शादी अनुदान योजना (SC, ST और सामान्य वर्ग के ग़रीब परिवारों की बेटियों की शादी), उत्तर प्रदेश
₹20,000 एक बार · हर शादी पर एक बार। एक परिवार में ज़्यादा से ज़्यादा 2 शादियों पर। किसे: शादी करने वाली बेटी (लड़की), शादी की तारीख़ को लड़की की उम्र 18 साल या ज़्यादा, शादी की तारीख़ तय हो गई हो (आवेदन शादी से 90 दिन पहले से 90 दिन बाद तक लिया जाता है) और 3 और शर्तें।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं
स्टेटस: समाज कल्याण डिपार्टमेंट का पेज (4 दिसंबर 2025 को अपडेट हुआ) इसे चालू योजना बताता है: ₹20,000 प्रति शादी। 2026-27 के बजट नोट में SC और सामान्य वर्ग की बेटियों के इस अनुदान के लिए पैसा रखा गया है। नियम 10 जून 2016 के सरकारी ऑर्डर (शासनादेश) में हैं। 3 नवंबर 2026 को देखा।
आवेदन कब होता है: डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ आवेदन शादी की तारीख़ से 90 दिन पहले से 90 दिन बाद तक ही लिया जाता है, और यह गिनती फ़ाइनेंशियल ईयर (1 अप्रैल से 31 मार्च) के अंदर होती है। ऑनलाइन फ़ॉर्म के बाद साइन की हुई हार्ड कॉपी 7 दिन में जमा करनी है। पैसा बजट के हिसाब से मिलता है।
एक नज़र में
- ₹20,000एक बार
- 6शर्तें
- 6डॉक्यूमेंट
- ऑनलाइन और ऑफ़लाइनआवेदन
- चल रही हैयोजना का हाल
क्या मिलता है
₹20,000 एक बार · हर शादी पर एक बार। एक परिवार में ज़्यादा से ज़्यादा 2 शादियों पर (सोर्स)
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
कब मिलता है
- शर्तें पूरी हों
- आवेदन
- जाँच और मंज़ूरी
- ₹20,000 एक बार
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- शादी करने वाली बेटी (लड़की)
- शादी की तारीख़ को लड़की की उम्र 18 साल या ज़्यादा
- शादी की तारीख़ तय हो गई हो (आवेदन शादी से 90 दिन पहले से 90 दिन बाद तक लिया जाता है)
- शादी की तारीख़ को लड़के की उम्र 21 साल या ज़्यादा
- परिवार SC, ST या सामान्य वर्ग का हो
- आवेदन करने वाले की कमाई गाँव में साल में ₹46,080 तक और शहर में साल में ₹56,460 तक। ऑर्डर में “आवेदक की कमाई” लिखा है, हमारा फ़ॉर्म पूरे परिवार की कमाई पूछता है
ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं
- शादी करने वाली बेटी (लड़की)
- शादी की तारीख़ को लड़की की उम्र 18 साल या ज़्यादा
- शादी की तारीख़ तय हो गई हो (आवेदन शादी से 90 दिन पहले से 90 दिन बाद तक लिया जाता है)
- शादी की तारीख़ को लड़के की उम्र 21 साल या ज़्यादा
- परिवार SC, ST या सामान्य वर्ग का हो
- आवेदन करने वाले की कमाई गाँव में साल में ₹46,080 तक और शहर में साल में ₹56,460 तक
ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।
पूरी योजना एक नक़्शे में
किसे मिलती है: 6 शर्तें
- शादी करने वाली बेटी (लड़की)
- शादी की तारीख़ को लड़की की उम्र 18 साल या ज़्यादा
- शादी की तारीख़ तय हो गई हो (आवेदन शादी से 90 दिन पहले से 90 दिन बाद तक लिया जाता है)
- शादी की तारीख़ को लड़के की उम्र 21 साल या ज़्यादा
- परिवार SC, ST या सामान्य वर्ग का हो
- आवेदन करने वाले की कमाई गाँव में साल में ₹46,080 तक और शहर में साल में ₹56,460 तक
क्या मिलता है: ₹20,000 एक बार
- ₹20,000 एक बार · हर शादी पर एक बार। एक परिवार में ज़्यादा से ज़्यादा 2 शादियों पर
आवेदन कहाँ: 2 जगहें
- ऑनलाइन: shadianudan.upsdc.gov.in
- ऑफ़लाइन: जन-सुविधा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर), ज़िला समाज कल्याण अधिकारी का दफ़्तर या साइबर कैफ़े में भी ऑनलाइन फ़ॉर्म भरा जा सकता है। साइन की हुई हार्ड कॉपी SDM (शहर) या BDO (गाँव) के दफ़्तर में दें
डॉक्यूमेंट: 6 डॉक्यूमेंट
- आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर (आवेदन करने वाले का और उस बेटी का जिसकी शादी की तारीख़ तय हो चुकी है)
- इनकम सर्टिफ़िकेट (आय प्रमाण पत्र)
- जाति सर्टिफ़िकेट (SC और ST के लिए; तहसील से ऑनलाइन बना, उसका नंबर)
- बैंक पासबुक
- शादी का कार्ड (शादी की तारीख़ का सबूत)
- पति की मौत का सर्टिफ़िकेट या दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट, अगर पहले मौक़े (वरीयता) का दावा हो
रुक सकती है अगर: 1 बात
- कमाई गाँव में साल में ₹46,080 या शहर में साल में ₹56,460 से ऊपर जाए
इसके साथ नहीं मिलती: 1 योजना
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- कमाई गाँव में साल में ₹46,080 या शहर में साल में ₹56,460 से ऊपर जाए
किसके साथ नहीं मिलती
एक इंसान को यह योजना या यह दूसरी योजना, दोनों में से एक ही मिलती है:
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: shadianudan.upsdc.gov.in
- ऑफ़लाइन: जन-सुविधा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर), ज़िला समाज कल्याण अधिकारी का दफ़्तर या साइबर कैफ़े में भी ऑनलाइन फ़ॉर्म भरा जा सकता है। साइन की हुई हार्ड कॉपी SDM (शहर) या BDO (गाँव) के दफ़्तर में दें
- स्टेटस: shadianudan.upsdc.gov.in
- फ़ीस: खुद ऑनलाइन भरने की कोई फ़ीस पेज में नहीं लिखी। जन-सुविधा केंद्र से भरवाएँ तो ज़िलाधिकारी की तय की हुई न्यूनतम फ़ीस देनी होती है; रकम ऑर्डर में नहीं लिखी
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
कहाँ चलती है
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर (आवेदन करने वाले का और उस बेटी का जिसकी शादी की तारीख़ तय हो चुकी है)
- इनकम सर्टिफ़िकेट (आय प्रमाण पत्र)। वृद्धावस्था, निराश्रित विधवा या विकलांग पेंशन पाने वाले को इनकम सर्टिफ़िकेट नहीं लगता; BPL लिस्ट में नाम हो तो उस लिस्ट की कॉपी
- जाति सर्टिफ़िकेट (SC और ST के लिए; तहसील से ऑनलाइन बना, उसका नंबर)। सामान्य वर्ग के लिए नहीं
- बैंक पासबुक
- शादी का कार्ड (शादी की तारीख़ का सबूत)
- पति की मौत का सर्टिफ़िकेट या दिव्यांगता का सर्टिफ़िकेट, अगर पहले मौक़े (वरीयता) का दावा हो
आवेदन के बाद
शिकायत
- पेज के मुताबिक़ ज़्यादा जानकारी के लिए योजना के पोर्टल पर जाएँ या ज़िला समाज कल्याण अधिकारी के दफ़्तर से संपर्क करें। समाज कल्याण निदेशालय का फ़ोन 0522-3538700 है (shadianudan.upsdc.gov.in)
छूटा हुआ पैसा
- डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ किसी साल तकनीकी वजह या बजट की कमी से पैसा न मिले तो अगले फ़ाइनेंशियल ईयर (1 अप्रैल से 31 मार्च) में उस आवेदन का पैसा नहीं मिलता
परिवार का रिकॉर्ड (फ़ैमिली आईडी - एक परिवार एक पहचान)
- UP में राशन कार्ड के बिना बनी फ़ैमिली आईडी में ग़लती हो, तो familyid.up.gov.in पर साइन इन करके सुधार की अर्ज़ी दें (UP सरकार का ऑर्डर, 4 जून 2025)। (familyid.up.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
उत्तर प्रदेश में शिकायत
- UP सरकार का शिकायत पोर्टल 'जनसुनवाई-समाधान' (IGRS) है। UP सरकार की साइट के मुताबिक़ यह राज्य में शिकायत निपटाने का एक सिस्टम है। (jansunwai.up.nic.in; सोर्स: up.gov.in, जाँचा: )
- तय समय तक कार्रवाई न हो, तो जनसुनवाई-समाधान पोर्टल पर रिमाइंडर (पोर्टल पर 'अनुस्मारक') भेजने का ऑप्शन है। (सोर्स: jansunwai.up.nic.in, जाँचा: )
- UP सरकार की हेल्पलाइन लिस्ट के मुताबिक़ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नंबर 1076 है। (सोर्स: up.gov.in, जाँचा: )
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
क्या करना होगा
- SC या ST हों तो तहसील से ऑनलाइन बने जाति सर्टिफ़िकेट का नंबर फ़ॉर्म में भरना ज़रूरी है (सामान्य वर्ग को जाति सर्टिफ़िकेट नहीं लगाना)
- ऑनलाइन फ़ॉर्म भरने के बाद उसकी साइन की हुई हार्ड कॉपी 7 दिन के अंदर शहर में उप ज़िलाधिकारी (SDM) के दफ़्तर में और गाँव में खंड विकास अधिकारी (BDO) के दफ़्तर में जमा करनी होती है
और ज़रूरी बातें
- एक परिवार की ज़्यादा से ज़्यादा 2 बेटियों की शादी पर यह अनुदान मिलता है। पति की मौत के बाद बेसहारा (निराश्रित) महिला या दिव्यांग आवेदन करने वाले को पहले मौक़ा मिलता है।
- पैसा बजट पर टिका है। डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ किसी साल तकनीकी वजह या बजट की कमी से पैसा न मिले तो अगले साल उसका पैसा नहीं मिलता।
- रिकॉर्ड में सिर्फ़ “सामान्य वर्ग” लिखा है, EWS का अलग ज़िक्र हमें नहीं मिला। हमने EWS को सामान्य वर्ग के साथ गिना है।
- बजट नोट के मुताबिक़ OBC परिवारों की बेटियों के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण डिपार्टमेंट की अलग शादी अनुदान योजना है (उसके नियम अलग हैं)।
- ऑर्डर (10 जून 2016) और डिपार्टमेंट के पेज में यह नहीं लिखा कि उसी शादी पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना या दिव्यांग शादी प्रोत्साहन पुरस्कार भी मिल सकता है या नहीं।
- श्रम डिपार्टमेंट के पेज के मुताबिक़ निर्माण मज़दूर बोर्ड की शादी मदद के लिए रजिस्टर्ड मज़दूर को लिखकर देना होता है कि उसे राज्य या केंद्र की ऐसी ही किसी योजना से फ़ायदा नहीं मिला। इसलिए रजिस्टर्ड मज़दूर की बेटी के लिए हम यह अनुदान और बोर्ड की मदद साथ नहीं गिनते: दोनों में से एक ही दिखती है।
क्या बदला
- 10 जून 2016: 10 जून 2016 के ऑर्डर से ऑनलाइन आवेदन ज़रूरी हुआ और नियम तय हुए (कमाई की सीमा, उम्र, ज़्यादा से ज़्यादा 2 बेटियाँ, 90 दिन)। यह ऑर्डर 16 मार्च 2016 के ऑर्डर की जगह लेता है (सोर्स)
इससे जुड़ी योजनाएँ
किस मौक़े पर काम आती है: बेटी की शादी।
उत्तर प्रदेश की सभी योजनाएँ: उत्तर प्रदेश की योजनाएँ।
अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।
सोर्स
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Order on the grant for the marriage of daughters of poor persons of SC / ST and General category: online applications, sanction and payment (scanned, 7 pages)
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Shaadi Anudan Yojana (Hindi page): history, benefit, eligibility, papers, how to apply
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Highlights & Salient Features of Uttar Pradesh Budget for FY 2026-27 (English; press document of the Information & Public Relations Department, UP; the website names the file 'Final English Budget 2026-27')
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Kanya Vivah Sahayata Yojana of the UP Building and Other Construction Workers Welfare Board (Labour Department page; saved copy): the registered worker's self-declaration of no benefit under a similar scheme