हाई सपोर्ट नीड्स वाले बेंचमार्क दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक मदद, दिल्ली (हर महीने ₹6,000)
₹6,000 महीना। किसे: बेंचमार्क दिव्यांगता, यानी किसी तय दिव्यांगता का कम से कम 40% होना (नोटिफ़िकेशन में यही मतलब लिखा है), सरकारी कर्मचारी न हों, परिवार की सालाना कमाई ₹1,00,000 तक और 1 और शर्त।

किसने लिखा: योजना चेक (PAV Technologies)। नियम सरकारी रिकॉर्ड से, AI सॉफ़्टवेयर की मदद से लिखे गए हैं, और हर नियम परिवारों के एग्ज़ाम्पल से जाँचा जाता है (अभी 1,980 परिवार, जिनके 2,367 जवाब सरकारी रिकॉर्ड से हाथ से निकालकर टूल से मिलाए जाते हैं)। सरकारी रिकॉर्ड से जाँचा: । हम नियम कैसे लिखते हैं
स्टेटस: योजना 15 सितंबर 2025 की गज़ट नोटिफ़िकेशन (दिल्ली गज़ट असाधारण, नंबर 273) से चलती है। नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ यह रक़म 'दिव्यांग पेंशन' (विशेष ज़रूरत वाले लोगों की मदद) के ऊपर से मिलती है।
एक नज़र में
- ₹6,000महीना
- 4शर्तें
- 4डॉक्यूमेंट
- ऑनलाइन और ऑफ़लाइनआवेदन
- चल रही हैयोजना का हाल
क्या मिलता है
₹6,000 महीना (सोर्स)
पैसा कैसे आता है: मंज़ूरी वाले महीने से हर महीने, आधार पेमेंट ब्रिज (PFMS) के ज़रिए
परिवार में जो भी शर्तें पूरी करे, उसे यह अलग से मिलती है।
कितना पैसा बनता है
₹72,000 12 महीने में
किसे मिलती है
ये सारी बातें सही होनी चाहिए:
- बेंचमार्क दिव्यांगता, यानी किसी तय दिव्यांगता का कम से कम 40% होना (नोटिफ़िकेशन में यही मतलब लिखा है)
- सरकारी कर्मचारी न हों
- परिवार की सालाना कमाई ₹1,00,000 तक। यहाँ परिवार का मतलब माँ-बाप (माँ-बाप न हों तो नाबालिग, बिना शादी वाले, बेरोज़गार दिव्यांग के क़ानूनी गार्जियन), और शादीशुदा दिव्यांग के लिए पति या पत्नी और उन पर पूरी तरह निर्भर नाबालिग या दिव्यांग बड़े बच्चे हैं। फ़ॉर्म पूरे घर की कमाई पूछता है, इसलिए ऊपर होने पर 'शायद' दिखता है, 'नहीं' नहीं
- कम से कम 5 साल से दिल्ली में रह रहे हों
ख़ुद जाँचें: हर शर्त पर हाँ या नहीं
- बेंचमार्क दिव्यांगता, यानी किसी तय दिव्यांगता का कम से कम 40% होना (नोटिफ़िकेशन में यही मतलब लिखा है)
- सरकारी कर्मचारी न हों
- परिवार की सालाना कमाई ₹1,00,000 तक
- कम से कम 5 साल से दिल्ली में रह रहे हों
ऊपर हर शर्त पर हाँ, नहीं या पता नहीं चुनें।
पूरी योजना एक नक़्शे में
किसे मिलती है: 4 शर्तें
- बेंचमार्क दिव्यांगता, यानी किसी तय दिव्यांगता का कम से कम 40% होना (नोटिफ़िकेशन में यही मतलब लिखा है)
- सरकारी कर्मचारी न हों
- परिवार की सालाना कमाई ₹1,00,000 तक
- कम से कम 5 साल से दिल्ली में रह रहे हों
क्या मिलता है: ₹6,000 महीना
- ₹6,000 महीना
आवेदन कहाँ: 2 जगहें
- ऑनलाइन: edistrict.delhigovt.nic.in
- ऑफ़लाइन: ज़िला सोशल वेलफ़ेयर ऑफ़िस
डॉक्यूमेंट: 4 डॉक्यूमेंट
- दिल्ली में कम से कम 5 साल रहने का सबूत, कोई एक: राशन कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, MCD या रजिस्ट्रार का बर्थ सर्टिफ़िकेट, बिजली, पानी या फ़ोन का बिल, गैस कनेक्शन की रसीद, बैंक या पोस्ट ऑफ़िस पासबुक, दिल्ली का जारी जाति प्रमाण पत्र, रजिस्टर्ड बिक्री का काग़ज़ या किराया क़रारनामा
- परिवार की सालाना कमाई का सेल्फ़ डिक्लेरेशन
- दिल्ली के किसी बैंक में खाता (अकेले का या जॉइंट), जिससे PFMS के ज़रिए पेमेंट आ सके
- आवेदन करने वाले की एक पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
रुक सकती है अगर: 3 बातें
- सरकारी नौकरी मिल जाए
- परिवार की कमाई साल में ₹1,00,000 से ऊपर जाए
- दिल्ली में 5 साल से कम रहे हों
क्या चीज़ इसे रोक सकती है
- सरकारी नौकरी मिल जाए
- परिवार की कमाई साल में ₹1,00,000 से ऊपर जाए
- दिल्ली में 5 साल से कम रहे हों
यह आपको ख़ुद देखना होगा
ये बातें हमारा टूल नहीं जाँच सकता। जब तक ये पक्की न हों, जवाब "शायद" रहेगा:
- हेल्थ डिपार्टमेंट के असेसमेंट बोर्ड ने हाई सपोर्ट की ज़रूरत का स्कोर 60 से 100 दिया हो। यह जाँच बोर्ड करता है, फ़ॉर्म से नहीं हो सकती
- नोटिफ़ाइड अथॉरिटी का दिया दिव्यांगता का परमानेंट सर्टिफ़िकेट हो, और आधार कार्ड पर दिल्ली का पता हो
किसके साथ नहीं मिलती
एक इंसान को यह योजना या इनमें से कोई एक ही मिलती है:
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन (IGNOAPS): केंद्र का हिस्सा
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन (IGNWPS): केंद्र का हिस्सा
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन (IGNDPS): केंद्र का हिस्सा
- मिशन वात्सल्य: स्पॉन्सरशिप (बच्चे के लिए ₹4,000 महीना)
- बुज़ुर्ग पेंशन (ओल्ड एज असिस्टेंस स्कीम), दिल्ली
- विधवा पेंशन (संकट में पड़ी महिलाओं की पेंशन), दिल्ली
आवेदन और स्टेटस
- ऑनलाइन आवेदन: edistrict.delhigovt.nic.in
- ऑफ़लाइन: ज़िला सोशल वेलफ़ेयर ऑफ़िस
आवेदन ऊपर लिखी जगह पर ही करें। योजना चेक कोई आवेदन, फ़ीस, आधार या बैंक की जानकारी नहीं लेता।
कहाँ चलती है
ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
- दिल्ली में कम से कम 5 साल रहने का सबूत, कोई एक: राशन कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, MCD या रजिस्ट्रार का बर्थ सर्टिफ़िकेट, बिजली, पानी या फ़ोन का बिल, गैस कनेक्शन की रसीद, बैंक या पोस्ट ऑफ़िस पासबुक, दिल्ली का जारी जाति प्रमाण पत्र, रजिस्टर्ड बिक्री का काग़ज़ या किराया क़रारनामा। कोई काग़ज़ न हो तो किसी गज़टेड अफ़सर का बयान, अपने ID की कॉपी के साथ
- परिवार की सालाना कमाई का सेल्फ़ डिक्लेरेशन
- दिल्ली के किसी बैंक में खाता (अकेले का या जॉइंट), जिससे PFMS के ज़रिए पेमेंट आ सके
- आवेदन करने वाले की एक पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
आवेदन के बाद
शिकायत
- शिकायत हो तो डायरेक्टर, सोशल वेलफ़ेयर को अपील कर सकते हैं। उनका फ़ैसला आख़िरी होता है
पैसा मिलता रहे, इसके लिए
- हर उस व्यक्ति से हर साल लाइफ़ सर्टिफ़िकेट लिया जाता है जिसे यह पैसा मिलता है। यह ज़िला दफ़्तर का स्टाफ़ घर जाकर भी ले सकता है
स्टेटस का मतलब
- असेसमेंट बोर्ड 90 दिन के अंदर जाँच पूरी करता है और बोर्ड की रिपोर्ट पोर्टल पर आने के 15 दिन के अंदर मंज़ूरी जारी होनी चाहिए
दिल्ली में शिकायत
- दिल्ली सरकार का शिकायत पोर्टल PGMS है। दिल्ली सरकार के मुताबिक़ यह एक ही पोर्टल दिल्ली सरकार के सभी डिपार्टमेंट से जुड़ा है। (सोर्स: pgms.delhi.gov.in, जाँचा: )
शिकायत कहाँ करें
- सरकारी सर्विस से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर 24 घंटे, हर दिन की जा सकती है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- केंद्र सरकार की योजना चलाने का काम राज्य सरकार करती हो, तब भी CPGRAMS की गाइडलाइन के मुताबिक़ उसकी शिकायत केंद्र का वही मंत्रालय देखता है, जिसकी वह योजना है। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- राज्य सरकार या UT के काम की शिकायत CPGRAMS पर डालें, तो वह उसी राज्य या UT की सरकार को भेज दी जाती है। CPGRAMS के मुताबिक़ आप अपनी शिकायत के बारे में उस राज्य सरकार से सीधे भी पूछ सकते हैं। (सोर्स: pgportal.gov.in, जाँचा: )
- शिकायत दर्ज होने पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। CPGRAMS के मुताबिक़ उसी नंबर से शिकायत का स्टेटस देखा जा सकता है। (pgportal.gov.in; सोर्स, जाँचा: )
धोखे से बचें
- ऑनलाइन पैसे की ठगी हो जाए, तो RBI के मुताबिक़ तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर फ़ोन करें। (cybercrime.gov.in; सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- पेमेंट रिलीज़ कराने या क्लेम पास कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो न दें। PFMS ख़ुद लिखता है कि वह पेमेंट प्रोसेस करने के लिए किसी से पैसा नहीं माँगता। (सोर्स: pfms.gov.in, जाँचा: )
- पैसा पाने के लिए कहीं भी PIN या पासवर्ड डालने की ज़रूरत नहीं होती (RBI)। कोई ऐसा करने को कहे, तो रुकें: यह ठगी का तरीक़ा हो सकता है। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
- कोई ऐप अनजान जगह से, या किसी अनजान आदमी के कहने पर डाउनलोड न करें। SMS, ईमेल, सोशल मीडिया या WhatsApp जैसे मैसेंजर पर आई ऐप की APK फ़ाइल या लिंक भी इंस्टॉल न करें (RBI)। (सोर्स: rbi.org.in, जाँचा: )
और ज़रूरी बातें
- नोटिफ़िकेशन कहता है कि यह ₹6,000 'विशेष ज़रूरत वाले लोगों की मदद' वाली दिव्यांग पेंशन के ऊपर से मिलता है। और यह भी कि इस योजना का फ़ायदा पाने वाले भारत सरकार या दिल्ली सरकार की हर महीने पैसे देने वाली किसी और योजना का फ़ायदा नहीं ले सकते, सिवाय दिव्यांग पेंशन और नेशनल फ़ैमिली बेनिफ़िट स्कीम के
- इसलिए एक ही व्यक्ति के लिए दिल्ली की बुज़ुर्ग पेंशन (ओल्ड एज असिस्टेंस) या विधवा पेंशन, केंद्र की NSAP पेंशन (बुज़ुर्ग, विधवा या दिव्यांग), या मिशन वात्सल्य की स्पॉन्सरशिप भी बने, तो हम इनमें से एक ही गिनते हैं। दिल्ली की दिव्यांग पेंशन (विशेष ज़रूरत वाले लोगों की मदद) इसके साथ मिलती है
- गज़ट में यह नहीं लिखा कि कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफ़ेयर बोर्ड की पेंशन भी इस रोक में आती है या नहीं। दोनों बनें तो ज़िला सोशल वेलफ़ेयर ऑफ़िस से पूछें
क्या बदला
- 15 सितंबर 2025: 15 सितंबर 2025 की गज़ट नोटिफ़िकेशन (19 सितंबर 2025 को दस्तख़त) से योजना शुरू हुई: हाई सपोर्ट नीड्स वाले बेंचमार्क दिव्यांगजनों को हर महीने ₹6,000 (सोर्स)
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किस मौक़े पर काम आती है: दिव्यांगता।
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अपने परिवार के लिए जाँचें: टूल आपके परिवार के लिए केंद्र की और आपके राज्य की योजनाएँ एक साथ जाँचता है।