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मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना, हिमाचल प्रदेश (मकान के लिए ₹1,50,000)

₹1.5 लाख की मदद, मकान बनाने के लिए। किसे: परिवार में एक महिला हो जो विधवा हो (पति की मौत हो चुकी हो और दोबारा शादी न की हो), या 40 साल या ज़्यादा उम्र की एकल नारी हो: बिना शादी की, या पति से अलग रह रही, अपना पक्का मकान न हो: कोई मकान न हो, या कच्चा मकान हो जो टूटी-फूटी हालत में है, परिवार की सालाना कमाई, सब साधनों से मिलाकर, ₹3,00,000 तक और 1 और शर्त।

मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना, हिमाचल प्रदेश (मकान के लिए ₹1,50,000)
प्रतीकात्मक 3D तस्वीर: ईंट का घर। तस्वीर योजना चेक ने बनाई है, यह सरकारी तस्वीर नहीं है।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं

स्टेटस: योजना 3 फ़रवरी 2024 के नोटिफ़िकेशन और स्कीम के ऑर्डर (स्कैन, पढ़कर लिखे) से चलती है। मुख्यमंत्री की 1 अक्टूबर 2025 की प्रेस रिलीज़ में ₹3 लाख की बात है, पर ऑर्डर में ₹1,50,000 है और बाद का कोई ऑर्डर हमें नहीं मिला। हमने ऑर्डर की रक़म ली है। मंज़ूरी बजट के हिसाब से होती है, इसलिए आवेदन करने भर से पैसा मिलना पक्का नहीं।

एक नज़र में

  • 4शर्तें
  • 7डॉक्यूमेंट
  • ऑफ़लाइनआवेदन
  • चल रही हैयोजना का हाल

क्या मिलता है

₹1.5 लाख की मदद, मकान बनाने के लिए (सोर्स)

पैसा कैसे आता है: दो बराबर किस्तों में बचत खाते में (NEFT या RTGS से)

प्रतीकात्मक 3D: ईंट का घर · विधवा, एकल नारी आवास घुमाने के लिए उँगली से खींचें

किसे मिलती है

ये सारी बातें सही होनी चाहिए:

  • परिवार में एक महिला हो जो विधवा हो (पति की मौत हो चुकी हो और दोबारा शादी न की हो), या 40 साल या ज़्यादा उम्र की एकल नारी हो: बिना शादी की, या पति से अलग रह रही
  • अपना पक्का मकान न हो: कोई मकान न हो, या कच्चा मकान हो जो टूटी-फूटी हालत में है
  • परिवार की सालाना कमाई, सब साधनों से मिलाकर, ₹3,00,000 तक। यहाँ परिवार वही है जो राशन कार्ड में आवेदन करने वाली के साथ लिखा हो (माता-पिता, बेटे, बिन ब्याही बेटियाँ)। फ़ॉर्म पूरे घर की कमाई पूछता है, इसलिए ऊपर होने पर 'शायद' दिखता है, 'नहीं' नहीं
  • हिमाचल प्रदेश की परमानेंट रेज़िडेंट (स्थाई निवासी)

ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं

  1. परिवार में एक महिला हो जो विधवा हो (पति की मौत हो चुकी हो और दोबारा शादी न की हो), या 40 साल या ज़्यादा उम्र की एकल नारी हो: बिना शादी की, या पति से अलग रह रही
  2. अपना पक्का मकान न हो: कोई मकान न हो, या कच्चा मकान हो जो टूटी-फूटी हालत में है
  3. परिवार की सालाना कमाई, सब साधनों से मिलाकर, ₹3,00,000 तक
  4. हिमाचल प्रदेश की परमानेंट रेज़िडेंट (स्थाई निवासी)

ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।

यह इस योजना की अपनी शर्तों की लिस्ट है, आपके जवाब कहीं नहीं जाते। पूरे परिवार के लिए, सारी योजनाएँ एक साथ: टूल।

पूरी योजना एक नक़्शे में

विधवा, एकल नारी आवासकिसे मिलती है4 शर्तेंक्या मिलता हैपैसा या मददआवेदन कहाँ1 जगहडॉक्यूमेंट7 डॉक्यूमेंटरुक सकती है अगर2 बातेंइसके साथ नहीं मिलती3 योजनाएँ
किसे मिलती है: 4 शर्तें
  • परिवार में एक महिला हो जो विधवा हो (पति की मौत हो चुकी हो और दोबारा शादी न की हो), या 40 साल या ज़्यादा उम्र की एकल नारी हो: बिना शादी की, या पति से अलग रह रही
  • अपना पक्का मकान न हो: कोई मकान न हो, या कच्चा मकान हो जो टूटी-फूटी हालत में है
  • परिवार की सालाना कमाई, सब साधनों से मिलाकर, ₹3,00,000 तक
  • हिमाचल प्रदेश की परमानेंट रेज़िडेंट (स्थाई निवासी)
क्या मिलता है: पैसा या मदद
  • ₹1.5 लाख की मदद, मकान बनाने के लिए
आवेदन कहाँ: 1 जगह
  • ऑफ़लाइन: फ़ॉर्म (अनुबन्ध-1) पर मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री के दफ़्तर को; फिर ज़िले के डिप्टी कमिश्नर और तहसील कल्याण अधिकारी के ज़रिए जाँच
डॉक्यूमेंट: 7 डॉक्यूमेंट
  • तय फ़ॉर्म (अनुबन्ध-1) पर आवेदन
  • विधवा या एकल नारी होने का सर्टिफ़िकेट, जो सरकार के तय अफ़सर ने दिया हो
  • सालाना कमाई का इनकम सर्टिफ़िकेट (आय प्रमाण पत्र), जो सरकार के तय अफ़सर ने दिया हो
  • जिस ज़मीन पर मकान बनना है, उस पर आपके मालिकाना हक़ का सर्टिफ़िकेट (अनुबन्ध-2 पर), जो राजस्व डिपार्टमेंट के तय अफ़सर ने दिया हो
  • पंचायत सचिव या शहर की लोकल बॉडी (स्थानीय निकाय) के तय अफ़सर का NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) कि आपने किसी और डिपार्टमेंट से मकान के लिए मदद नहीं ली
  • हिमाचल का परमानेंट रेज़िडेंट सर्टिफ़िकेट (स्थाई निवासी प्रमाण पत्र), जो सरकार के तय अफ़सर ने दिया हो
  • बैंक पासबुक की कॉपी और आधार कार्ड की कॉपी
रुक सकती है अगर: 2 बातें
  • दोबारा शादी हो जाए
  • परिवार की कमाई साल में ₹3,00,000 से ऊपर जाए
इसके साथ नहीं मिलती: 3 योजनाएँ

क्या चीज़ इसे रोक सकती है

  • दोबारा शादी हो जाए
  • परिवार की कमाई साल में ₹3,00,000 से ऊपर जाए

यह आपको ख़ुद देखना होगा

ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:

  • राजस्व रिकॉर्ड में कम से कम 2 बिस्वा ज़मीन आपके नाम दर्ज हो, या सरकार ने ज़मीन दी हो। ज़मीन के मालिकाना हक़ का सर्टिफ़िकेट राजस्व डिपार्टमेंट देता है
  • परिवार ने किसी दूसरी योजना में मकान के लिए सरकारी मदद न ली हो और मकान मंज़ूर न हुआ हो। इस योजना की मदद 10 साल में एक ही बार मिलती है (आपदा में मकान तबाह हो जाए तो छूट)

किसके साथ नहीं मिलती

एक इंसान को यह योजना या इनमें से कोई एक ही मिलती है:

आवेदन और स्टेटस

  • ऑफ़लाइन: फ़ॉर्म (अनुबन्ध-1) पर मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री के दफ़्तर को; फिर ज़िले के डिप्टी कमिश्नर और तहसील कल्याण अधिकारी के ज़रिए जाँच

आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।

कहाँ चलती है

UPउत्तर प्रदेशBRबिहारMPमध्य प्रदेशRJराजस्थानMHमहाराष्ट्रGJगुजरातJHझारखंडCGछत्तीसगढ़HRहरियाणाDLदिल्लीUKउत्तराखंडHPहिमाचल प्रदेश: यह योजनाPBपंजाबWBपश्चिम बंगालODओडिशाASअसमKAकर्नाटकTNतमिलनाडुKLकेरलAPआंध्र प्रदेशTSतेलंगानाGAगोवाJKजम्मू और कश्मीरLAलद्दाखARअरुणाचल प्रदेशMNमणिपुरMLमेघालयMZमिज़ोरमNLनागालैंडSKसिक्किमTRत्रिपुराCHचंडीगढ़PYपुडुचेरीANअंडमान और निकोबारDHदादरा नगर हवेली और दमन दीवLDलक्षद्वीप

रंगीन खाना: हिमाचल प्रदेश, जहाँ यह योजना चलती है। हर खाना एक राज्य या UT है, उसकी जगह के आसपास (यह नक़्शा नहीं है, सीमाएँ नहीं दिखाईं)। खाना छूकर राज्य का पेज खोलें।

ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें

  • तय फ़ॉर्म (अनुबन्ध-1) पर आवेदन
  • विधवा या एकल नारी होने का सर्टिफ़िकेट, जो सरकार के तय अफ़सर ने दिया हो
  • सालाना कमाई का इनकम सर्टिफ़िकेट (आय प्रमाण पत्र), जो सरकार के तय अफ़सर ने दिया हो
  • जिस ज़मीन पर मकान बनना है, उस पर आपके मालिकाना हक़ का सर्टिफ़िकेट (अनुबन्ध-2 पर), जो राजस्व डिपार्टमेंट के तय अफ़सर ने दिया हो
  • पंचायत सचिव या शहर की लोकल बॉडी (स्थानीय निकाय) के तय अफ़सर का NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) कि आपने किसी और डिपार्टमेंट से मकान के लिए मदद नहीं ली
  • हिमाचल का परमानेंट रेज़िडेंट सर्टिफ़िकेट (स्थाई निवासी प्रमाण पत्र), जो सरकार के तय अफ़सर ने दिया हो
  • बैंक पासबुक की कॉपी और आधार कार्ड की कॉपी

आवेदन के बाद

पैसा मिलता रहे, इसके लिए

  • मंज़ूरी के बाद एक महीने के अंदर लिखित वादा (वचनबद्धता, अनुबन्ध-4) देना होता है, नहीं तो मंज़ूरी रद्द होकर वेटिंग लिस्ट की अगली हक़दार महिला को मिल सकती है (ऑर्डर)
  • मकान भारी हिमपात वाले इलाक़ों में पहली किस्त से दो साल के अंदर और बाक़ी जगह 18 महीने के अंदर पूरा करना होता है (6 महीने और मिल सकते हैं)। मकान 10 साल तक बेचा या किसी और के नाम नहीं किया जा सकता, और अपनी ज़मीन पर बना हो तो 25 साल तक बेचा नहीं जा सकता। काम पूरा न हो या पैसे का ग़लत इस्तेमाल हो तो रक़म ब्याज समेत वसूली जाती है (ऑर्डर)

स्टेटस का मतलब

  • तहसील कल्याण अधिकारी 45 दिन के अंदर मौक़े पर जाँच करके रिपोर्ट के साथ आवेदन ज़िला कल्याण अधिकारी को भेजता है। मंज़ूरी बजट के हिसाब से मुख्यमंत्री देते हैं (ऑर्डर)

हिमाचल प्रदेश में शिकायत

  • हिमाचल प्रदेश सरकार की साइट पर 'मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100' दी है। (cmsankalp.hp.gov.in; सोर्स: himachal.nic.in, जाँचा: )
  • मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पोर्टल के मुताबिक़ उस पर किसी भी समय शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। (सोर्स: cmsankalp.hp.gov.in, जाँचा: )

शिकायत कहाँ करें

  • सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
  • केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
  • राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
  • शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )

धोखे से बचें

  • ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
  • पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
  • पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
  • कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )

क्या करना होगा

  • तय फ़ॉर्म (अनुबन्ध-1) पर मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री के दफ़्तर को आवेदन। दफ़्तर जाँचकर ज़िले के डिप्टी कमिश्नर को भेजता है और तहसील कल्याण अधिकारी मौक़े पर जाँच करता है
  • मकान कम से कम 180 स्क्वेयर फ़ुट प्लिंथ एरिया का बनाना होता है, जिसमें एक कमरा, रसोई, बाथरूम और टॉयलेट ज़रूरी हैं। मंज़ूर रक़म का कम से कम 25% अपने हिस्से से नकद, सामान या मेहनत के रूप में लगाना होता है

और ज़रूरी बातें

  • रक़म दो बराबर किस्तों में बचत खाते में आती है: पहली किस्त प्लिंथ लेवल तक काम होने के बाद, दूसरी छत और टॉयलेट का काम पूरा होने का सर्टिफ़िकेट और जाँच रिपोर्ट मिलने के बाद
  • मंज़ूरी में पहले उन्हें गिना जाता है जिनका मकान आग, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदा में तबाह हो गया, फिर 40% से ज़्यादा दिव्यांग महिलाओं को, फिर बाक़ी हक़दार को
  • एकल नारी में वे महिलाएँ भी गिनी गई हैं जिनके पति पिछले सात साल से लापता हैं, या जो अभी माता-पिता के साथ रह रही हैं। फ़ॉर्म यह नहीं पूछता, इसलिए ऐसी शादीशुदा महिला को यहाँ 'नहीं' दिखेगा। वह ऑफ़िस से पूछ ले। 40 साल की उम्र में छूट मुख्यमंत्री दे सकते हैं
  • मुख्यमंत्री की 1 अक्टूबर 2025 की प्रेस रिलीज़ में विधवा और एकल महिलाओं को मकान के लिए ₹3 लाख देने की बात है, जबकि 3 फ़रवरी 2024 के ऑर्डर में ₹1,50,000 है। ₹3 लाख का कोई ऑर्डर हमें नहीं मिला
  • ऑर्डर के मुताबिक़ जिस परिवार ने किसी दूसरी योजना में मकान बनाने के लिए सरकारी मदद ली हो, या जिसका मकान मंज़ूर हो चुका हो, उसे यह मदद नहीं मिलती। इसलिए परिवार के लिए स्वर्ण जयंती आश्रय योजना, PMAY-G या PMAY-U (अपनी ज़मीन पर मकान बनाना) भी बने, तो हम इनमें से एक ही दिखाते हैं
  • यह मदद मकान बनाने के लिए है और काम के साथ किस्तों में आती है, इसलिए इसे 'कुल, एक साल में' वाले पैसे में नहीं जोड़ा

क्या बदला

  • 3 फ़रवरी 2024: 3 फ़रवरी 2024 के नोटिफ़िकेशन से 'मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना, 2023' और उसकी SOP लागू हुई: मकान के लिए ₹1,50,000 (स्कैन, पढ़कर लिखा) (सोर्स)

इससे जुड़ी योजनाएँ

किस मौक़े पर काम आती है: पति या पत्नी की मौत।

हिमाचल प्रदेश की सभी योजनाएँ: हिमाचल प्रदेश की योजनाएँ।

अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।

सोर्स

  1. Mukhya Mantri Vidhwa Evam Ekal Nari Awas Yojana, 2023 (Annexure-A to notification SJE-B-F(1)3/2023)
    Social Justice and Empowerment Department, Government of Himachal Pradesh (Branch B), 3 फ़रवरी 2024
  2. Press release: Rogi Mitra scheme for elderly; pension to 6.71 lakh elderly (No. 1130/2025)
    Department of Information and Public Relations, Government of Himachal Pradesh, 1 अक्टूबर 2025

ये नियम सरकारी रिकॉर्ड से को जाँचे गए। सभी योजनाओं में क्या बदला: बदलाव का पेज।