। (appointments.uidai.gov.in; सोर्स: uidai.gov.in, जाँचा: )
- अगर दो बैंकों ने एक ही आधार लिंक करा रखा है, तो NPCI के मैपर में सबसे आख़िरी लिंकिंग मानी जाती है, और DBT उसी बैंक में जाता है (NPCI का SOP, DBT Bharat की साइट पर, फ़रवरी 2021)। दूसरे बैंक में आधार देने से पहले सोच लें कि पैसा किस बैंक में चाहिए। (सोर्स: dbtbharat.gov.in, जाँचा: )
- आपके आधार से कौन-सा बैंक लिंक है, यह UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर देखा जा सकता है। (myaadhaar.uidai.gov.in; सोर्स: uidai.gov.in, जाँचा: )
- बैंक खाते की KYC अपडेट रखें। RBI के मुताबिक़ इससे बैंकिंग सर्विस बिना रुकावट चलती रहती है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
परिवार का रिकॉर्ड (फ़ैमिली आईडी - एक परिवार एक पहचान)
- UP में राशन कार्ड के बिना बनी फ़ैमिली आईडी में ग़लती हो, तो familyid.up.gov.in पर साइन इन करके सुधार की अर्ज़ी दें (UP सरकार का ऑर्डर, 4 जून 2025)। (familyid.up.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
उत्तर प्रदेश में शिकायत
- UP सरकार का शिकायत पोर्टल 'जनसुनवाई-समाधान' (IGRS) है। UP सरकार की साइट के मुताबिक़ यह राज्य में शिकायत निपटाने का एक सिस्टम है। (jansunwai.up.nic.in; सोर्स: up.gov.in, जाँचा: )
- तय समय तक कार्रवाई न हो, तो जनसुनवाई-समाधान पोर्टल पर रिमाइंडर (पोर्टल पर 'अनुस्मारक') भेजने का ऑप्शन है। (सोर्स: jansunwai.up.nic.in, जाँचा: )
- UP सरकार की हेल्पलाइन लिस्ट के मुताबिक़ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नंबर 1076 है। (सोर्स: up.gov.in, जाँचा: )
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
क्या करना होगा
- OBC हों तो तहसील से ऑनलाइन बने जाति सर्टिफ़िकेट का नंबर फ़ॉर्म में भरना ज़रूरी है (आवेदन करने वाली बेसहारा महिला या विधवा, जिसके पति की मौत हो गई हो, उसे जाति सर्टिफ़िकेट नहीं लगता)
- आवेदन खुद करना है; किसी और के ज़रिये भरे आवेदन नहीं लिए जाते। ऑनलाइन फ़ॉर्म का प्रिंट और अपने साइन किए हुए काग़ज़ शहर में लेखपाल को और गाँव में ग्राम विकास अधिकारी या ग्राम पंचायत अधिकारी को देने होते हैं
और ज़रूरी बातें
- एक परिवार की ज़्यादा से ज़्यादा 2 बेटियों की शादी पर यह अनुदान मिलता है। पति की मौत के बाद बेसहारा (निराश्रित) महिला या विधवा आवेदन करने वाले को पहले मौक़ा मिलता है।
- पैसा “पहले आओ, पहले पाओ” के हिसाब से PFMS से सीधे बैंक खाते में जाता है। फ़ाइनेंशियल ईयर (1 अप्रैल से 31 मार्च) बीतने पर पिछले साल की माँग आगे नहीं ले जाई जाती।
- दो सरकारी रिकॉर्ड कमाई की अलग सीमा बताते हैं: डिपार्टमेंट का पेज (8 मई 2026) ₹1 लाख, और 29 अप्रैल 2016 का ऑर्डर गाँव में ₹46,080 और शहर में ₹56,460। 2016 के बाद का कोई ऑर्डर हमें नहीं मिला।
- ऑर्डर (29 अप्रैल 2016) और डिपार्टमेंट के पेज में यह नहीं लिखा कि उसी शादी पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना या दिव्यांग शादी प्रोत्साहन पुरस्कार भी मिल सकता है या नहीं।
- श्रम डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ निर्माण मज़दूर बोर्ड की शादी मदद के लिए रजिस्टर्ड मज़दूर को लिखकर देना होता है कि उसे राज्य या केंद्र की ऐसी ही किसी योजना से फ़ायदा नहीं मिला। इसलिए रजिस्टर्ड मज़दूर की बेटी के लिए हम यह अनुदान और बोर्ड की मदद साथ नहीं गिनते: दोनों में से एक ही दिखती है।
क्या बदला
- 29 अप्रैल 2016: 29 अप्रैल 2016 के ऑर्डर से फ़ाइनेंशियल ईयर 2016-17 से इस अनुदान का ऑनलाइन आवेदन, मंज़ूरी और पेमेंट शुरू हुआ (सोर्स)
इससे जुड़ी योजनाएँ
किस मौक़े पर काम आती है: बेटी की शादी।
उत्तर प्रदेश की सभी योजनाएँ: उत्तर प्रदेश की योजनाएँ।
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।
सोर्स
-
Marriage Grant Scheme (Backward Classes Welfare Department page)
-
Order on online application, sanction and payment of the marriage grant for daughters of poor persons of Other Backward Classes (scanned)
-
Kanya Vivah Sahayata Yojana of the UP Building and Other Construction Workers Welfare Board (Labour Department page; saved copy): the registered worker's self-declaration of no benefit under a similar scheme